जिला
प्रेरणादायक उद्धरण , पुछेली चांपा में रहने वाले लोकेश यादव और श्रीमति लीना यादव की कहानी कैसे एक दंपति अपने जीवन में बदलाव लाकर समाज के लिए कुछ कर सकता हैंं ।
बिना किसी स्वार्थ किंतु त्याग और सेवा भावना रखने वाले यादव दंपत्ति हर समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत ।
चांपा । चांपा से करीबन लगभग 8 किलोमीटर दूर एक छोटा सा गांव हैं,जिसका नाम पुछेली हैं । सड़क किनारे छोटी-सी गली पार करने के बाद एक मकान दूर से ही स्वच्छ और साफ दिखाई देता हैं । तीन-चार दिन पहले ही इस मकान में लोकेश यादव और उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमति लीना यादव ने गृह प्रवेश किया हैं । अपने छोटे से आशियाना का नाम इन्होंने वृंदावन रखा हैं । इस नवनिर्मित आशियाना में स्मृति शेष पिता बुधराम यादव की फोटो दूर से दिखाई देता हैं । शिक्षित यादव पति-पत्नी में एक प्रतिष्ठित किंतू बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ समन्वयक जिनका नाम हैं लोकेश यादव दूसरी प्रतिष्ठित निजी स्कूल में शिक्षिका श्रीमति लीना यादव । दोनों ने ऐशो-आराम तथा विलासिता पूर्ण जीवन को छोड़कर साधारण जीवन शैली अपनाई हैं और अब पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने का निर्णय लिया हैं । प्रगतिशील स्वर्ण एवं रजत समिति चांपा सचिव तथा दैनिक मूलमंत्र/ न्यूज़ क्रिएशन/ बिहान छत्तीसगढ़ के लेखक शशिभूषण सोनी से इनका पारिवारिक संबंध हैं । अक्सर घर-परिवार के कार्यक्रमों में आना-जाना लगा रहता हैं ।
हर गांव श्रेष्ठ गांव के उद्घोष लोकेश।
उर्जावान लोकेश यादव बम्हनीडीह ब्लांक के एक छोटे-से गांव पुछेली में रहकर बच्चों को पढ़ाने लगे एवं अब पर्यावरण संरक्षण कि दिशा में काम कर रहे हैं । दोनों ही छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र मंडल से जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं । उनका नारा हैं 'हर गांव ,श्रेष्ठ गांव ' के उद्घोष लोकेश यादव का कहना हैं कि बचपन से ही पूज्य पिता बुधराम यादव और श्रीमति गंगाबाई यादव मां की मितव्ययिता लगती थी कि बड़े होकर समझ में आया कि रुपए-पैसों का सदुपयोग करना चाहिए , अतएव इसी सीख को अपनाया और यही बातें हमारे बुरे वक्त की सेविंग थी। शशिभूषण सोनी ने कहा कि पिता की शिक्षा ने लोकेश यादव को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की और उन्हें अपने जीवन में सही निर्णय लेने में सक्षम बनाया ।
नवोदय विद्यालय से शिक्षित लोकेश यादव से विशेष बातचीत ।
बिहान छत्तीसगढ़ से बातचीत करते हुए लोकेश यादव ने कहा कि 4 लाख रुपये की अच्छी-खासी एमएनसी की नौकरी छोड़कर जब मैनें स्वयं का स्टार्ट-अप करने का फैसला किया , तब सबसे पहले मेरे पिताजी बुधराम यादव ने मेरा साथ दिया । आज मुझे उनके द्वारा दी गई शिक्षा का मतलब समझ में आ रहा हैं । पिता की मितव्ययिता मेरे लिए ही थी । सच में ऐसे ही तो होते हैं पिता जो अपनी ज़रूरतों को पीछे रखकर हमारी पढ़ाई-लिखाई और अन्यान्य शौक पूरे करते हैं और एक-एक पाई जोड़कर हमारे भविष्य को सुरक्षित करते हैं ताकि अगर कभी हम कमाई न कर सकें तो भूखे-प्यासे न रहना पड़े । सच में पिताजी सिर्फ पालते नहीं वो हमें हर हाल में संभालते भी थे। उन्होंने रुआंसे आंखों से स्मरण करते हुए कहा कि आज पूज्य पिताजी हमारे बीच नहीं हैं पर उनके द्वारा दी गई शिक्षा और मार्गदर्शन हमेशा हम सबका मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी ।
मितव्ययिता - लोकेश यादव के पिता बुधराम यादव ने जीवनपर्यंत मितव्ययिता की शिक्षा दी, जो उनके जीवन में महत्वपूर्ण साबित हुई ।
आत्मनिर्भरता - शासकीय शिक्षक बुधराम यादव की एक शिक्षा ने लोकेश यादव को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की और उन्हें अपने जीवन में सही निर्णय लेने में सक्षम बनाया ।
नवोदय विद्यालय वाले लोकेश यादव गुरुजी ।
लोकेश यादव की कहानी एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं जो दिखता हैं कि कैसे एक व्यक्ति अपने जीवन में बदलाव लाकर समाज और विद्यार्थियों के लिए कुछ कर सकता हैं । आज दोनों पति-पत्नी गांव-गांव के बच्चों को तो शिक्षित कर ही रहे हैं बल्कि अब आनलाइन के माध्यम से दूरदराज के विद्यार्थियों को भी शिक्षित कर रहे हैं। अब बच्चे इन्हें नवोदय विद्यालय वाला गुरुजी के नाम से संबोधित कर रहे हैं । गौरतलब है कि नवोदय विद्यालय से शिक्षित हैं लोकेश यादव ।
’’मोर गांव, मोर पानी‘’ महाभियान से जिले में जल संरक्षण को मिली नई दिशा जन सहयोग बना स्थायी जल सुरक्षा की आधारशिला
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
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सूरजपुर/
08 जुलाई 2025/ जिले में जल संकट से स्थायी निजात दिलाने एवं भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत व्यापक जल संरक्षण के कार्य किए जा रहा हैं। