राजधानी
कर्मकार व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण का शुभारंभ, ओ.पी. चौधरी ने लाइव जुड़कर दिया प्रेरक संदेश कुशल, संस्कारित और प्रशिक्षित कर्मकार ही व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी : ओ.पी. चौधरी
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
भिलाई। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, भिलाई इकाई, हिन्दू जागरण समिति एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कर्मकार व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण" के शुभारंभ महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, प्रतिष्ठान संचालक, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय ओ.पी. चौधरी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था, उद्योग अथवा व्यापार की वास्तविक शक्ति उसके कर्मकार और कर्मचारी होते हैं। यदि उनके व्यक्तित्व, कार्यकुशलता और कार्य संस्कृति का निरंतर विकास किया जाए, तो संस्था स्वयं नई ऊंचाइयों को प्राप्त करती है। उन्होंने इस अभिनव प्रशिक्षण पहल की सराहना करते हुए इसे व्यापारी समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
विशिष्ट अतिथि सुभाष अग्रवाल (प्रदेश संयोजक, व्यापार प्रकोष्ठ) ने कहा कि ग्राहक व्यवहार, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, टीम वर्क, कार्य के प्रति जिम्मेदारी, व्यक्तित्व विकास एवं व्यावसायिक अनुशासन जैसे विषय इस प्रशिक्षण के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने भिलाई चेम्बर की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशिक्षित कर्मचारी किसी भी प्रतिष्ठान की सफलता की मजबूत नींव होते हैं।
छत्तीसगढ़ चेम्बर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा, उद्देश्य एवं उससे होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित, प्रेरित और संस्कारित कर्मचारी किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण से जोड़ने का आग्रह किया, ताकि व्यापार की गुणवत्ता और ग्राहक सेवा में निरंतर सुधार हो सके।
भिलाई चेम्बर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मकारों एवं स्टाफ के व्यक्तित्व, व्यवहार, संवाद कौशल, कार्यकुशलता और ग्राहक सेवा क्षमता का समग्र विकास करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल व्यापार जगत में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम में अभिजीत अरविंद पोलके, जिला सह-समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति ने स्वभाव दोष एवं व्यक्तित्व निर्माण विषय पर मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में उद्योग चेम्बर अध्यक्ष जे.पी. गुप्ता, सीए शाखा अध्यक्ष सुखदेव राठी, महिला चेम्बर अध्यक्ष सुमन कनोजे, दिनेश पाटिल, सिंधी साहित्य अकादमी की प्रदेश अध्यक्ष सुषमा जेठानी, स्वीटी कौशिक, अखराज ओस्तवाल, भूपेंद्र नेमा, कमल बिस्वाल, सरोजनी पाणिग्रही, गीता वर्मा, टीना सातपुते, दर्शन ठकवानी सहित चेम्बर के अनेक पदाधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुनील मिश्रा ने किया।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी शंकर सचदेव ने दी।
भेलवा तालाब गार्डन में स्कूली छात्रों से चाकू की नोक पर लूट, तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज 'इलाके का दादा' बताकर दी धमकी, नकदी और मोबाइल लूटकर फरार हुए आरोपी
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ
दुर्ग-भिलाई
भिलाईनगर, 17 जुलाई 2026। भिलाई के नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब गार्डन में स्कूली छात्रों को चाकू दिखाकर नकदी और मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सुपेला थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के विरुद्ध लूट, धमकी और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पुलिस के अनुसार प्रार्थिया सुश्री शशीरेखा, निवासी आर्य नगर, कोहका (सुपेला) एवं जिला न्यायालय दुर्ग में अधिवक्ता हैं। उन्होंने थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि उनके भतीजे एम. लक्ष्मण रेड्डी ने घटना की जानकारी दी।
शिकायत के अनुसार 15 जुलाई 2026 को स्कूल की छुट्टी के बाद लक्ष्मण रेड्डी अपने मित्र निशांत साहू एवं दिलेश वारिक के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में तबीयत खराब होने पर तीनों छात्र कुछ देर विश्राम करने के लिए नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब गार्डन में रुक गए।
दोपहर लगभग 12:45 बजे तीन युवक वहां पहुंचे और छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने अपनी पहचान मोनू सोनी, शिवा नाग और समीर कुरैशी के रूप में बताते हुए स्वयं को इलाके का "दादा" बताया। आरोप है कि तीनों ने चाकू दिखाकर छात्रों को डराया और रुपए तथा मोबाइल फोन देने की मांग की।
