राजधानी

1नवम्बर से खुल जायेगा जंगल, पर जानवर नही सुरक्षित बार नवापारा में हो रही लगातार जानवरो के शिकार की घटनाएं

 गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट

 बलौदाबाजार:

-आने वाले 1 नवम्बर की तारीख से बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा अभ्यारण पर्यटकों एवं वाइल्ड लाइफ प्रेमियों के पर्यटन के लिए आधिकारिक रूप से खुल जायेगा। किन्तु इस जंगल मे आये दिन वन्य जीवों का शिकार होना अब आम बात हो गई है अभी बीते दिनों इसी जंगल के अर्जुनी परिक्षेत्र के बिलाड़ी परिसर में एक गौर का शिकार शिकारियों द्वारा किया गया था जिसके पूरे शरीर को कई टुकड़ो में वीभत्स तरीके से विभाजित कर दिया गया था

उसी प्रकार पूर्व में भी हिरन और तेंदुए को भी शिकारियों ने बिजली के करेंट लगाकर शिकार करने की घटनाएं भी हुई थी । स्थानीय लोगो की माने तो  ऐसी अनेको घटनाये आये दिन इस अभ्यारण में घटित होते रहती है जिनकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दबा दी जाती है । इसी विषय को ध्यान में रखते हुए स्थानीय वाइल्डलाइफ कंजरवेशन सोसायटी के अध्यक्ष निखिलेश त्रिवेदी ने जिले के वनों में अवैध शिकार पर चिंता व्यक्त करते हुए वन मंडल बलौदा बाजार के वन अधिकारियों से वन्य प्राणियों की समुचित सुरक्षा की मांग की है।  
 त्रिवेदी ने वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। 


एक अन्य घटना में सिद्धखोल झरने के पास एक छत्तीसगढ़ी फिल्म की शूटिंग के चलते फिल्म यूनिट के सदस्यों द्वारा अत्यधिक फटाके फोड़े जा रहे हैं जिससे आसपास के हाथी क्षुब्ध एवं उत्तेजित हो गए हैं। इस प्रकरण में भी वन विभाग से संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए त्रिवेदी ने उपद्रवियों पर तगड़ा जुर्माना लगाए जाने  एवं पूरी फिल्म यूनिट को वनों से बाहर खदेड़ने की अपील भी की है। त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि विधिवत तरीके से वन क्षेत्र में समुचित फीस चुकाकर फिल्मांकन की अनुमति ली गई है तो यह कार्य गैर कानूनी नहीं है

लेकिन फिल्म निर्माण के दौरान भीड़भाड़, शोरगुल, बाजा गाजा और  फाटकों का उपयोग नहीं होना चाहिए। वैसे भी इन दिनों बार के जंगलों में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है इस  प्रकार की घटनाओं से उनके उत्तेजित होकर वन ग्रामो में निवास करने वाले ग्रामीणों को उनकी जान एवं उनकी फसलो को इन हाथी दलों से नुकसान होने का  जोखिम बढ़ सकता है।

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