राजधानी
ओमकार हॉस्पिटल पर ईलाज के नाम पर वसूली, मरीज को बंधक बनाकर डराने-धमकाने की शिकायत
इधर स्वास्थ्य मंत्री राज्योत्सव में भाषण देते रहे ,उधर जिला अस्पताल से मरीजों कों नीजी अस्पताल में भेजनें का शर्मनाक खेल चलता रहा
बलौदाबाजार:-
जिले के चर्चित ओमकार हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में है। इलाज के नाम पर गरीब मरीजों से जबरन रुपए वसूलने, डराने-धमकाने और यहां तक कि मरीज को बंधक बनाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह ताजा मामला जिला बिलासपुर के ग्राम बसंतपुर निवासी गोरेलाल पटेल द्वारा जिला कलेक्टर बलौदाबाजार भाटापारा को दिए गए लिखित आवेदन के माध्यम से उजागर हुआ है। आवेदक गोरेलाल पटेल ने बताया कि उसका पुत्र शम्भू पटेल दिनांक 2 नवम्बर (रविवार) की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच पनगाँव बायपास के पास सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन घायल को तत्काल जिला अस्पताल बलौदाबाजार लेकर पहुँचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद कर्मचारियों ने यह कहकर मरीज को बाहर ले जाने की सलाह दी कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। इसी दौरान अस्पताल परिसर में खड़ी एक निजी एम्बुलेंस के चालक ने उन्हें ओमकार हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी और कहा कि वहाँ आयुष्मान कार्ड से बेहतर इलाज होता है। मजबूरी में परिजन उसी एम्बुलेंस से घायल को ओमकार हॉस्पिटल ले गए।
आवेदक के अनुसार, हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक्सरे आदि किया और रातभर मरीज को भर्ती रखा। अगले दिन सुबह बताया गया कि जबड़ा टूट गया है और ऑपरेशन करना पड़ेगा, जिसकी लागत डेढ़ से दो लाख रुपए बताई गई। गरीब परिवार होने के कारण जब उन्होंने ऑपरेशन से इंकार करते हुए डिस्चार्ज मांगा, तो डॉक्टरों ने बेहद अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया। पीड़ित के लिखित शिकायत आवेदन के अनुसार डॉक्टर ने कथित रूप से कहा कि ये होटल का भजिया नहीं है कि तुम बोलोगे और हो जाएगा। तुम लोग अपनी मर्जी से आए हो, जाओगे हमारी मर्जी से।
इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से कई जगह कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए और बाद में बाउंसरों के जरिए मरीज के परिजनों को बाहर निकाल दिया। घायल शम्भू पटेल को ऑक्सीजन और पाइप लगाकर कमरे में बंद कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन अब 80 हजार की मांग कर रहा है और पैसे दिए बिना मरीज को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ओमकार हॉस्पिटल के खिलाफ इससे पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, लेकिन अब तक उस जांच का कोई ठोस परिणाम सार्वजनिक नहीं हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि निजी अस्पतालों की मनमानी और गरीबों के शोषण पर नियंत्रण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मामले की शिकायत सामने आने के बाद जिला कलेक्टर बलौदाबाजार भाटापारा ने मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश जारी करते हुए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों की संयुक्त टीम जांच में जुट गई है।
जिला अस्पताल व एम्बुलेंस नेटवर्क पर भी उठे सवाल
इस प्रकरण ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों को डॉक्टर नहीं है कहकर बाहर भेज देना और फिर अस्पताल परिसर से ही निजी एम्बुलेंस द्वारा महंगे निजी अस्पतालों में भेजना, संभावित मिलीभगत का संकेत देता है। आवेदक ने अपने पत्र में इसे सुनियोजित नेटवर्क बताया है, जो गरीब व असहाय मरीजों को फंसाने का काम करता है।
यह घटना स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। जब सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध नहीं होता और निजी अस्पताल इसे अवसर बनाकर गरीबों का आर्थिक व मानसिक शोषण करते हैं, तो यह केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे समाज का दर्द बन जाता है। कलेक्टर की जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार अब जिलेभर में किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ओमकार हॉस्पिटल के ऊपर लगे इस आरोप के पीछे कितनी सच्चाई है और कितनी गहराई तक यह नेटवर्क फैला हुआ है।
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को नहीं मिली जगह:
सूरजपुर
सूरजपुर में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को मंच पर उचित स्थान नहीं मिल पाया।
मंच पर दो-तीन कर्मचारी तस्वीर को पकड़कर खड़े रहे। नृत्य प्रस्तुतियों के दौरान यह तस्वीर हिलती-डुलती भी रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई।
इसके अतिरिक्त, प्रशासन भीड़ जुटाने में भी असफल रहा। भीड़ कम होने के कारण आयोजकों को टेंट पंडाल का आकार छोटा करना पड़ा।
इन लापरवाहियों को लेकर आमजन में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
रायपुर में मिला गौ मांस….गौ-सेवकों ने लगाया तस्करी का आरोप:
रायपुर
राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में गौ मांस मिलने से हड़कंप मच गया। गौ-सेवकों ने आरोप लगाया कि इलाके में गौ मांस की तस्करी की जा रही है। वहीं विधानसभा थाना को इस घटना की सूचना दी।