पीड़ित छात्रों द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी और निशांत साहू की जेब से 450 रुपये नकद तथा दिलेश वारिक का पोको C75 5G मोबाइल फोन जबरन छीनकर मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रार्थिया ने सुपेला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 997/2026 पंजीबद्ध करते हुए आरोपी मोनू सोनी, शिवा नाग एवं समीर कुरैशी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 304, 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर में अवैध खैर लकड़ी का बड़ा भंडाफोड़, वन विभाग ने गोदाम सील कर दो ट्रक से अधिक माल किया जब्त
हरियाणा भेजी जानी थी खैर की खेप, पुराने वन अपराधों से जुड़े तार भी खंगाल रहा विभाग।
रायपुर
रायपुर में अवैध खैर लकड़ी के कारोबार के विरुद्ध छत्तीसगढ़ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम पर छापेमारी की और दो ट्रक से अधिक खैर की लकड़ी जब्त की है। वन विभाग ने गोदाम को तत्काल सील कर दिया है तथा लकड़ी के स्रोत, परिवहन और इससे जुड़े तस्करी नेटवर्क की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि जब्त की गई खैर की लकड़ी को हरियाणा भेजने की तैयारी थी। खैर की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था बनाने में किया जाता है। कत्था पान उद्योग के अलावा अन्य उपयोगों के कारण देश के विभिन्न राज्यों में इसकी मांग बनी रहती है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी उपयोगिता बताई जाती है। इसी कारण खैर की अवैध कटाई और तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशन में संचालित विशेष अभियान के तहत की गई। संयुक्त दल में राज्य उड़नदस्ता के अनुविभागीय वन अधिकारी (एसडीओ) संदीप सिंह राजपूत, रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक कुमार तिवारी तथा सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष सामंतराय राय सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। टीम ने गोदाम की तलाशी लेकर बड़ी मात्रा में लकड़ी जब्त की और परिसर को सील कर दिया।
वन विभाग ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि लगभग पांच वर्ष पूर्व भी इसी मामले से जुड़े एक व्यक्ति के विरुद्ध अवैध खैर लकड़ी परिवहन का प्रकरण दर्ज हुआ था। उस समय एक ट्रक लकड़ी जब्त कर राजसात की कार्रवाई की गई थी तथा आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया था।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व में वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया संबंधित सक्षम प्राधिकारों के अधीन है।
वन विभाग का कहना है कि जब्त लकड़ी के वास्तविक स्रोत, परिवहन मार्ग, इसमें शामिल लोगों और संभावित तस्करी नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रावतपुरा विश्वविद्यालय पर छात्रों का फर्जीवाड़े का आरोप
रायपुर
रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी-ऑप्टोमेट्री (बैच 2020-24) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को मुजगहन थाने पहुंचकर विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की।
उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता और रजिस्ट्रेशन मिलने का भरोसा देकर दाखिला कराया, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद भी उन्हें रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इससे सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, इस मामले में रायपुर जिला NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी भी छात्रों के समर्थन में थाने पहुंचे।
शिकायत में छात्रों ने कहा कि कोर्स पूरा करने के बाद जब सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन किया तो रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि इसी वजह से उनकी डिग्री को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि काउंसिल ने राज्य की केवल 14 कॉलेजों को नर्सिंग और उससे जुड़े कोर्स संचालित करने की मान्यता दी है। इन 14 कॉलेजों की सूची में रावतपुरा विश्वविद्यालय का नाम शामिल नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में नर्सिंग से जुड़े कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
NSUI अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने दावा किया कि विश्वविद्यालय से बी-ऑप्टोमेट्री के 5 बैच पासआउट हो चुके हैं और छठा बैच भी कोर्स पूरा करने वाला है। उनका आरोप है कि अब तक किसी भी छात्र को पैरामेडिकल रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर विश्वविद्यालय के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती है तो NSUI स्वास्थ्य मंत्री के निवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अमृतपाल राव ने कहा कि अगर कोई स्टूडेंट बाहर जाकर कुछ करता है तो उसका जवाब हम नहीं देंगे। वहीं, बी-ऑप्टोमेट्री का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं ये सवाल सीधे पूछने पर उन्होंने कॉल काट कर दिया।
छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल बेमेतरा में बनेगी
रायपुर
छत्तीसगढ़ में पहली बार ओपन जेल (खुली जेल) की स्थापना होने जा रही है। राज्य सरकार ने बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में ओपन जेल स्थापित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस जेल की क्षमता 200 कैदियों की होगी। यहां केवल अच्छे आचरण वाले और कम सुरक्षा जोखिम वाले सजायाफ्ता कैदियों को रखा जाएगा।
ओपन जेल पारंपरिक जेलों से अलग होगी। इसमें पात्र कैदियों को निर्धारित नियमों के तहत नियंत्रित स्वतंत्रता दी जाएगी, ताकि उनका पुनर्वास हो सके और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
नकटी विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, धरसींवा में भूपेश बघेल का पुतला दहन कांग्रेस शासनकाल में गरीबों के आशियाने उजाड़े गए, अब राजनीतिक लाभ के लिए संवेदना जताई जा रही है-राकेश यादव
रायपुर
छत्तीसगढ़ में नकटी ग्राम की भूमि और पुनर्वास के मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी क्रम में रविवार को धरसींवा में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा धरसींवा मंडल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया तथा विश्राम गृह से मुख्य चौक तक रैली निकालकर कांग्रेस की नीतियों के विरोध में नारे लगाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा धरसींवा मंडल अध्यक्ष राकेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर नकटी ग्राम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्तमान भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से ग्रामीणों के बीच भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास कर रही है। यादव ने दावा किया कि नकटी और सेरीखेड़ी क्षेत्र से जुड़ी जिस कार्ययोजना को लेकर आज कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसकी रूपरेखा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में तैयार की गई थी।
राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में सेरीखेड़ी क्षेत्र के लगभग 149 गरीब परिवारों को अधिकारियों की कॉलोनी बसाने के उद्देश्य से बिना समुचित पुनर्वास व्यवस्था के उनके आशियानों से बेदखल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए भाजपा ने आंदोलन किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने समस्या का समाधान करने के बजाय आंदोलनरत भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की और कई कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया। भाजपा का आरोप है कि जो कांग्रेस अपने शासनकाल में गरीबों के प्रति संवेदनशील नहीं रही, वही आज राजनीतिक लाभ के लिए उनके हितैषी होने का दावा कर रही है।
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों के सम्मानजनक पुनर्वास के पक्ष में है और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के उद्देश्य से ग्रामीणों की भावनाओं का उपयोग कर रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार तथ्यों के आधार पर निर्णय ले रही है और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से प्रभावित नहीं होगी।
भाजपा का आरोप-सत्ता में रहते गरीबों के आशियाने उजाड़े, अब जताई जा रही संवेदना
धरसींवा मंडल अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में गरीब परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया गया, जबकि आज वही नेता नकटी ग्राम के मुद्दे पर संवेदना प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। भाजपा का दावा है कि वर्तमान सरकार प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, पुनर्वास और जांच की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा धरसींवा मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की कि नकटी ग्राम प्रकरण में सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार और षड्यंत्र की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि प्रभावित परिवारों का उसी क्षेत्र के आसपास सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रशासन में ऐसे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की गई, जिन पर राजनीतिक प्रभाव में कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री गरीब कल्याण की भावना के अनुरूप प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक निर्णय लेंगे।
रायपुर के PNB बैंक में आग
रायपुर
राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ापारा में रविवार को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में अचानक आग लग गई। आग लगते ही बैंक परिसर से काले धुएं का गुबार उठने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग बुझाने के साथ ही बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर बैंक परिसर के आसपास लोगों की आवाजाही भी रोक दी, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़- शदाणी दरबार के पीठाधीश का जारी होगा स्मारक सिक्का:
रायपुर
छत्तीसगढ़ से जुड़े विषय पर भारत सरकार ₹200 का स्मारक सिक्का जारी करने जा रही है। यह सिक्का शदाणी दरबार, रायपुर की पंचम पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर जारी होगा।
इसके साथ ही उनके सम्मान में एक विशेष स्मारक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। इसे सिंधी समाज और छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
शदाणी दरबार के नवम पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल ने बताया कि माता साहिब हासी देवी ने सिंध में सेवा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाज सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।
उन्होंने नारी शक्ति के संरक्षण और समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान के सम्मान में भारत सरकार यह स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी कर रही है।
प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लूणावत के अनुसार, ₹200 मूल्यवर्ग का यह स्मारक सिक्का भारत सरकार की कोलकाता टकसाल में तैयार किया जा रहा है। इसका वजन 35 ग्राम होगा और इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल तथा 5 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण रहेगा।
संत डॉ. युधिष्ठिर लाल ने बताया कि स्मारक सिक्के का अनावरण इसी सप्ताह होने की संभावना है। जारी होने के बाद श्रद्धालु और संग्राहक इसे शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के साथ ही कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बुक कर सकेंगे।
ऐतिहासिक बावड़ी में डूबने से दो बच्चों की मृत्यु, सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर प्रश्न
धरसीवां के कुंवरगढ़ स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में हुई दुर्घटना ने ऐतिहासिक धरोहरों पर सुरक्षा प्रबंधन और बाल संरक्षण उपायों की आवश्यकता को फिर रेखांकित किया।
रायपुर
रायपुर जिले के धरसीवां विकासखंड स्थित कुंवरगढ़ (कुंरा) के प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में शनिवार को हुई एक दुखद दुर्घटना में दो मासूम बच्चों की डूबने से मृत्यु हो गई। लगभग 25 से 30 फीट गहरी प्राचीन बावड़ी में गिरने के कारण सात वर्षीय साक्षी साहू और चार वर्षीय श्रवण धीवर की जान चली गई। इस घटना ने न केवल दोनों परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है, बल्कि सार्वजनिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, मृतक साक्षी साहू पिता योगेश साहू तथा श्रवण धीवर पिता भूपेंद्र धीवर, दोनों कुंरा गांव के निवासी थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे अन्य बच्चों के साथ मंदिर परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान वे बावड़ी के समीप पहुंच गए और असंतुलित होकर गहरे पानी में चले गए। बावड़ी की अधिक गहराई तथा सुरक्षा अवरोधों के अभाव के कारण दोनों स्वयं बाहर नहीं निकल सके।
काफी देर तक बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों एवं ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। मंदिर परिसर में तलाश के दौरान बावड़ी पर संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही धरसीवां थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची। स्थानीय गोताखोरों तथा ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चों को बावड़ी से बाहर निकाला गया, किंतु तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
धरसीवां थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटनावश डूबने का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी गई है तथा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंदिर परिसर की यह बावड़ी ऐतिहासिक महत्व की धरोहर है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद बावड़ी के चारों ओर न तो स्थायी सुरक्षा घेराबंदी है और न ही चेतावनी संबंधी सूचना-पट्ट लगाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह दुर्घटना केवल एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों के जोखिम प्रबंधन, बाल सुरक्षा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के बीच संतुलित नीति की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। यदि