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू के मार्गदर्शन में महाअभियान का शुभारंभ कर इसे प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिला एवं जनपद स्तर पर सीईओ को नोडल अधिकारी नियुक्त कर, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन का चयन किया गया तथा मैदानी अमलों को ग्राम, जनपद एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस महाअभियान में 64 नालों का सर्वे किया गया, जिसमें 18 मॉडल नालों का चयन कर क्षेत्रवार कार्य योजना बनाई गई है। पार्टिसिपेट्री रूरल अप्रैज़ल पद्धति से ग्रामों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन योजना तैयार कर उसे ग्राम पंचायत विकास योजना में समाहित किया गया एवं शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। मनरेगा के श्रम बजट में समाहित कर रोजगार सृजन करते हुए कार्यों की स्वीकृति ’सिक्योर’ पोर्टल के माध्यम से दी गई। इस महाभियान के तहत कंटूर ट्रेंच 55, वृक्षारोपण 34 स्थल, गली प्लग 2520, लूज बोल्डर चेक डेम 855, कूप 12, गैबियन स्ट्रक्चर 43, अंडरग्राउंड डाइक 20, फार्म पोंड 1289, मिट्टी बांध 67, चेक डेम 09 एवं अमृत सरोवर 28 कुल 4932 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य बरसात में बहकर व्यर्थ जाने वाले जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना है। कार्ययोजना निर्माण में आधुनिक (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) तकनीक का उपयोग करते हुए पहाड़ी से घाटी तक (रिज टू वैली) सिद्धांत पर आधारित संरचनाओं की योजना बनाई गई है जिससे वर्षा जल को संरचित ढंग से रोककर अधिकतम जल संचयन सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही जनसहयोग एवं श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को भी गति दी गई है, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मचारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही है। वर्षा ऋतु से पूर्व नालों की सफाई कर जल प्रवाह को सुचारू किया गया जिससे जलभराव एवं जलजनित रोगों की समस्या में कमी आई है। पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए पंचायत भवनों, विद्यालय परिसरों, सड़कों एवं खाली स्थानों पर स्थानीय प्रजातियों जैसे नीम, पीपल, करंज एवं बांस के पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। घरेलू अपशिष्ट जल के समुचित निपटान हेतु परिवारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर जल पुनर्भरण की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। इन समस्त प्रयासों में जनभागीदारी से जनकल्याण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है, जिससे जिले में न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिली है बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका को भी स्थायित्व मिला है। भू-जल स्तर में वृद्धि एवं मिट्टी कटाव की समस्या पर नियंत्रण जैसे सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं, जिससे यह महाभियान जिले की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है।
*स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से चिरमिरी को मिली बड़ी सौगात, पेयजल संकट होगा समाप्त पेयजल परियोजना के लिए 185 करोड़ रुपये की मिली वित्तीय स्वीकृति
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
एमसीबी, 8 जुलाई 2025/
चिरमिरीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के अथक प्रयासों से चिरमिरी क्षेत्र को वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से निजात मिलने जा रही है। अमृत मिशन 2.0 योजना के अंतर्गत राज्य शासन ने चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में पेयजल परियोजना के लिए 185 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
यह परियोजना लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे सैकड़ों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी। पानी की अनियमित आपूर्ति और गंदे पानी की समस्या से परेशान क्षेत्रवासियों को अब नियमित और स्वच्छ जल मिल सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री और शहरी प्रशासन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना चिरमिरी क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
जल्द ही चिरमिरी की धरती पर बहता साफ़ और शुद्ध जल न केवल स्वास्थ्य लाभ देगा बल्कि नागरिकों का जीवन स्तर भी ऊँचा उठाएगा।स्थानीय नागरिकों ने इस पहल के लिए मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्षों बाद किसी जनप्रतिनिधि ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेंद्रगढ़ जिले को एक मिली बड़ी सौगात मनेंद्रगढ़ को मिली सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात, 441 लाख की लागत से होगा निर्माण
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
चिरमिरी, 8 जुलाई 2025/
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से एमसीबी जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र में सेंट्रल लाइब्रेरी सहित रीडिंग ज़ोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस परियोजना के तहत नगर पालिक निगम चिरमिरी में 250 सीटों की क्षमता वाली आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तथा पुस्तक प्रेमियों को बेहतर अध्ययन सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी न केवल युवाओं के करियर निर्माण में सहायक होगी, बल्कि ज्ञान आधारित समाज की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शांत रीडिंग ज़ोन की व्यवस्था की जाएगी।
यह विकास कार्य क्षेत्रीय समानता और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
स्थानीय नागरिकों एवं विद्यार्थियों में इस घोषणा को लेकर खुशी की लहर है। सभी ने इस पहल के लिए मंत्री श्री जायसवाल का आभार जताया है।
" सत के पनही "
सुख-दुख के रिमझिम बरसा,
निस दिन बरसत जाय।
ये जिनगी के बिच्छल रस्दा।
कनहारी माटी ताय।।
अंगठा ल गड़िया के रेगबे,
खोभत-खोभत जाबे।
जिनगी के मोटरा बड़ भारी,
डगमग पार लगाबे।।
करिया चिक्कन तेल बरोबर,
जतके रेंग चिकनाथे।
बरखा के पानी संग मिलके,
माटी बड़ डरवाथे।।
कभु मेंड़ अऊ कभु खेत म ,
चभरंग ले गोड़ बोजाही।
अइसन हे जिनगानी रे संगी,
कांटा घलो गड़वाही।।
करम-धरम के फेंटा बांध के,
मन म धरके धीर।
सत के पनही पांव म पहिरके,
