नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने किया पदभार ग्रहण
समस्याओं को दूर करना पहली प्राथमिकता - आईपीएस अंकिता शर्मा
राजनांदगांव -
जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भापुसे.) ने आज पुलिस अधीक्षक जिला राजनांदगांव का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर एएसपी (ऑप्स) मुकेश ठाकुर , एएसपी राहुल देव शर्मा , सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन (भापुसे.) द्वारा सुश्री अंकिता शर्मा को गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया गया। पिछले दिनों राज्य सरकार ने एक प्रशासनिक फेरबदल में अंकिता शर्मा को राजनांदगांव जिले का एसपी नियुक्त किया था।
बतौर जिला उनका यह तीसरा जिला है , इससे पहले वे खैरागढ़ और सक्ती जिले में एसपी के पद पर सेवायें दे चुकी है। आज यहां उन्होंने स्थानीय शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपना प्रभार सम्हाला। जिला राजनांदगांव के नये पुलिस कप्तान के आगमन पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उन्हें सलामी दी गई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारियों का बैठक लेकर उन्हें उनके थाना/चौकी क्षेत्र के संबंध में बेसिक जानकारी , अपराधिक रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण अपराध की संक्षिप्त जानकारी लेकर उन्हें जुआ , सट्टा , अवैध शराब , गांजा , चाकूबाजी , गुण्डा बदमाश व आसामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने के साथ ही थाना व चौकी में आने वाले आवेदकगणों से अच्छा व्यवहार करने को कहा गया।
तत्पश्चात जनसंवाद कक्ष में पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के समस्त इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार बंधुओ से रूबरू होकर उन्हें एक साथ मिलकर संस्कारधानी राजनांदगांव में बेसिक पुलिसिंग , विजुअल पुलिसिंग एवं फिल्ड पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण करने , सुगम यातायात व्यवस्था बेहतर पुलिसिंग का आश्वासन दिया गया। मीडिया से औपचारिक चर्चा में उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्रों की परिस्थितियों के आधार पर समस्याओं को दूर करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
इसके अलावा अवैध शराब , जुआ , सट्टा और नशीले पदार्थों की तस्करी के बढ़ते मामलों पर भी लगाम कसने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहर में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को जल्द ही प्रारंभ कराया जायेगा। गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा 2018 बैच की आईपीएस. अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक नियुक्ति प्रशिक्षु आईपीएस जिला बलौदाबाजार-भाटापारा , सीएसपी (सर्किल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) रायपुर , एडिशनल एसपी (नक्सल ऑपरेशन) जिला जगदलपुर , नवीन जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के ओएसडी पद पर तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ थी। यहां के बाद इनके द्वारा जिला सक्ति में पुलिस अधीक्षक के रूप में दायित्व का निर्वहन सफलतापूर्वक किया गया है।
लाखों युवाओं की प्रेरणास्रोत हैं अंकिता शर्मा
उल्लेखनीय है कि अंकिता दिखने में जितनी खूबसूरत है , उससे कहीं ज्यादा सख्त उनका अंदाज है। एक ओर जहाँ इनके पुलिसिंग कार्यप्रणाली से नक्सली भी थर्राते हैं वहीं दूसरी ओर यूपीएसपी छात्र छात्राओं को अध्यापन – मार्गदर्शन देने से ये लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत भी हैं। अपने क्षेत्र में नित नये अभिनव पहल के चलते भी लोग इन्हें सैल्यूट करते हैं और सोशल मीडिया पर भी इनके लाखों फालोवर्स हैं। ये एक ऐसे जांबाज महिला आईपीएस हैं , जो किसी परिचय की मोहताज नही है। इन्होंने कठिन मेहनत से छोटे से गांव से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफर हासिल किया है। इनकी बहादुरी के किस्से आज देश भर में मशहूर हैं , बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन भी इनकी खूबसूरती और बहादुरी की तारीफ कर चुकी हैं। आईपीएस सुश्री अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सिकोसा गांव की निवासी हैं और इनका ननिहाल पाटन में है। इनका जन्म 25 जून 1990 को हुआ , इनकी मां सविता शर्मा एक गृहिणी हैं और पिता राकेश शर्मा एक बिजनेमैन हैं।
ये तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली अंकिता ने सेंट जेवियर्स स्कूल दुर्ग से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की है। इसके बाद इन्होंने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स में एमबीए की , जिसमें ये गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके बाद वे सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिये दिल्ली गईं , लेकिन उनका वहां मन नहीं लगा। छह महीने में ही वे दिल्ली छोड़कर अपने घर वापस आ गईं और वहीं से परीक्षा की तैयारी करने की ठानी। आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा दो बार यूपीएससी क्रैक करने में असफल रही थीं लेकिन अपनी कड़ी मेहनत , लगन के दम पर उन्होंने तीसरे प्रयास में परीक्षा को पास किया और आईपीएस बनीं।
इन्होंने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में 1035 अंको के साथ 203 रैंक हासिल की थी। इन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस रैंक आवंटित हुई थी , इसके साथ ये राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं। वे मई 2022 में खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई जिले में बतौर एसपी पदस्थ रहीं। इसके अलावा इन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में एंटी नक्सली ऑपरेशन का इंचार्ज भी बनाया गया। इस दौरान इन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाये , इनकी जांबाजी के किस्से देश भर में मशहूर हैं। ये किरण बेदी को अपना रोल माडल मानती हैं। इनको घुड़सवारी और बैडमिंटन का खासा शौक है। ये योगा , प्राणायाम और शारीरिक कसरत करने के साथ ही खान - पान पर भी विशेष ध्यान देती हैं।