समय रहते संरचनात्मक सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में सात वर्षीय साक्षी साहू और चार वर्षीय श्रवण धीवर की मृत्यु हुई। दोनों बच्चे कुंवरगढ़ स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में खेलते समय लगभग 25 से 30 फीट गहरी बावड़ी में डूब गए। सूचना मिलने पर धरसीवां थाना पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बावड़ी के चारों ओर मजबूत जाली, सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन बच्चों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, इसलिए नियमित निगरानी, सुरक्षा मानकों का पालन तथा ऐतिहासिक जल संरचनाओं का समय-समय पर सुरक्षा परीक्षण कराया जाना आवश्यक है।
कुंरा की यह घटना स्पष्ट करती है कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केवल उनकी संरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। जलस्रोतों के आसपास वैज्ञानिक सुरक्षा प्रबंधन, जोखिम मूल्यांकन, चेतावनी संकेत और प्रभावी निगरानी व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए। बाल सुरक्षा को केंद्र में रखकर स्थानीय प्रशासन, ग्राम समुदाय और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी ही भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
नकटी कार्रवाई का विरोध करने पर बजरंग-दल पदाधिकारी हटाए गए:
रायपुर
रायपुर के नकटी गांव में बेघर हुए परिवारों के समर्थन में बजरंग दल ने विरोध किया। 6 जुलाई को कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और भाजपा नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस प्रदर्शन के बाद VHP संगठन ने बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा को पद से हटा दिया है।
विजेंद्र वर्मा के मुताबिक, बुलडोजर कार्रवाई में 2 मंदिर तोड़े गए, रखरखाव की कमी से 2-3 गायों की मौत हो गई। कई बेघर परिवारों को 7 दिन बाद भी अच्छा खाना नहीं मिला। इन सभी मुद्दों को लेकर उन्होंने घेराव किया था। इसके बाद ही संगठन के प्रांत मंत्री पुरेंद्र सिन्हा ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए व्हाट्सऐप पर नोटिस भेजा।
वहीं, संगठन की इस कार्रवाई के बाद समर्थन में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भी संगठन छोड़ दिया है और अलग संगठन बनाने की बात कही है।
पूर्व रायपुर संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि, जिला प्रशासन ने नकटी गांव में करीब 80 घरों को तोड़ दिया। जिन लोगों को जिस जगह विस्थापित किया गया, वहां खाने-पीने की सुविधा नहीं थी। वे जहां पर काम करते थे उससे करीब 20-30 किलोमीटर दूर बसा दिए गए। उनके पास कोई काम भी नहीं था। बेघर लोगों को जो फ्लैट दिए गए इतने छोटे हैं कि उनमें एक पूरे परिवार का रहना संभव नहीं था।
विस्थापितों के लिए बनाई गई जगह पर पानी और बिजली की सुविधा नहीं थी। नकटी गांव में कई गोवंश भी थे, जिन्हें हमने गौशाला में शिफ्ट कराया। इनमें से कई गायों की मौत भी हो चुकी थी। वहां पर शीतला माता और शंकर भगवान के मंदिर थे उन्हें तोड़ दिया गया, लेकिन उसका विस्थापन नहीं किया गया। इन सब परेशानियों को लेकर हमने बेघर परिवारों के समर्थन में 6-7 दिन बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था।
बजरंग दल के पदाधिकारियों पर इस कार्रवाई के बाद बजरंग दल ग्रुप के व्हाट्सऐप ग्रुप की चैट सामने आई है। इसमें भाजपा नेताओं के खिलाफ विरोध में नारे लिखे गए हैं। इसे लेकर विजेंद्र ने कहा कि, हम केवल हिंदुओं के लिए काम करते हैं। हमारे सामने कोई भी राजनेता या पार्टी हो उसका विरोध करेंगे। व्हाट्सएप चैट में नेताओं के खिलाफ जो नारे लिखे गए वह कार्यकर्ताओं की नाराजगी थी।
विजेंद्र ने बताया कि जिस प्रकार हमने बीते 2 सालों से लव जिहाद, धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था इस वजह से दर्जनों कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़े थे। बजरंग दल के इस एक्शन के बाद इन कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
मुझे पद मुक्त करने के लिए किसी नियम का पालन नहीं किया गया, न ही नोटिस दिया गया। मुझे व्हाट्सऐप मैसेज के माध्यम से पदमुक्त होने की सूचना मिली। फोन पर प्रांत मंत्री से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। हिंदुत्व के लिए लंबे समय तक हम लड़ते रहे। लेकिन हमें संगठन से पदमुक्त कर दिया गया, यह तानाशाही रवैया हैं। हम आगे भी हिंदुओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे। इसके लिए हम नया संगठन बनाएंगे।
रायपुर के स्पा सेंटरों में पुलिस की सरप्राइज चेकिंग
रायपुर के स्पा सेंटरों में पुलिस की सरप्राइज चेकिंग