जिनगी के बोझा तीर।।
दुख ल देख डराबे झन अऊ ,
सुख म झन इतराबे।
अजब-गजब ये खेल जीवन के,
हांसत पार लगाबे।।
डॉ.श्यामा कुर्रे।, सुपेला भिलाई (छ ग)
अंतर्जातीय प्रेम विवाह के बाद ‘हुक्का पानी’ बंद, न्याय की गुहार लेकर एस पी ऑफिस पहुंचे पीड़ित जोड़ा ।
चाम्पा,
न्यू कॉलेज रोड, जगदल्ला रोड चांपा निवासी एक प्रेमी जोड़े ने अंतरजातीय विवाह के बाद समाजिक बहिष्कार और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित अजय खूंटे और नेहा साहू ने बताया कि उन्होंने 5 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था, लेकिन आज भी समाज ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।नेहा ने अपनी मां सुलेखा साहू सहित महिला समूह के अन्य सदस्यों पर नामजद शिकायत की है। पीड़ितों के अनुसार, समाज ने उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया है।
आसपास के लोग उनकी किराना दुकान से सामान खरीदने से मना कर रहे हैं। इतना ही नहीं, समाज के लोगों ने उठने-बैठने पर जुर्माना लगाकर लाखों रुपये की वसूली भी की है।नेहा और अजय का आरोप है कि समूह के सदस्य लगातार पैसों की मांग कर रहे हैं, और इनकार करने पर गाली-गलौज के साथ-साथ जान से मारने की धमकी भी देते हैं। घर आए मेहमानों को घेरकर मारपीट की जाती है और घर में पत्थरबाजी तक की घटनाएं हो रही हैं।पीड़ित दंपत्ति ने सीसीटीवी कैमरों में दर्ज गाली-गलौज और मारपीट के वीडियो भी बतौर सबूत पेश किए हैं। इसके बाद थक हारकर वे एसपी कार्यालय पहुंचे। हालांकि आला अधिकारी ने अब पीड़ित को आश्वाशन दिए इस तरह के गतिविधि में शामिल करने वाले के ऊपर तत्काल जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
उल्टा पानी’ देखने उमड़ रही भीड़! मैनपाट बना छत्तीसगढ़ का रहस्यमयी हॉटस्पॉट, दुनिया में केवल 64 ऐसी जगहें..
अम्बिकापुर
,छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट को राज्य का “शिमला” कहा जाता है, लेकिन यह हिल स्टेशन केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखी और रहस्यमयी घटना के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां स्थित ‘उल्टा पानी’ नामक स्थल देशभर के पर्यटकों के लिए जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्थान की विशेषता यह है कि यहां कोई भी वाहन यदि न्यूट्रल गियर में सड़क पर खड़ा किया जाए तो वह बिना किसी बाहरी बल के खुद-ब-खुद लगभग 110 मीटर की दूरी तक ऊंचाई की ओर बढ़ता है। यही नहीं, यहां पानी का बहाव भी नीचे की बजाय ऊपर की दिशा में होता प्रतीत होता है। यह नज़ारा न केवल आम लोगों को हैरान करता है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी शोध का विषय बना हुआ है।
अदृश्य शक्तियां या विज्ञान का खेल?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्षों पहले तक इस स्थान को लोग भूत-प्रेतों का प्रभाव मानते थे। मैनपाट के पर्यटन अधिकारी सुरेंद्र वर्मा बताते हैं, “लोग मानते थे कि यहां कोई अलौकिक शक्ति है जो वाहनों को ऊपर खींचती है। लेकिन जब पर्यटन विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया और वैज्ञानिकों ने इस पर अध्ययन शुरू किया, तब जाकर स्थिति स्पष्ट हुई। आज यह स्थान मैनपाट का प्रमुख पर्यटक केंद्र बन चुका है।”
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
भौतिक शास्त्र के प्रोफेसर ए.के. पाणिग्रही बताते हैं कि यह घटना गुरुत्वाकर्षण बल से अधिक प्रभावी किसी अन्य बल, जैसे चुंबकीय क्षेत्र या ऑप्टिकल इल्यूजन (दृष्टि भ्रम) के कारण संभव हो सकती है। उनके अनुसार, “यदि पानी ऊपर की दिशा में बहता प्रतीत हो और वाहन खुद-ब-खुद चढ़ाई की ओर जाए, तो इसका अर्थ यह है कि वहां गुरुत्वाकर्षण बल की तुलना में कोई अन्य बल कार्यरत है। यह असामान्य ढलान, आसपास की चट्टानों में मौजूद खनिज तत्व, या क्षेत्र विशेष की भौगोलिक स्थिति भी हो सकती है। हालांकि यह विषय अभी भी शोध का केंद्र बना हुआ है।”
देश-दुनिया में कुल 64, भारत में मात्र 5
मैनपाट देश के उन चुनिंदा स्थानों में शामिल है, जहां ऐसी गुरुत्वाकर्षण-विरोधी घटनाएं देखने को मिलती हैं। भारत में इस तरह की कुल 5 जगहें चिन्हित हैं:
लेह (लद्दाख)
तुलसी श्याम (अमरेली, गुजरात)
कालो डुंगर (कच्छ, गुजरात)
जोगेश्वरी-विकरौली लिंक रोड (मुंबई)
मैनपाट (सरगुजा, छत्तीसगढ़)
वैश्विक स्तर पर ऐसी कुल 64 जगहें पाई गई हैं, जिन्हें वैज्ञानिक ‘Gravity Hill’ के नाम से परिभाषित करते हैं।
पर्यटन को मिल रही नई पहचान
पर्यटन विभाग के प्रचार-प्रसार और सड़क सुविधाओं के विस्तार के बाद ‘उल्टा पानी’ अब मैनपाट की पहचान बन चुका है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और अपनी गाड़ी को न्यूट्रल मोड में डालकर इस घटना का प्रत्यक्ष अनुभव लेते हैं। स्थान विशेष की वीडियो क्लिप्स और सोशल मीडिया पोस्ट ने इसे और भी लोकप्रिय बना दिया है।
राष्ट्रीय कलाकार एसोसिएशन मुम्बई संस्था के द्वारा सदस्यता अभियान शुरू किया हैबेमेर्ता
बेमेतरा -
राष्ट्रीय कलाकार एसोसिएशन मुम्बई के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पदाधिकारी लक्ष्मण राजपूत ने कहा जिला बेमेतरा - राष्ट्रीय कलाकार एसोसिएशन मुम्बई के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पदाधिकारी लक्ष्मण राजपूत ने क्या कहा राष्ट्रीय कलाकार एसोसिएशन मुम्बई संस्था के द्वारा सदस्यता अभियान शुरू किया है जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी लक्ष्मण राजपूत ने कलाकारों से अपील कि है गांव शहर देश प्रदेश में जितना भी कलाकार साथी है