सूचना पर पुलिस ने मौके से एक चारपहिया वाहन और गौ मांस के अवशेष जब्त किए हैं। विधानसभा थाना की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
ग्राम छपोरा के भगवान दास गेन्डरे ने विधानसभा थाने में शिकायत की थी। रिपोर्ट में बताया कि उसने 1 नवंबर को गौवंश को गांव में चरने के लिए छोड़ा था, लेकिन वो रात में वापस नहीं आई। काफी तलाश करने के बाद भी गौवंश का कोई पता नहीं चल सका।
दूसरे दिन भगवान दास ने गांव के लोगों से गौ वंश को लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसकी गौवंश को इंदर चंद लहरी ने काट डाला और उसके मांस को बेच दिया। इसके बाद भगवान दास थाना पहुंचा और इंदर चंद के खिलाफ शिकायत की।
उसने बताया कि इंदर चंद गौ वंश काट डाला और उसके मांस को बेच दिया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाय की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके बाद आरोपी ने बिना अनुमति के उसका मांस काटा था आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में इसकी पुष्टि की है। गौ वंश मालिक की शिकायत पर पुलिस आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर ली है। पूरे मामले का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे।
पंथी,राउतनाचा,सुवा-कर्मा बलौदाबाजार के राज्योत्सव कार्यक्रम से गायब
स्थानीय कलाकारों में नाराजगी
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
बलौदाबाजार
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के रजत जयंती वर्ष में भी जिले की कला-संस्कृति की अनदेखी होना जिलेवासियों के लिए आक्रोश का विषय बन गया है। 2 से 4 नवंबर तक चल रहे तीन दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ आज बलौदाबाजार के चक्रपाणी स्कूल मैदान में धूमधाम से होने वाला है लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की रुपरेखा में मंच पर स्थानीय कलाकारों की अनुपस्थिति ने सांस्कृतिक जगत में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।
प्रदेश के लोक कलाकार एवं प्रदेश सहसचिव दिलीप नवरंगे ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने कलाकारों का अपमान किया है। जनपद पंचायत सीईओ के माध्यम से आवेदन मंगवाए गए, लेकिन किसी भी स्थानीय पंथी, राउतनाचा सुवा कर्मा इत्यादि कलाकार को मौका नहीं दिया गया। यह निर्णय जिले के कला समुदाय के मुंह पर तमाचे जैसा है।
नवरंगे ने तीखे शब्दों में कहा कि बलौदाबाजार जिला पंथी, सुवा, कर्मा, जगराता, राउत नाचा, आदिवासी नृत्य, लोक मंच, फिल्म इंडस्ट्री, आकाशवाणी और दूरदर्शन से जुड़े सैकड़ों प्रतिभाशाली कलाकारों की धरती है। सतनाम के प्रवर्तक गुरु घासीदास बाबा का जन्मस्थल और कबीर साहेब की समाधीस्थल दामाखेड़ा जैसे सांस्कृतिक धरोहर वाले जिले में एक भी पंथी कलाकार को मंच न देना असंवेदनशील और निंदनीय है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब दो कलाकारों को तीन-तीन दिन का मंच दिया गया और स्थानीय परम्परागत प्रस्तुति वाले कलाकारों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया, तब स्पष्ट हो गया कि प्रशासन की नीयत पर खोट है। यह आयोजन अब राज्योत्सव नहीं, बल्कि अपनों की उपेक्षा का उत्सव बनकर रह गया है। जिले के कई सांस्कृतिक संगठनों और कलाकारों ने भी नवरंगे के बयान का समर्थन करते हुए प्रशासन से सवाल उठाया है क्या राज्योत्सव का उद्देश्य प्रदेश की लोक संस्कृति को मंच देना नहीं है? फिर क्यों जिला स्तर पर बाहरी कलाकारों को तरजीह दी जा रही है? स्थानीय कलाकारों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी कार्यक्रमों में क्षेत्रीय कलाकारों को सम्मानजनक अवसर नहीं मिला, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस आवाज़ को सुनेगा या बलौदाबाजार की लोक संस्कृति इसी तरह उपेक्षा की आग में जलती रहेगी।
मेकाहारा में एक बेड पर दो प्रसूताएं, हाईकोर्ट ने जताई चिंता
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में एक ही बेड पर दो प्रसूताओं को रखने की घटना को हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर चिंता जताई है। 150 बिस्तर वाले गायनी वार्ड में 29 अक्टूबर को यहां बेड फुल हो गया था।
इसके चलते वार्ड नंबर 5 और 6 में एक-एक बेड पर दो-दो प्रसूताओं को रखा गया। बच्चों को साथ लिए प्रसूताओं ने बेड के एक-एक हिस्से को सिरहाना बनाया गया था।
हाईकोर्ट कोर्ट के मुताबिक एक बेड पर दो प्रसूता को रखना बेहद खराब हालत है। प्रसूताओं की गोपनीयता, स्वच्छता और गरिमा की रक्षा जरूरी है। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है। वहीं अस्पतालों में किट और रीजेंट की कमी पर CG-MSC के एमडी को जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में औसतन हर घंटे में एक डिलीवरी होती है, यानी हर दिन सिजेरियन और नॉर्मल को मिलाकर लगभग 24 डिलीवरी हो रही हैं।
मेकाहारा अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में का 150 बेड है। 29 अक्टूबर को सभी बेड फुल हो गया था। ऐसे में वार्ड नंबर 5 और 6 में दो गर्भवती महिलाओं को एक ही बेड पर एडमिट करना पड़ा।
हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अंबेडकर हॉस्पिटल में दूसरे जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों समेत पूरे प्रदेश से मरीज रेफर किए जाते हैं। किसी को मना नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि भर्ती प्रसूताओं की संख्या बढ़ जाती है। बेड की कमी को देखते हुए मातृ-शिशु अस्पताल बनाया जा रहा है।