राजधानी रायपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को विशेष जांच अभियान चलाया। पश्चिम क्षेत्र के 10 स्पा सेंटरों में पुलिस टीम ने एक साथ सरप्राइज चेकिंग की। इस दौरान सेंटरों के दस्तावेज, सीसीटीवी व्यवस्था और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी की जांच की गई।
पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन या किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि मिलने पर स्पा संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें पश्चिम क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्तों के साथ सरस्वती नगर, आजाद चौक और डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।
पुलिस ने सरस्वती नगर, आजाद चौक और डीडी नगर थाना क्षेत्र में चल रहे स्पा सेंटरों की जांच की। इस दौरान कर्मचारियों के पहचान पत्र, स्पा में आने वालों का रिकॉर्ड, जरूरी दस्तावेज, लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी देखी और यह भी पता लगाया कि स्पा सेंटर नियमों के अनुसार चल रहे हैं या नहीं।
जांच के दौरान पुलिस ने स्पा संचालकों को सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने, जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने और सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी स्पा सेंटरों को सरकार के तय नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्पा सेंटरों की आड़ में होने वाली किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ऐसे विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इससे नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी से गरमाई सियासत
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच तेज; मुख्यमंत्री साय बोले- कानून से कोई नहीं बच सकता
कोयला लेवी प्रकरण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता न्यायिक अभिरक्षा में, सरकार ने जांच को निष्पक्ष बताया तो कांग्रेस ने लगाए राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी प्रकरण की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनसे पूछताछ की गई तथा उनकी कथित भूमिका के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, कोयला लेवी प्रकरण के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी से जुड़े दस्तावेजों और डायरी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों का दावा है कि बरामद डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन का उल्लेख मिला है। हालांकि, एजेंसी इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा रामगोपाल अग्रवाल के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन तथा कथित तंत्र से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कोयला लेवी प्रकरण के साथ-साथ शराब घोटाले तथा अन्य आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े कुछ पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए सरकार पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून अपना कार्य कर रहा है और किसी भी अपराध से जुड़े व्यक्ति को जांच का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कार्रवाई पर आपत्ति है या उसे किसी षड्यंत्र की आशंका है तो उसके लिए न्यायिक प्रक्रिया के सभी वैधानिक मार्ग खुले हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार जांच एजेंसियों के कार्य में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है, कोई भी अपराधी लंबे समय तक कानून से बच नहीं सकता और जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब इस पूरे प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की आगामी कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
रामनगर में दिनदहाड़े युवती की धारदार हथियार से हत्या, पुलिस जांच में जुटी किराए के कमरे में मिला लहूलुहान शव, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
भिलाईनगर, 10 जुलाई 2026। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के रामनगर में शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े एक 20 वर्षीय युवती की धारदार हथियार से हत्या कर दिए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
किराए के मकान में मिला लहूलुहान शव
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान खुशी साहू (20 वर्ष) के रूप में हुई है। वह रामनगर स्थित एक किराए के मकान में अपनी रूममेट के साथ रहती थी तथा शहर के फ्रेंड्स कैफे में कार्यरत थी।
रूममेट के लौटने पर हुआ घटना का खुलासा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के समय खुशी की रूममेट किसी आवश्यक कार्य से बाहर गई हुई थी। जब वह वापस कमरे पर लौटी तो खुशी को खून से लथपथ गंभीर अवस्था में पड़ा देखा। उसने तत्काल मकान मालकिन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