चाहे एलबम सांस्कृतिक कार्यक्रम रामायण मानस मंडली छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी भजन गायक बांसुरी वादक तबला वादक ढोलक बजाने वाले एवं संगीत के क्षेत्र में जितने भी कलाकार हैं हमारे राष्ट्रीय कलाकार एसोसिएशन छत्तीसगढ़ प्रदेश में जुड़कर देश दुनिया में नाम कमाए कलाकार पहेचान आईडी कार्ड बनवाए साथ ही गांव स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर आईडी कार्ड लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति दे लोग आपको राष्ट्रीय कलाकार के नाम से जाने एवं मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि दिलाने में मदद मिलेगी संस्था के द्वारा राष्ट्रीय सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा
आपको सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करें हमारा उद्देश्य है कि गांव गांव में कलाकार बनकर बैठे हैं लेकिन मंच मिल नहीं रहा है ऐसे कलाकारों को संस्था के द्वारा राष्ट्रीय स्तर से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर मंच दिया जाएगा इसके साथ ही सम्मानित भी किया जाएगा लक्ष्मण राजपूत छोटे से गांव बुंदेला बेमेतरा छत्तीसगढ़ प्रदेश से हैं जो युटुब चैनल के माध्यम से एलबम रिलीज हुई है जिन्हें पद्म श्री सम्मान तक नहीं मिला है ना ही कोई विडियो एल्बम रिलीज हुआ है
फिर भी संगीत में रूचि रखने के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी का जिम्मेदारी दिया गया है Singer Laxman Rajput Star युटुब चैनल पर कुछ गीत संगीत इनकी देख सकते हैं लक्ष्मण जी हमारे संस्था से 5 सालों से जुड़े हुए हैं इनकी तरक्की कामयाबी हासिल अपने दम पर किया है जीवन में बहुत संघर्षो का सामना किया है लेकिन हार नहीं माना है लक्ष्मण राजपूत एक नेक दिल के इंसान है सीधा साधा सरिफ इनके गांव में स्टार लक्की राजपूत के नाम से जाना जाता है
जलस्तर बढ़ाव में फंसे सत्रह ग्रामीणों का किया गया सफल रेस्क्यू
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
कोरबा - लगातार हुई बारिश के चलते नदी में जलस्तर बढ़ जाने के कारण उसके पास बसे ग्रामीणों के छतों पर फंसे होने की सूचना मिलने पर डीडीआरएफ कोरबा की टीम ने एसडीआरएफ बिलासपुर टीम के साथ घनघोर जंगल के भीतर देर रात्रि तीन घंटे तक संयुक्त रेस्क्यू कर अलग - अलग खण्डों ( कृषि कार्य करने खेत गये एवं मछली मारने पहुंचे) सत्रह ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक लाने में सफलता हासिल की है। इस कार्यवाही में राजस्व विभाग पाली , थाना पाली स्टॉफ की भी सराहनीय भूमिका रही।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेण्ट कोरबा अनुज एक्का ने अरविन्द तिवारी को बताया कन्ट्रोल रुम रामपुर 112 से समय लगभग पांच बजे सूचना प्राप्त हुआ कि छह ग्रामीण पाली थाना क्षेत्र अन्तर्गत टूकू पथरा ग्राम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अपने मकान के छत पर चढ़ गये हैं तथा उनको रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर निकाल कर लाना है। सूचना प्राप्त होते ही डीडीआरएफ कोरबा की टीम तथा एसडीआरएफ बिलासपुर की टीम दोनों ने मिलकर मोटर बोट के माध्यम से रात्रि लगभग साढ़े ग्यारह बजे से लेकर ढाई बजे तक सफल रेस्क्यू कर सत्रह लोगों (जिसमें बच्चे , बूढ़े एवं महिला भी सम्मिलित) को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक लाया गया। डीसी एक्का ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम पहले से ही उस क्षेत्र में मौजूद थी जिनसे डीडीआरएफ की टीम ने सहयोग लिया।
इन ग्रामीणों का किया गया रेस्क्यू -
लक्ष्मीनारायण यादव उम्र 50 वर्ष , महारथी कश्यप 61 वर्ष , रामदेव यादव 27 वर्ष , मुकेश यादव 18 वर्ष , जगत राम यादव 27 वर्ष , धर्मेन्द्र कश्यप 32 वर्ष , राहुल यादव 17 वर्ष , छत्रपाल यादव 48 वर्ष , लक्ष्मेंद्र कश्यप 39 वर्ष , वृहस्पति बाई 45 वर्ष सभी निवासी लब्दापारा पोंड़ी एवं गोवर्धन महिलांगे 65 वर्ष , श्याम बाई 60 वर्ष , शौखीलाल खुरसेंगा 35 वर्ष , कविता 27 वर्ष , साधना 24 वर्ष , गोविन्द 02 वर्ष और दिक्षिका 01 वर्ष सभी निवासी टुकू पथरा।
इन जवानों की भूमिका रही सराहनीय -
इन सभी ग्रामीणों के सफल रेस्क्यू करने में एसडीआरएफ टीम बिलासपुर से मेजर ध्रुव कुमार साहू , सैनिक दीपक तिवारी , दीपक साहू , रेखचंद लहरे , संजय बघेल , सुशील ध्रुव , प्रदीप राठौर , राजेश राठौर और वाहन चालक जनकराम पटेल की सराहनीय भूमिका रही। वहीं डीडीआरएफ कोरबा से सैनिक गेंदलाल मनहरे , संतोष पटेल , सुधीर लहरे , कमलेश कंवर , घनश्याम खूंटे , पवन कंवर , अभिनव सिंह और अनिल कुमार यादव का भी सराहनीय योगदान रहा।
डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म जयंती पर वृक्षारोपण के साथ पुष्पांजलि सामुदायिक भवन सक्ती में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित हो...अधिवक्ता चितरंजय पटेल
सक्ति,राष्ट्र में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान के खिलाफ तथा कश्मीर में धारा 370 के मिली स्वायत्तता की समाप्ति हेतु आवाज बुलंद करने वाले महामना डा श्यामा प्रसाद की मुखर्जी की जन्म जयंती पर वृक्षारोपण कर आज उन्हें पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इन पलों में उनके बलिदान को स्मरण करते हुए उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि आज के कश्मीर को बनाने हेतु संघर्ष करते हुए उन्होंने अपना जीवन कुर्बान कर दिया। अधिवक्ता पटेल ने आगे बताया कि उनकी स्मृति में सक्ती नगर पालिका द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन में न ही उनकी प्रतिमा लगी है और न ही उनका चित्र अथवा नाम पट्टिका लगी है जिससे भावी पीढ़ी उनके बलिदान को स्मरण कर सके फलस्वरूप विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं के द्वारा विगत वर्ष उनके चित्र के साथ भवन में बैनर भी लगाया गया था जो अब नदारद है।