रायपुर के ब्लू वाटर में 10वीं के दो छात्र डूबे:
रायपुर
रायपुर के ब्लू वाटर में दो छात्र डूब गए। बताया जा रहा है कि दोनों 10वीं कक्षा के छात्र हैं। 9 छात्रों का एक ग्रुप क्लास बंक कर ब्लू वाटर पॉइंट घूमने आए थे। नहाने के दौरान दो छात्र गहरे पानी में डूब गए।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे, टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले 9 छात्रों का एक ग्रुप ने स्कूल बंक कर ब्लू वाटर घूमने का प्लान बनाया। सभी बच्चे इसके लिए तैयार हो गए। सभी बच्चे स्कूल बंक करके स्कूल यूनिफार्म में ब्लू वाटर घूमने निकल गए।
इसमें मृदुल वंजारिया, जयेश साहू, आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज सोनवाने, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल थे।
इसी बीच दो छात्र जयेश साहू और मृदुल वंजारिया ब्लू वाटर में नहाने उतरे। नहाने के दौरान जयेश और मृदुल गहरे पानी में चले गए और डूब गए। उनके दोस्तों ने जब उन्हें पानी में डूबता देखा, तो शोर मचाया और आसपास के लोगों से मदद मांगी। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन शाम 6 बजे तक अंधेरा होने की वजह से दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला। एसडीआरएफ की टीम दोनों छात्रों की तलाशने कल सुबह 8 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करेगी।।
रेलवे की जमीन या निजी संपत्ति? चांपा में कब्जे को लेकर मचा बवाल सहिस मोहल्ला बना विवाद का केंद्र, रेलवे नोटिस से मचा हड़कंप
जांजगीर चांपा:-
जांजगीर-चांपा जिला के चांपा नगर के भोजपुर स्थित सहिस मोहल्ला में रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मोहल्ले के रहवासी जहां रजनी भगत पर रेलवे की भूमि पर अवैध निर्माण और कब्ज़ा करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं रजनी भगत ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठा दिए हैं। मोहल्लेवासियों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में उल्लेख किया है कि जिस स्थान पर कब्जा किया जा रहा है, वहां वर्षों से सांस्कृतिक कार्यक्रम, दुर्गा पूजा और बच्चों के खेलकूद जैसी सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती रही हैं। ऐसे में उस स्थल पर कब्जा किया जाना पूरे मोहल्ले के लिए चिंता का विषय है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि रजनी भगत द्वारा इससे पूर्व भी उक्त स्थान पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी, जिसे रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई कर हटाया था। बावजूद इसके, दोबारा कब्जे की नियत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।


रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया है। 18 अक्टूबर को रेलवे ने शबीना भगत को नोटिस भेजते हुए सात दिनों के भीतर रेलवे भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर रेलवे प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा और इसके दौरान हुए किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारी की होगी।
क्या कहते हैं जमीन के हकदार जानते हैं उन्हें की जुबानी
भूमि स्वामी सबीना भगत ने कहा कि अपने ही जमीन पर कब्जा करना पढ़ रहा है भारी वैध दस्तावेज के बावजूद भी प्रशासन नोटिस देकर हमारी छवि को धूमिल कर रहे हैं और साथ ही साथ परेशान भी कर रहे हैं , जमीन मालिक ने आगे हमारे संवाददाता से बात की जिसमें कहा कि मेरे दुवारा किसी भी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा नहीं किया है, खरीदी बिक्री के माध्यम से यह जमीन खरीदी किया गया है जिसका वैध दस्तावेज मेरे पास मौजूद है, लेकिन कुछ रसूखदार और क्षेत्रीय लोगों के दबाव के कारण रेलवे के द्वारा इस प्रकार का नोटिस भेजा गया है जो अनुचित है ,मेरे पास जमीन का वैध दस्तावेज b1 नक्शा खसरा साथ ही साथ जमीन की पर्ची भी है जिसे शासन प्रशासन के दुवारा जारी किया गया है जिसे अनदेखा करते हुए दबाव पूर्व नोटिस भेजा गया है जो की अनुचित है, बता दे चंपा क्षेत्र में कई ऐसे बड़े रसूखदार है जिन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है ,और मुझे महिला समझकर इस प्रकार की प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है जो की अनुचित है सरकार को चाहिए कि संपूर्ण रूप से जांच पड़ताल करने के बाद कार्यवाही करें।
हालांकि, रजनी भगत का कहना है कि उन्होंने किसी भी रेलवे भूमि पर कब्जा नहीं किया है और न ही वहां उनकी कोई संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सत्यापन किए रेलवे अधिकारियों ने उन्हें अनुचित रूप से नोटिस भेजा है, जो प्रशासनिक लापरवाही का परिचायक है।