घायल अवस्था में खुशी साहू को तत्काल लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सुबह सवा 11 बजे के आसपास हुई वारदात
नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर हत्या की वारदात सुबह 11:15 से 11:30 बजे के बीच हुई प्रतीत होती है। प्रथम दृष्टया युवती की हत्या किसी धारदार हथियार से किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि हत्या के कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
वैशाली नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। वहीं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों, आरोपी की पहचान और वारदात के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने का दावा भी पुलिस ने किया है।
'जोहार जगन्नाथ' अभियान शुरू, श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पहुंचेंगी पुरी धाम उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिखाई मनोकामना रथ को हरी झंडी, पुरी से लाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा महाप्रसाद
रायपुर। भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों की आस्था को श्रीजगन्नाथ पुरी धाम से जोड़ने के उद्देश्य से 94.3 माय एफएम और एटी ज्वेलर्स की संयुक्त पहल पर 'जोहार जगन्नाथ' अभियान का शुभारंभ किया गया। नवा रायपुर स्थित अटल नगर के शासकीय निवास कार्यालय से उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अभियान के तहत श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं और प्रार्थनाएं लिखकर रथ के कलश में समर्पित कर सकेंगे। इन मनोकामना-पत्रों को 94.3 माय एफएम की टीम श्रीजगन्नाथ पुरी धाम ले जाकर भगवान श्रीजगन्नाथ के श्रीचरणों में अर्पित करेगी। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था को सीधे भगवान श्रीजगन्नाथ से जोड़ना और धार्मिक भावनाओं को नई अभिव्यक्ति देना है।
इसके बाद रायपुर के कोतवाली चौक स्थित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स (एटी पैलेस) में आयोजित 'जोहार जगन्नाथ' कार्यक्रम में भी उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीजगन्नाथ की भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है।
उन्होंने कहा कि मनोकामना रथ श्रद्धालुओं की भावनाओं को पुरी धाम तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। साथ ही श्रीजगन्नाथ धाम से लाया गया महाप्रसाद भी प्रदेशभर के श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने भगवान श्रीजगन्नाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
'जोहार जगन्नाथ' अभियान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने रथ के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं भगवान श्रीजगन्नाथ तक पहुंचाने के लिए अभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
पंडरी कपड़ा मार्केट में अवैध अतिक्रमण पर निगम की निर्णायक कार्रवाई, नाली से हटाया गया कब्जा
रायपुर। राजधानी रायपुर में मानसून के दौरान संभावित जलभराव की समस्या की रोकथाम तथा शहरी जल निकासी तंत्र को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम ने पंडरी कपड़ा मार्केट क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की। निगम के अतिक्रमण निरोधक अमले ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाली पर किए गए अवैध निर्माण को हटाकर सार्वजनिक अधोसंरचना को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों एवं बस्तीवासियों द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंडरी स्थित प्रकाश होजरी होलसेल दुकान के सामने सार्वजनिक नाली को पाटकर उस पर अवैध निर्माण कर लिया गया था। इस अतिक्रमण के कारण नाली की नियमित सफाई बाधित हो रही थी, जिससे वर्षा के दौरान जल निकासी प्रभावित होने और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित होने की आशंका लगातार बनी हुई थी। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से शिकायत करते हुए बताया कि नाली अवरुद्ध रहने के कारण वर्षाजल का प्रवाह रुक जाता है, जिससे आवागमन, स्वच्छता तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शिकायत प्राप्त होने के उपरांत नगर निगम के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर स्थिति का मूल्यांकन किया और अवैध निर्माण को हटाने का निर्णय लिया। शुक्रवार को निगम का अमला आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचा तथा जेसीबी मशीन की सहायता से नाली पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक नालियों, सड़कों तथा शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरी अधोसंरचना की कार्यक्षमता बनाए रखने तथा नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। नागरिकों से भी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण करने तथा जल निकासी व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी निर्माण से परहेज करने की अपील की गई है।