प्रदेश और देश में राष्ट्रवाद प्रणीत सरकार होने के बावजूद सामुदायिक भवन उनके पहचान के प्रति लापरवाही के प्रति रोष व्यक्त करते हुए अधिवक्ता चितरंजय ने छत्तीसगढ़ शासन से सामुदायिक भवन में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा शीघ्र स्थापित करने का मांग किया है तथा इस आशय का ज्ञापन स्वायत्त शासन मंत्री के साथ मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ सरकार को प्रेषित किया है ताकि शीघ्र ही उनके स्मृति में निर्मित सामुदायिक भवन की पहचान उनके नाम पर हो।
शाला विकास एवं प्रबंध समिति के अध्यक्षों का प्रशिक्षण व कार्यशाला सम्पन्न शिक्षा गुणवत्ता में सुधार समाज की भागीदारी के बिना संभव नहीं - गगन जयपुरिया
जांजगीर-चांपा
,शासन शिक्षा की स्थिति को किसी भी स्थिति में बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यही कारण है की प्रतिदिन कई प्रकार की कवायद शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में की जा रही है। जिला ऑडिटोरियम जांजगीर में इसी प्रकार का प्रयास जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया के मार्गदर्शन में किया गया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य नव मनोनीत शाला विकास प्रबंध समिति के अध्यक्षों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित कराना था। इस आयोजन में जिला शिक्षा विभाग के आला अधिकारी से लेकर आम कर्मचारी तक जुटे हुए थे। प्रशिक्षण के प्रथम चरण का प्रारंभ पंजीयन से किया गया। पंजीयन में दूर गाँवो से आए विभिन्न विद्यालयों के शाला विकास समिति के अध्यक्षों ने अपना पंजीयन कराया। पंजीयन कर लेने के उपरांत जिला ऑडिटोरियम कक्ष में सुव्यवस्थित रूप से अपना स्थान ग्रहण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी पर विराजमान रहे नारायण चंदेल पूर्व नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ शासन। विशिष्ट अतिथि की आसन्दी पर विराजमान रहे अंबेश जांगड़े जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, रवि पांडेय , गुलाब सिंह चंदेल , टिकेश्वर गबेल, प्रशांत ठाकुर, अमर सुल्तानिया, हितेश यादव, संभाग आयुक्त शिक्षा विभाग आर. पी. आदित्य एवं शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी अश्वनी भारद्वाज I कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष गगन जयपुरिया थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैल्य चित्र पर दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया। इसके बाद अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत जिला शिक्षा विभाग के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उदबोधन में अपने अध्यक्षीय भाषण में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मनसा शिक्षा को आम जनमानस तक पहुंचाने की रही है। विगत वर्षों में जन भागीदारी विकास समिति के सदस्यों का गठन तो किया जाता था, परंतु उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता था। हमने अध्यक्षों के कार्यो को सुगम बनाने के लिए इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है,ताकि शासकीय स्कूल को आम जनता से जोड़ा जा सके। नारायण चंदेल ने अपने उदबोधन में कहा कि इस आयोजन के लिए मैं जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया जी को बधाई देना चाहूंगा कि उनके मार्गदर्शन में इस प्रकार का आयोजन पहली बार जिला स्तर में किया जा रहा है। निश्चित रूप से जब अध्यक्ष जागरूक होंगे तभी शाला में विकास की बयार अपने आप बहने लगेगी। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने कहा कि शासन शिक्षा को आम जनमानस तक पहुंचने के लिए कई स्तरों पर प्रयासरत है जिला जांजगीर में इस प्रकार की पहल शिक्षा को आगे बढ़ा पाने में कारगर साबित होगी।इसके बाद विभिन्न विषयों को लेकर के जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट के प्रशिक्षकों श्री गोपेश साहू, श्री संजय शर्मा, श्री दिनेश कुमार चतुर्वेदी, श्री प्रद्युमन शर्मा ने अध्यक्षों को विद्यालय संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करनी प्रारंभ की। दूर-दूर से आए जन भागीदारी विकास समिति के अध्यक्षों ने बढ़ चढ़कर इस परिचर्चा में हिस्सा लिया और साथ ही कई प्रकार के प्रश्न पूछे जिनका समाधान प्रशिक्षकों ने सरलता पूर्वक दिया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन व्याख्याता दीपक कुमार यादव जी के द्वारा किया गया।
सब का कारण है सभ्यता
गिरी कंदराओं से निकालकर ,
वनमानुष को मानुष में ढाल कर ।
विवेक ज्योति का संचार कर ,
मानव जाति पर उपकार कर ।
धारा से उठाकर चांद पर,
आज मानव को उतार कर।
यह हमने पाई जो योग्यता,
सब का कारण है सभ्यता ।
धरा पर तृण न उगता था कभी ,
भूखे-प्यासे लाले थे सभी ।
बिलखता था, मां का लाल ,
ममता रोती देख बेटे का हाल ।
बीत गया सब कष्ट काल,
छाया हरित क्रांति का जाल ।
मरुस्थल में भी आई रमणीयता,
सब का कारण है सभ्यता ।
सर छुपाने को न था ठिकाना,
घास -फूस का था आशियाना ।
फुटपाथ बनाकर बिस्तर ,
आसमान को ओढ़े बनाकर चादर ।
अब हो गई सर पर छाया ,
जब से हमने विकास पथ को पाया।
झोपड़ के जगह ली भवनों की भव्यता,
सबका कारण है सभ्यता ।
बढ़ गया मेरे मन की पीड़ा,
जब मेरे अंतर द्वन्द ने छेड़ा ।
भूल गए सब प्रेम की भाषा,
हो गई सबको धन की अभिलाषा
टूट रहे हैं अब सारे रिश्ते ,
नैतिकता सिर्फ बन गये किस्से।
होने लगी अब धन की पूजा,
इससे बढ़कर अब कोई नहीं दूजा । अब जज्बातों का कद्र कहां,?