दूसरी ओर, शबीना भगत ने स्वयं को उक्त भूमि की वैध स्वामिनी बताते हुए रेलवे मंडल प्रबंधक बिलासपुर को एक विस्तृत आवेदन दिया है। अपने आवेदन में उन्होंने कहा है कि उनके द्वारा रेलवे के निकट की 28.25 डिसमिल भूमि उसके भूमिस्वामी से वैध रूप से खरीदी गयी है जहाँ पर निर्माण सामग्री रखी गई थी, जिसे कुछ स्थानीय रसूखदारों और कथित रेलवे कर्मचारियों ने मिलकर क्षति पहुंचाई। उन्होंने लगभग 7 लाख की निर्माण सामग्री के नुकसान का दावा करते हुए इसकी भरपाई की मांग की है। शबीना ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में पहले से कई लोग रेलवे भूमि पर मकान, दुकान और होटल बनाकर बैठे हैं, मगर उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, एक आदिवासी महिला होने के नाते उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जो उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में सच्चाई सामने लाने के लिए रेलवे प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी पर कार्रवाई करना न केवल प्रशासनिक असंतुलन पैदा करता है, बल्कि निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों का भी उल्लंघन है। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को उजागर करता है या फिर यह विवाद भी अन्य अतिक्रमण मामलों की तरह फाइलों में ही दफन हो जाएगा।
नगर के ऐतिहासिक सिद्धेश्वर मंदिर में पुन्नी मेले की तैयारियाँ जोरों पर श्रद्धा, आस्था और व्यवस्था का संगम बनेगा पलारी का पुन्नी मेला
गोविंद राम ब्यूरो चीफ
पलारी;नगर के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक पुन्नी मेला पूरे श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर नगर प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम दीपक निकुंज ने नगर के जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों की एक विस्तृत बैठक लेकर मेला आयोजन की सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ-सफाई, बिजली, पेयजल, यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा एवं पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
एसडीएम निकुंज ने कहा कि “पुन्नी मेला पलारी नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें।”
इसी क्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष गोपी साहू ने पार्षदगणों, नगर कर्मचारियों एवं अधिकारियों के साथ मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल की साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालय, लाइटिंग एवं श्रद्धालुओं के आवागमन के मार्गों की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि “श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि मेला सफल और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो।”
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग, पैदल मार्ग की सफाई, लाइटिंग व्यवस्था तथा ठहरने के लिए नगर भवन, कुर्मी भवन, धीवर भवन एवं साहू भवन को चुना गया है। कार्तिक स्नान के अवसर पर तालाब तट पर पर्याप्त रोशनी, चेंजिंग रूम और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से लाल बिल्डिंग को नियंत्रण केंद्र (कंट्रोल रूम) बनाया गया है, जहाँ से पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मेला क्षेत्र की सतत निगरानी करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार शिविर लगाया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
इस अवसर पर नगर उपाध्यक्ष पिंटू वर्मा, सीएमओ मनोज बंजारा, इंजीनियर पोषण लाल साहू, पार्षद लेखु वर्मा, नारायण धीवर, नेमसिंह बांधे, भोला वर्मा, पुनीत निषाद, शेरखान, पुनीत रजक, संतोष वर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
नगर पंचायत अध्यक्ष गोपी साहू ने बताया कि “पुन्नी मेला पलारी की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु सिद्धेश्वर महादेव के दर्शन और कार्तिक स्नान हेतु नगर में पहुंचते हैं। नगर प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार का मेला स्वच्छ, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो।”
पलारी नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखें, ताकि यह पारंपरिक मेला श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन सके
बलौदाबाजार के गैस वितरकों ने पेट्रोलियम मंत्रालय के नाम कलेक्टर कों सौंपा ज्ञापन सेवा शुल्क में वृद्धि नहीं तो एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन
गोविन्द राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार:-
जिले के सभी गैस एजेंसी संचालकों ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के नाम जिला कलेक्टर बलौदाबाजार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने सरकार से डिलीवरी प्रभार एवं प्रशासकीय शुल्क में 75 रूपये की वृद्धि की तत्काल मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो देशभर के वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन द्वारा 19 अप्रैल 2025 को आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुसार, वितरकों ने बताया कि वर्ष 2019 तक हर वर्ष नियमित रूप से डिलीवरी चार्ज और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज बढ़ाए जाते थे, किन्तु कोविड-19 के बाद से इस पर कोई समुचित निर्णय नहीं लिया गया है। 2022 में जो थोड़ी बहुत वृद्धि हुई, वह महंगाई की दर और लागत मूल्य के अनुपात में बेहद नगण्य थी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जहां एक ओर सरकारी अधिकारी एवं तेल कंपनियों के कर्मचारी हर साल महंगाई भत्ता का लाभ ले रहे हैं, वहीं एलपीजी वितरकों के शुल्क में दो वर्षों से कोई वृद्धि नहीं की गई है। इससे वितरकों का जीवन-यापन संकट में पड़ गया है और उनके कर्मचारियों को वेतन देना तक मुश्किल हो गया है।
