इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली
लालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवरहट में हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का मुंगेली पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, वहीं चार विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। आरोपियों और अपचारी बालकों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर सेल एवं थाना लालपुर की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में थाना लालपुर के अपराध क्रमांक 118/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4), 331(6) एवं 111 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है।
आधी रात घर में घुसकर दंपती को बनाया बंधक
पुलिस के अनुसार ग्राम देवरहट निवासी 55 वर्षीय धरमीन बाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 जुलाई की रात वह अपने पति नेतराम के साथ भोजन कर सोई थीं। रात करीब 12:30 बजे दोनों बाथरूम जाने के लिए घर से बाहर निकले, तभी एक युवक उनके सामने आया और उसके पीछे तीन-चार अन्य लोग भी पहुंच गए। सभी ने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे।
बदमाशों ने धरमीन बाई को धक्का देकर कमरे के भीतर पहुंचा दिया। पति ने विरोध किया तो उनके सिर पर हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद दोनों का मुंह दबाकर चाकू दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी और घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण, हाथ घड़ी, मोबाइल तथा पेटी में रखी करीब 8 से 9 हजार रुपये की नगदी लूटकर फरार हो गए।
बाजार में गहने देखकर बनाई थी लूट की योजना
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी एवं लूटी गई संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी माधुरी धिरही के नेतृत्व में साइबर सेल और लालपुर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, पुराने अपराधियों की गतिविधियों का विश्लेषण किया तथा मुखबिरों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान संदेह के आधार पर सोनू टंडन और देवी टंडन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों शैलेन्द्र टंडन, आर्यन जोशी उर्फ लेडी तथा चार अपचारी बालकों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने धरमीन बाई को बाजार में अधिक मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण पहने देखा था। इसके बाद उनके घर की रेकी कर योजनाबद्ध तरीके से लूट की साजिश रची गई।
हथियारों के दम पर वारदात, बाहर से होती रही रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात की रात शैलेन्द्र टंडन, आर्यन जोशी और चार अपचारी बालक घर के भीतर घुसे थे। उन्होंने चाकू, हंसिया और हथौड़ी दिखाकर दंपती को आतंकित किया। विरोध करने पर नेतराम साहू के सिर पर हमला किया गया। इसके बाद धरमीन बाई के शरीर पर पहने सभी आभूषण उतरवा लिए गए। गले में पहनी सोने की मंचली को हंसिया से काटकर निकाल लिया गया।
इधर, देवी टंडन और सोनू टंडन मोटरसाइकिल से घर के आसपास निगरानी करते रहे ताकि किसी के आने-जाने की स्थिति में साथियों को सतर्क किया जा सके। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार होकर लूट का सामान आपस में बांट लिया।
शत-प्रतिशत बरामद हुई लूट की संपत्ति
पुलिस ने आरोपियों एवं अपचारी बालकों की निशानदेही पर लूट का पूरा माल बरामद कर लिया। बरामद सामग्री में पांच नग सोने की मंचली, 50 तोला चांदी का करधन, एक जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी सोने के टाप्स, चांदी की अंगूठी, सोने का पदुम, एक मोबाइल फोन, 8,650 रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त चाकू शामिल है।
चार आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने इस मामले में देवी टंडन (26 वर्ष), सोनू टंडन (23 वर्ष), शैलेन्द्र टंडन (18 वर्ष) तथा आर्यन जोशी उर्फ लेडी (18 वर्ष), सभी निवासी पीपरखुंटा, थाना लालपुर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं चार विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरे अभियान में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी, थाना लालपुर प्रभारी उपनिरीक्षक सुन्दरलाल गोरले, प्रधान आरक्षक नरेश यादव, यशवंत डाहिरे, डोमरु सिंह, सुरेन्द्र कुर्रे, रवि जांगड़े, आरक्षक हेमसिंह ठाकुर, भेषज पाण्डेकर, परमेश्वर जांगड़े, गिरीराज, राहुल यादव, रमाकांत डहरिया, तोरन सोनवानी, रामकिशोर कश्यप, देवेन्द्र नागरे तथा महिला आरक्षक प्रेमलता टंडन सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।