पाश्चात्य का रंग चढ़ा हो जहां।
कर्मों से कर दिया उसे दग्धता ,
इसलिए हमसे दूर हो रही सभ्यता ।
सुरेश मानिकपुरी
खरसिया, रायगढ़
श्रद्धा और आस्था का पर्व, भगवान जगन्नाथ स्वामी की बहुड़ा यात्रा सम्पन्न ! श्रीजगन्नाथ स्वामी की वापसी रथ यात्रा , बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त हुए शामिल ।
भगवान श्रीजगन्नाथ बद्रीनाथ में स्नान , द्वारिकापुरी में श्रृंगार, रामेश्वरम में शयन और पुरी में अन्न प्रसाद ग्रहण करते हैं ।
जांजगीर-चांपा । आस्था, कर्म और पुनर्जन्म के धार्मिक रीति-रिवाजों के प्रतीक जगन्नाथ पुरी धाम को माना जाता हैं । महान तीर्थ के रुप में स्थापित इस मंदिर में भगवान श्रीजगन्नाथ ( कृष्ण ) , उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की काष्ठ की बनी हुई मूर्ति दर्शनीय हैं । भुवनेश्वर से मात्र 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह हिंदुओं के चार पवित्र तीर्थों में से एक हैं । यहां के वैष्णव धर्म की मान्यता हैं कि राधा और कृष्ण की युगल मूर्ति की प्रतीक श्रीजगन्नाथ स्वामी जी ही हैं । शास्त्रों और पुराणों के अनुसार सभी मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा राजा इंद्रघुम्न ने मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से स्वयं की थी । छत्तीसगढ़ अंचल सहित देश-विदेश में आज भगवान जगन्नाथ स्वामी की मूर्ति हैं और हर जगह रथयात्रा महोत्सव के रुप में मनाया जाता हैं । दिनांक 05 जुलाई को जगन्नाथ स्वामी नयन पथ गामी भवतु यानी कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकली गई और यह वापस अपने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रतिस्थापित की गई ।
रथयात्रा महोत्सव आज हिंदूओं का मुख्य त्योहार हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं और फिर वापस अपने मुख्य मंदिर में दशमी तिथि को लौटते हैं । जगन्नाथ रथयात्रा का ऐतिहासिक महत्व -
भगवान जगन्नाथ की पूजा-आराधना -जगन्नाथ रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ की पूजा-आराधना और उनकी महिमा का उत्सव मनाने के लिए मनाई जाती हैं । भगवान जगन्नाथ को वैसे भी विष्णु का अवतार माना जाता हैं ।
गुंडिचा मंदिर- गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर हैं, जहां वे 8 दिन विश्राम करते हैं और फिर वापस अपने मुख्य मंदिर में लौटते हैं ।
बहुड़ा यात्रा यानी कि वापसी रथयात्रा -भगवान जगन्नाथ की वापसी रथयात्रा को 'बहुड़ा यात्रा ' कहा जाता हैं जो कि दक्षिणाभिमुखी यात्रा हैं।
मंत्रोच्चारण और पुनर्स्थापना-भगवान जगन्नाथ को मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के मठाधीश और उनके लघु भ्राता द्वारा गर्भ गृह में पुनर्स्थापित किया जाता हैं ।
जगन्नाथ रथयात्रा में प्रेस क्लब चांपा की रही हैं भागीदारी ।
प्रेस क्लब चांपा के उर्जावान अध्यक्ष कुलवंत सिंह सलूजा, सचिव डॉ मूलचंद गुप्ता , कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, बलराम पटेल, शशिभूषण सोनी और मार्गदर्शक डॉ रविन्द्र द्विवेदी सहित अन्यान्य सदस्यों ने जगन्नाथ रथ जयश्री ज्वेलर्स अस्थायी गुंडिचा मंदिर पहुंचकर पूजन-आरती में शामिल हुए । जगन्नाथ रथयात्रा में प्रेस क्लब चांपा के सदस्यों की सामुदायिक भागीदारी एक महत्वपूर्ण पहलू हैं जिसमें लोग भगवान जगन्नाथ भगवान और श्रीविग्रहों की पूजा-आराधना में भाग लिया ।
प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष कुलवंत सलूजा साथियों के साथ जगन्नाथ स्वामी का लिया आशीर्वाद ।
धार्मिक मान्यता हैं कि महाप्रभु जगन्नाथ बद्रीनाथ में स्नान करते हैं, द्वारिकापुरी में श्रृंगार रामेश्वरम में शयन और पुरी में अन्नग्रहण करते हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को रथयात्रा निकलती हैं और दशमी तिथि को वापस आती हैं । मुख्य मंदिर से निकलकर भगवान जगन्नाथ स्वामी अस्थायी रुप में किसी घर या आश्रय स्थल जिसे गुंडिचा मंदिर भी कहा जाता हैं उस स्थल पर सात दिनों तक तीनों विग्रह विराजते हैं । इस वर्ष कंचन की नगरी चांपा के जगन्नाथ बड़े मठ मंदिर से निकाली गई रथयात्रा में सात दिनों का सौभाग्य जय श्री ज्वेलर्स के संचालक संतोष और उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमति सरिता सोनी को प्राप्त हुआ । प्रेस क्लब चांपा के सदस्यों ने पहुंचकर जगन्नाथ स्वामी जी की पूजा-अर्चना की और अंचल के श्रद्धालु भक्तों के लिए सुख, शांति और समृद्धि के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना की ।
आध्यात्मिक महत्व - जगन्नाथ रथयात्रा का आध्यात्मिक महत्व हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ की महिमा और उनकी शक्ति का वर्णन किया जाता हैं । साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने कहा कि उत्कल प्रांत के प्रमुख देवता पहले जगन्नाथ स्वामी माने जाते थे और अब यह देवता सर्व प्रदेश के देवता बन गए हैं । इस तरह से जगन्नाथ रथयात्रा एक महत्वपूर्ण त्यौहार बन गया हैं , जिसमें भगवान जगन्नाथ की पूजा-आराधना और उनकी महिमा का उत्सव मनाया जाता हैं ।
शैली बसईवाल की सफलता एक प्रेरणादायक उद्धरण !