एलपीजी वितरक संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने 17 अक्टूबर को ज़ूम मीटिंग के माध्यम से आंदोलन का निर्णय लिया, जिसके तहत वितरकों ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय की है जिसमें 24 अक्टूबर 2025 से सभी वितरक और उनके कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।
29 अक्टूबर 2025 को देशभर में वितरक मोमबत्ती और मशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। 5 नवंबर 2025 को नो मनी – नो इंडेंट अभियान के तहत वितरक कोई भी नया ऑर्डर नहीं लेंगे और तेल कंपनियों के अकाउंट में राशि जमा नहीं करेंगे। यदि सरकार ने तब भी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए विवश होंगे।
ज्ञापन में वितरकों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि ऑयल कंपनियों के कुछ अधिकारी वितरकों पर अनैतिक दबाव डालते हैं, जिसके चलते कई वितरक मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। वितरकों ने सरकार से अपील की है कि डिनोबा समिति की सिफारिशों के अनुरूप, उनकी लागत एवं वर्तमान महंगाई को ध्यान में रखते हुए होम डिलीवरी और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज में 75 रूपये की वृद्धि की जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि भारत सरकार ने इस पर सहानुभूतिपूर्वक और तत्काल निर्णय नहीं लिया, तो एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन देशभर में आंदोलन को और तेज करेगा। ज्ञापन में वितरकों का यह दो टूक संदेश दर्ज है कि सरकार यदि हमें हमारी लागत के अनुसार सेवा शुल्क नहीं देती, तो आंदोलन के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। यदि बढ़ती महंगाई, संचालन लागत और प्रशासनिक खर्चों के अनुपात में वर्षों से नहीं बढ़े शुल्कों को लेकर एलपीजी वितरकों का यह आंदोलन देशव्यापी असर डाल सकता है। यदि एलपीजी वितरक हड़ताल पर जाते हैं तो गैस उपभोक्ताओं के सामने बड़ी संकटपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हड़ताल के चलते पूरे देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप हो जाएगी। इससे आम उपभोक्ताओं, विशेषकर गृहणियों, होटल-ढाबों, हॉस्टलों और अस्पतालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। सिलेंडर की नई बुकिंग, डिलीवरी और रिफिल सेवा पूरी तरह बंद हो जाएगी, जिससे खाना पकाने के लिए ईंधन का संकट गहराएगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में काला बाजारी और सिलेंडर की कालाबाज़ार दरें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि आंदोलन लम्बा खिंचता है तो देशभर में त्राहिमाम जैसी स्थिति बन सकती है, क्योंकि रसोई गैस अब घर-घर की जरूरत बन चुकी है। सरकार के लिए यह एक चेतावनी है कि यदि समय रहते फैसला नहीं लिया गया, तो घरेलू गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
अमित जोगी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र CBI जांच की मांग
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। जोगी ने अपने पत्र में केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है
प्रधानमंत्री मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन से ठीक पहले यह पत्र सामने आने से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे राज्य सरकार रजत जयंती महोत्सव के रूप में मना रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बीच अमित जोगी के पत्र के वायरल होने से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।

अपने पत्र में अमित जोगी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण आवासों का सबसे बड़ा आवंटन दिया था, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आवास मित्र और कुछ अधिकारी रिश्वत लेकर पुराने घरों को नया पीएमएवाई घर दिखा रहे हैं। कई जगहों पर पुराने मकानों की दूसरी मंजिल बनवाकर उसे नए आवास के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य को कोर्ट से झटका, 12 नवंबर तक रहेंगे जेल में
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। फिलहाल 12 नवंबर तक जेल में ही रहना होगा। शराब घोटाले के मामले में चैतन्य बघेल पिछले 100 दिनों से जेल में बंद है।
रायपुर की विशेष अदालत ने शराब घोटाला मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पूर्व भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी
अदालत ने आदेश में कहा कि चैतन्य बघेल को यदि जमानत दी गई तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने 24 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने चैतन्य बघेल को आरोपी बनाया है। 17 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को वैध ठहराया था, जिसके बाद यह जमानत याचिका विशेष अदालत में दाखिल की गई थी।
छत्तीसगढ़ में कारोबारियों के घर ACB-EOW की रेड
रायपुर
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में ACB और EOW की संयुक्त टीमों ने बुधवार को 14 जगहों पर छापेमारी की है। रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी में कार्रवाई की है। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में अशोक और अमित कोठारी के घर टीम ने रेड की है। इनका कारोबार कृषि कच्चा माल, खाद्य पदार्थ से जुड़ा है।