अधिकारियों के अनुसार मानसून को दृष्टिगत रखते हुए शहरभर में नालियों की सफाई, जल निकासी तंत्र के सुदृढ़ीकरण तथा अतिक्रमण उन्मूलन का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। पंडरी कपड़ा मार्केट में की गई यह कार्रवाई उसी व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहरी बाढ़ की संभावनाओं को न्यूनतम करना, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
जर्जर सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सरसीवा–पेंड्रावन मार्ग के लिए सड़क पर उतरे लोग नागिन चौक पर कांग्रेस नेताओं व ग्रामीणों का एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना, जल्द मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सरसीवा। वर्षों से बदहाल पड़े सरसीवा–पेंड्रावन मार्ग को लेकर आखिरकार ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। शुक्रवार को ग्राम पंचायत कोट के नागिन चौक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई।
धरने का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव रेशम लाल अजय ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरसीवा से पेंड्रावन तक की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्कूली बच्चों, किसानों, व्यापारियों और आम राहगीरों को हर दिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने प्रशासन पर सड़क की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार मांग और शिकायत के बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में नरेंद्र खटकर, अजय यादव, ललित देवांगन, राजेंद्र अजय, प्रमोद भास्कर, हेमराज डनसेना, भुवन जायसवाल, अजय, मनीष कुर्रे, शांति बाई श्रीवास, चंद्रमा कुर्रे, गौरी खुटे, मेमबाई, उषाबाई, तेरस, प्रिया, लक्ष्मीबाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
थ्रीडी फैक्ट्री-ब्लास्ट, 200 मीटर तक बिखरे शवों के टुकड़े:
रायपुर
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेंद्री की थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम ब्लास्ट हो गया। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई। विस्फोट इतना तेज था कि मजदूरों के शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए। घटना उरला थाना क्षेत्र की है।
मृतकों में अरुण पांडे (17) भी शामिल है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। वहीं, मध्य प्रदेश के डिंडौरी निवासी लाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह (25) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। मौके पर पुलिस, एफएसएल और श्रम विभाग की टीम मौजूद थी और घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई थी। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी प्रशिक्षण के भट्ठी में काम कराया जाता था। साथ ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी इक्विपमेंट) भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे।
वहीं, हादसे के बाद कंपनी ने कमल सिंह और लाल सिंह के लिए 21-21 लाख मुआवजे का ऐलान किया है। जबकि, नाबालिग अरुण पांडे के लिए 31 लाख मुआवजे का ऐलान किया है। इधर कांग्रेस ने घटना की जांच के लिए समिति बनाई है।
हादसे के समय टेपिंग यूनिट में काम कर रहे रामकुमार देवांगन ने बताया कि वह टेपिंग का काम कर रहे थे, जबकि अरुण ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला और पूरी फैक्ट्री की बिजली गुल हो गई।
करीब 10 मिनट बाद जब बिजली आई, तब देखा कि साथ में काम करने वाले मजदूरों के शव और उनके शरीर के अंग जमीन पर बिखरे पड़े थे। जो लोग मेरे साथ काम कर रहे थे, वे मेरे बच्चों की उम्र के थे। उनके चले जाने का बहुत दुख है। ऊपरवाले ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है।
हादसे में जान गंवाने वालों में जांजगीर-चांपा निवासी अरुण पांडेय भी शामिल था। आधार कार्ड के अनुसार उसकी उम्र 17 साल थी। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था।
अरुण के भाई ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से उरला क्षेत्र में रहकर मजदूरी करता है। परिवार के कई रिश्तेदार भी पहले इसी फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इसी वजह से अरुण भी यहां काम करने आया था।
उन्होंने ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और मजदूरों को जोखिम भरे काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने घटना की जांच के लिए 8 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया बनाए गए हैं। समिति पीड़ित परिवारों और फैक्ट्री प्रबंधन से चर्चा कर घटना की वस्तुस्थिति का अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।