बसईवाल परिवार की मेघावी बिटियां शैली बसईवाल चाटर्ड एकाउंटेंट की परीक्षा में सफल , दी जा रही हैं बधाईयां ।
जांजगीर-चांपा । सच्चे मन और परिश्रम से कार्य किया जाएं तो सफलता सुनिश्चित हैं ।जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय के मूलतः नैला बसईवाल परिवार के अरुण बसईवाल जी की सुपुत्री तथा सौरभ बसईवाल की सिस्टर सुश्री शैली बसईवाल को चार्टेड अकाउंटेंट (सी ए ) बनने की बहुत-बहुत बधाई एवं उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना । शैली बसईवाल के सी.ए यानी कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने पर जांजगीर, नैला , चांपा और शक्ति शहर सहित अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच की महिलाओ में हर्ष व्यक्त हैं । शैली बसईवाल के उज्जवल भविष्य के लिए बधाईयां एवं शुभकामनाएं दी जा हैं तो वहीं दूसरी ओर शैली ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मम्मी-पापा तथा परिजनों को दी हैं ।
प्रेस क्लब चांपा , जांजगीर-नैला शक्ति की ओर से बधाईयां ।
प्रेस क्लब नैला के पवन कुमार अग्रवाल,प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष कुलवंत सिंह सलूजा, सचिव डॉ मूलचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, बलराम पटेल, साहित्यकार एवं मार्गदर्शक डॉ रविन्द्र द्विवेदी तथा शशिभूषण सोनी ने कहा कि शैली बसईवाल ने सीए की परीक्षा में सफलता प्राप्त की हैं उसकी परिश्रम और लगन का परिणाम हैं । अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को शैली बसईवाल सरीखे कड़ी मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई-लिखाई करनी चाहिए, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी, बिटिया को बहुत-बहुत बधाई एवं उज्जवल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं । हमें उम्मीद है कि वह अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करेंगी ।
पत्रकार, शब्दों का रक्षक, सत्य का प्रहरी,
खबरों की धारा, जो बहती है हर घरी।
कहानियाँ लिखते, सच से जोड़ते हैं,
दुनिया भर की पीड़ा, और खुशियाँ, वे बताते हैं।
कठिन रातें, तनाव भरी सुबहें,
जान जोखिम में डाल, सच की तलाश में।
संकटों से लड़ते, बढ़ते हैं आगे,
समाचार लेकर, जगाते हैं राष्ट्र का भाग्य।
शब्दों से बुनते, एक सुन्दर चित्र,
दुनिया के कोनों को जोड़ते हैं, बिना किसी चित्र।
समाचार पत्र, एक महत्वपूर्ण साधन,
जानकारी देकर, जोड़ता है सबका ध्यान।
गलतियों को सुधारने, सच को प्रकट करने,
सत्य के लिए लड़ते हैं, वो पत्रकार, निरंतर।
आँखों में आग, और दिल में सच्चाई,
दुनिया के लिए, रौशनी की किरण, वो दिखाते हैं।
समाचारों की धारा, बहती है निरंतर,
पत्रकार की कलम, सत्य की मंत्र है, निरंतर।
समाज के लिए, एक महत्वपूर्ण भूमिका,
सत्य की पुकार, वो सुनते हैं, बिना किसी झिझक।
भविष्य की राहें, बताते हैं, वो निरंतर,
पत्रकार, देश के लिए, एक सच्चा वीर।
सत्य की रक्षा, और सच्चाई का प्रसार,
पत्रकारों की कलम, करती है, हर समय, प्यार
नकली मोबाइल ऐप से ठगी की वारदातें बढ़ीं नगर निरीक्षक चाम्पा ने सावधानी बरतने की अपील की..