राजनांदगांव में 3 कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा गया है। राधाकृष्ण अग्रवाल के यहां दबिश दी गई है। इनका कोल माइंस का कारोबार है। वहीं ललित भंसाली, जो टेंट कारोबार से जुड़े हैं, सरकारी स्कूलों के सामान का सप्लायर है। यश नाहटा भी सप्लायर हैं और कंप्यूटर, टीवी सहित अन्य सामान की सप्लाई करते हैं।
दुर्ग में महावीर नगर स्थित कारोबारी नीलेश पारख के यहां जांच की गई, जबकि धमतरी के सिर्री में 5 घंटे की कार्रवाई के बाद टीम लौट गई है।
टीमें फिलहाल शासकीय सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि DMF घोटाले में पहले भी कई बड़े अधिकारी जेल जा चुके हैं। हालांकि, अब तक अधिकारियों की ओर से किसी भी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
DMF घोटाले से जुड़े मामले में राज्य के 14 जगहों पर छापेमारी हुई है। इनमें रायपुर में 6, दुर्ग-भिलाई में 2, राजनांदगांव में 5 और धमतरी में 1 स्थान शामिल हैं। छापेमारी के दौरान डिजिटल सबूत, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, चल-अचल संपत्ति के कागजात और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
इन दस्तावेजों में यह संकेत मिल रहा है कि DMF से जुड़े कामों के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों के सरकारी कर्मचारियों को कमीशन देकर काम लिए गए हो सकते हैं। साथ ही फर्जी बिल, वाउचर और जीएसटी रिटर्न से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। सभी सबूतों की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
1नवम्बर से खुल जायेगा जंगल, पर जानवर नही सुरक्षित बार नवापारा में हो रही लगातार जानवरो के शिकार की घटनाएं
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
बलौदाबाजार:
-आने वाले 1 नवम्बर की तारीख से बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा अभ्यारण पर्यटकों एवं वाइल्ड लाइफ प्रेमियों के पर्यटन के लिए आधिकारिक रूप से खुल जायेगा। किन्तु इस जंगल मे आये दिन वन्य जीवों का शिकार होना अब आम बात हो गई है अभी बीते दिनों इसी जंगल के अर्जुनी परिक्षेत्र के बिलाड़ी परिसर में एक गौर का शिकार शिकारियों द्वारा किया गया था जिसके पूरे शरीर को कई टुकड़ो में वीभत्स तरीके से विभाजित कर दिया गया था
उसी प्रकार पूर्व में भी हिरन और तेंदुए को भी शिकारियों ने बिजली के करेंट लगाकर शिकार करने की घटनाएं भी हुई थी । स्थानीय लोगो की माने तो ऐसी अनेको घटनाये आये दिन इस अभ्यारण में घटित होते रहती है जिनकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दबा दी जाती है । इसी विषय को ध्यान में रखते हुए स्थानीय वाइल्डलाइफ कंजरवेशन सोसायटी के अध्यक्ष निखिलेश त्रिवेदी ने जिले के वनों में अवैध शिकार पर चिंता व्यक्त करते हुए वन मंडल बलौदा बाजार के वन अधिकारियों से वन्य प्राणियों की समुचित सुरक्षा की मांग की है।
त्रिवेदी ने वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
एक अन्य घटना में सिद्धखोल झरने के पास एक छत्तीसगढ़ी फिल्म की शूटिंग के चलते फिल्म यूनिट के सदस्यों द्वारा अत्यधिक फटाके फोड़े जा रहे हैं जिससे आसपास के हाथी क्षुब्ध एवं उत्तेजित हो गए हैं। इस प्रकरण में भी वन विभाग से संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए त्रिवेदी ने उपद्रवियों पर तगड़ा जुर्माना लगाए जाने एवं पूरी फिल्म यूनिट को वनों से बाहर खदेड़ने की अपील भी की है। त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि विधिवत तरीके से वन क्षेत्र में समुचित फीस चुकाकर फिल्मांकन की अनुमति ली गई है तो यह कार्य गैर कानूनी नहीं है
लेकिन फिल्म निर्माण के दौरान भीड़भाड़, शोरगुल, बाजा गाजा और फाटकों का उपयोग नहीं होना चाहिए। वैसे भी इन दिनों बार के जंगलों में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है इस प्रकार की घटनाओं से उनके उत्तेजित होकर वन ग्रामो में निवास करने वाले ग्रामीणों को उनकी जान एवं उनकी फसलो को इन हाथी दलों से नुकसान होने का जोखिम बढ़ सकता है।
अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटने के बाद यह आपत्तिजनक टिप्पणी की
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने कहा कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। इनकी मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते हैं। इनका अपमान क्यों नहीं करते हैं।
अमित बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटने के बाद यह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। अब इस बयान के विरोध में प्रदेशभर में अग्रवाल समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है।
अग्रवाल समाज का कहना है कि, महाराजा अग्रसेन पर टिप्पणी असहनीय है, बघेल माफी मांगे। समाज के लोगों ने कहा कि, अमित बघेल को जेल में डालना चाहिए। इसके विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। रायगढ़ में समाज के प्रतिनिधियों ने SP कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जबकि सरगुजा में कोतवाली थाने के सामने धरना दिया गया।
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने कहा कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। इनकी मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते हैं। इनका अपमान क्यों नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कौन है अग्रसेन। चोर है या झूठा है। क्या जानते हैं। पाकिस्तानी सिंधी। मछली वाले भगवान, उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।
इस मामले में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को असामाजिक तत्व ने तोड़ दिया। सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस कार्रवाई के बीच में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के नेताओं ने अनर्गल बयान दिया।
अग्रसेन महाराज का बड़ा योगदान रहा है।
हम उनके वंशज हैं, दाऊ कल्याण सिंह ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए 1900 एकड़ जमीन कृषि विश्वविद्यालय को दी। स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए DKS अस्पताल का निर्माण करवाया गया। आज जिस जगह पर एम्स अस्पताल बना हुआ है वहां पर की 250 एकड़ जमीन भी समाज ने दी है। दूधाधारी मंदिर को दाऊ दीनानाथ ने बनवाया है।
उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ के कोई भी अन्य समाज के लोग कभी भी किसी दूसरे समाज के लोगों को गाली नहीं देते। इन नेताओं को छत्तीसगढ़ को बांटने का अधिकार नहीं है। छत्तीसगढ़ और यहां के महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं। अमित बघेल का बयान निंदनीय है उन्हें माफी मांगना चाहिए। आज समाज की बैठक के बाद इस मामले में कार्रवाई की मांग पर विचार किया जाएगा।
नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने किया पदभार ग्रहण
समस्याओं को दूर करना पहली प्राथमिकता - आईपीएस अंकिता शर्मा
राजनांदगांव -
जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भापुसे.) ने आज पुलिस अधीक्षक जिला राजनांदगांव का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर एएसपी (ऑप्स) मुकेश ठाकुर , एएसपी राहुल देव शर्मा , सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन (भापुसे.) द्वारा सुश्री अंकिता शर्मा को गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया गया। पिछले दिनों राज्य सरकार ने एक प्रशासनिक फेरबदल में अंकिता शर्मा को राजनांदगांव जिले का एसपी नियुक्त किया था।
बतौर जिला उनका यह तीसरा जिला है , इससे पहले वे खैरागढ़ और सक्ती जिले में एसपी के पद पर सेवायें दे चुकी है। आज यहां उन्होंने स्थानीय शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपना प्रभार सम्हाला। जिला राजनांदगांव के नये पुलिस कप्तान के आगमन पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उन्हें सलामी दी गई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारियों का बैठक लेकर उन्हें उनके थाना/चौकी क्षेत्र के संबंध में बेसिक जानकारी , अपराधिक रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण अपराध की संक्षिप्त जानकारी लेकर उन्हें जुआ , सट्टा , अवैध शराब , गांजा , चाकूबाजी , गुण्डा बदमाश व आसामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने के साथ ही थाना व चौकी में आने वाले आवेदकगणों से अच्छा व्यवहार करने को कहा गया।
तत्पश्चात जनसंवाद कक्ष में पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के समस्त इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार बंधुओ से रूबरू होकर उन्हें एक साथ मिलकर संस्कारधानी राजनांदगांव में बेसिक पुलिसिंग , विजुअल पुलिसिंग एवं फिल्ड पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण करने , सुगम यातायात व्यवस्था बेहतर पुलिसिंग का आश्वासन दिया गया। मीडिया से औपचारिक चर्चा में उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्रों की परिस्थितियों के आधार पर समस्याओं को दूर करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
इसके अलावा अवैध शराब , जुआ , सट्टा और नशीले पदार्थों की तस्करी के बढ़ते मामलों पर भी लगाम कसने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहर में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को जल्द ही प्रारंभ कराया जायेगा। गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा 2018 बैच की आईपीएस. अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक नियुक्ति प्रशिक्षु आईपीएस जिला बलौदाबाजार-भाटापारा , सीएसपी (सर्किल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) रायपुर , एडिशनल एसपी (नक्सल ऑपरेशन) जिला जगदलपुर , नवीन जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के ओएसडी पद पर तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ थी। यहां के बाद इनके द्वारा जिला सक्ति में पुलिस अधीक्षक के रूप में दायित्व का निर्वहन सफलतापूर्वक किया गया है।
लाखों युवाओं की प्रेरणास्रोत हैं अंकिता शर्मा
उल्लेखनीय है कि अंकिता दिखने में जितनी खूबसूरत है , उससे कहीं ज्यादा सख्त उनका अंदाज है। एक ओर जहाँ इनके पुलिसिंग कार्यप्रणाली से नक्सली भी थर्राते हैं वहीं दूसरी ओर यूपीएसपी छात्र छात्राओं को अध्यापन – मार्गदर्शन देने से ये लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत भी हैं। अपने क्षेत्र में नित नये अभिनव पहल के चलते भी लोग इन्हें सैल्यूट करते हैं और सोशल मीडिया पर भी इनके लाखों फालोवर्स हैं। ये एक ऐसे जांबाज महिला आईपीएस हैं , जो किसी परिचय की मोहताज नही है। इन्होंने कठिन मेहनत से छोटे से गांव से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफर हासिल किया है। इनकी बहादुरी के किस्से आज देश भर में मशहूर हैं , बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन भी इनकी खूबसूरती और बहादुरी की तारीफ कर चुकी हैं। आईपीएस सुश्री अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सिकोसा गांव की निवासी हैं और इनका ननिहाल पाटन में है। इनका जन्म 25 जून 1990 को हुआ , इनकी मां सविता शर्मा एक गृहिणी हैं और पिता राकेश शर्मा एक बिजनेमैन हैं।
ये तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली अंकिता ने सेंट जेवियर्स स्कूल दुर्ग से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की है। इसके बाद इन्होंने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स में एमबीए की , जिसमें ये गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके बाद वे सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिये दिल्ली गईं , लेकिन उनका वहां मन नहीं लगा। छह महीने में ही वे दिल्ली छोड़कर अपने घर वापस आ गईं और वहीं से परीक्षा की तैयारी करने की ठानी। आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा दो बार यूपीएससी क्रैक करने में असफल रही थीं लेकिन अपनी कड़ी मेहनत , लगन के दम पर उन्होंने तीसरे प्रयास में परीक्षा को पास किया और आईपीएस बनीं।
इन्होंने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में 1035 अंको के साथ 203 रैंक हासिल की थी। इन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस रैंक आवंटित हुई थी , इसके साथ ये राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं। वे मई 2022 में खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई जिले में बतौर एसपी पदस्थ रहीं। इसके अलावा इन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में एंटी नक्सली ऑपरेशन का इंचार्ज भी बनाया गया। इस दौरान इन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाये , इनकी जांबाजी के किस्से देश भर में मशहूर हैं। ये किरण बेदी को अपना रोल माडल मानती हैं। इनको घुड़सवारी और बैडमिंटन का खासा शौक है। ये योगा , प्राणायाम और शारीरिक कसरत करने के साथ ही खान - पान पर भी विशेष ध्यान देती हैं।
6 घंटे 45 मिनट रायपुर में रहेंगे PM मोदी
रायपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर की सुबह रायपुर आएंगे। एक दिवसीय दौरे में पीएम मोदी 6 घंटे 45 मिनट नवा रायपुर में रहेंगे। इस दौरान 6 अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। विधानसभा के नए भवन और आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के म्यूजियम का उद्घाटन और रोड शो भी करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सबसे पहले श्री सत्य साई संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल जाएंगे। यहां वे उन 2500 बच्चों के साथ दिल की बात करेंगे, जिनके हार्ट का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। इसके बाद वे प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के शांति शिखर भवन का उद्घाटन करेंगे।
नवा रायपुर में 6 स्थानों पर 6 से ज्यादा योजनाओं की झांकियां प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में बनाई जा रही हैं। इनमें ऑपरेशन सिंदूर, नक्सल मुक्ति, लखपति दीदी और महतारी वंदन योजना की झांकियां शामिल हैं।
दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी आदिवासी फ्रीडम फाइटर म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे नवा रायपुर के मेला ग्राउंड में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। देर शाम वे दिल्ली लौट जाएंगे।
छत्तीसगढ़ इस बार अपना 25वां स्थापना दिवस मनाएगा। भाजपा जश्न के साथ ही इसे गर्व और पहचान का उत्सव बनाने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार ने इस बार राज्योत्सव को 3 दिन से बढ़ाकर 5 दिन करने का फैसला लिया है। 1 नवंबर से 5 नवंबर तक नवा रायपुर में भव्य आयोजन होंगे। समापन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति मौजूद रहेंगे।
छत्तीसगढ़ में 7 IPS अफसरों का ट्रांसफर
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन ने शुक्रवार देर शाम पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह विभाग ने 4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) समेत 7 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर के आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया है।
आदेश के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग को राजनांदगांव से DIG पुलिस मुख्यालय (मुख्यालय अटैच) किया गया है। वहीं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के एसपी IPS चंद्रमोहन सिंह को दमकल-नगर सेना का डायरेक्टर बनाया गया है।
इसी तरह से सक्ती जिले की SP अंकिता शर्मा को राजनांदगांव का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं रतना सिंह को मनेंद्रगढ़ जिले का SP नियुक्त किया गया है। इसके अलावा प्रफुल्ल ठाकुर को सक्ती जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंकज चंद्रा अब कोंडागांव जिले के नए SP होंगे। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी तुरंत पदभार ग्रहण करें और इसकी सूचना विभाग को भेजें।