नकली मोबाइल ऐप से ठगी की वारदातें बढ़ीं नगर निरीक्षक चाम्पा ने सावधानी बरतने की अपील की...............................बिलासपुर/ जांजगीर-चांपा, जिले में इन दिनों नकली मोबाइल भुगतान ऐप से ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय हो रहे है। इस संबंध आरक्षी केन्द्र चाम्पा के नगर निरीक्षक ने सभी नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी भुगतानों से सतर्क रहें और पहले अपने एकाउंट को चेक कर लें जिससे फर्जी भुगतानों से बचा जा सकता है, विगत कुछ समय से बिलासपुर जिले में यह फर्जी भुगतानों का सिलसिला जारी है मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा थाना क्षेत्र में बीते कुछ दिनों के भीतर चार दुकानों को इस गिरोह ने निशाना बनाया है। फर्जी भुगतान रसीद दिखाकर हजारों रुपये का दवा और किराना सामान ले जाने की शिकायतें पुलिस तक पहुंच चुकी हैं। इस नए साइबर फ्रॉड से छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई बार उन्हें ठगी का एहसास भी नहीं हो पाता।
एक ही तरीके से चार दुकानों में ठगी
इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाली समानता यह है कि सभी घटनाओं में आरोपी नकली ऐप से फर्जी ट्रांजेक्शन रसीद दिखाकर फरार हुआ। जांच के दौरान व्यापारियों ने पाया कि उनके खातों में कोई राशि जमा ही नहीं हुई थी।
मोपका में दवा लेकर फरार हुआ ठग
छत्तीसगढ़ फार्मेसी, मोपका के संचालक चंद्रकांत साहू ने बताया कि 4 जुलाई की सुबह करीब 8:54 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने ₹1700.10 की दवाएं खरीदीं और मोबाइल पर नकली भुगतान रसीद दिखाकर चला गया। बाद में जब खाता चेक किया गया तो कोई ट्रांजेक्शन दर्ज नहीं था। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपा है और आरोपी पर आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ओम मेडिकल से भी ऐसे ही ₹555 की ठगी
ओम मेडिकल स्टोर, सरकंडा के संचालक केशव प्रसाद साहू ने बताया कि 15 जून की रात 9:19 बजे एक युवक ने दवा खरीदी और नकली ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान लेकर चला गया। उन्होंने आशंका जताई कि यह कोई संगठित गिरोह है, जो लगातार दुकानों को निशाना बना रहा है।
किराना दुकान में ₹1639 की ठगी
ओम प्रोविजन एंड डेली नीड्स, बहतराई रोड के संचालक संतराम साहू से भी 9 जून को एक अज्ञात युवक ने ₹1639 का किराना सामान ले लिया और फर्जी मोबाइल ऐप से भुगतान का दिखावा किया। सीसीटीवी फुटेज और स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे गए हैं।
जय चंडी मेडिकल स्टोर से भी ₹1100 की ठगी
बहतराई प्रगति विहार गेट के सामने स्थित जय चंडी मेडिकल स्टोर के संचालक लम्बोदर प्रसाद साहू ने बताया कि आरोपी ने ₹1100 की दवाएं ऐसे ही फर्जी भुगतान ऐप से लेकर चंपत हो गया।
व्यापारी में नाराजगी, गिरफ्तारी की मांग
लगातार हो रही इन घटनाओं से व्यपारियों में खासा आक्रोश है और संयुक्त रूप से नाराजगी जताते हुए उन्होंने कलेक्टर, एसएसपी और चैंबर ऑफ कॉमर्स को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और गबन की गई राशि की भरपाई की मांग की है।
छोटे दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित
डिजिटल पेमेंट की स्थिति में खाते में पैसे आने की पुष्टि होने के बाद ही सामान देना चाहिए। विशेषकर छोटे व्यापारी, जो तकनीक से कम वाकिफ हैं, इस तरह की ठगी का आसानी से शिकार बन सकते हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
पूर्व में और आज कुल तीन शिकायत की गई है। जिसमें फर्जी ऐप्प द्वारा व्यापारी को भुगतान करने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है।
घरों में पौधे( बागवानी )लगाने की कुछ विशेष जानकारी ....
1-मोगरे के पौधे में फूल नहीं आ रहे? बस एक चम्मच डालिये ये खाद , सैकड़ों फूलों से लद जाएगा पौधा
आपने भी कभी नर्सरी से मोगरे का पौधा लाकर घर में लगाया होगा, लेकिन थोड़े ही दिनों में पाया होगा कि उसमें न तो पहले जैसी महक रही, न ही फूल। असल में, नर्सरी वाले पौधों की खास देखभाल करते हैं और उनमें कुछ ऐसी प्राकृतिक चीजें डालते हैं जो फूलों की संख्या और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाती हैं।
आज हम आपको ऐसी ही एक खाद के बारे में बता रहे हैं, जो आपके मोगरे के पौधे को फिर से हरा-भरा और फूलों से लदने वाला बना सकती है।
मोगरे के पौधे में डालें ये खास चीज
जिस खाद की बात हम कर रहे हैं, वह है सीवीड खाद (Seaweed Fertilizer)। यह एक समुद्री शैवाल से बनी जैविक खाद है, जो प्राकृतिक रूप से पौधों की वृद्धि और फूलों की पैदावार बढ़ाने में बेहद असरदार मानी जाती है।इसमें भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन, पोटेशियम, मैग्नेशियम, विटामिन्स और एंजाइम होते हैं, जो पौधों की जड़ों से लेकर पत्तियों और फूलों तक को पोषण देते हैं। सबसे खास बात ये है कि इसमें मौजूद प्राकृतिक वृद्धि हार्मोन पौधे की अंदरूनी प्रणाली को सक्रिय कर देते हैं, जिससे वह ज्यादा फूल देने लगता है।
कैसे करें सीवीड खाद का इस्तेमाल?
इसका इस्तेमाल भी बेहद आसान है।
एक चम्मच सीवीड खाद लें (यदि पौधा छोटा है तो आधा चम्मच भी काफी है)।
इसे एक लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें।
अब इस घोल को सीधे मोगरे के पौधे की मिट्टी में डालें।
महत्वपूर्ण बात: इस प्रक्रिया को हर 15 से 30 दिन में एक बार दोहराएं। कुछ ही हफ्तों में आपको फर्क नजर आने लगेगा – पत्तियां ज्यादा हरी-भरी दिखेंगी और फूलों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
क्यों है ये खाद खास?
यह 100% जैविक है, यानी पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित
मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है
पौधे की जड़ों को मजबूत करती है
फूलों की संख्या और सुगंध दोनों को बढ़ाती है
नर्सरी वाले क्यों करते हैं इसका इस्तेमाल?
नर्सरी में लगे मोगरे के पौधों को देखकर अक्सर हमें लगता है कि वे किसी खास मिट्टी या जलवायु की देन होंगे, लेकिन हकीकत ये है कि वे सीवीड खाद जैसी जैविक तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि नर्सरी से लाया गया पौधा घर में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाता, जब तक कि उसे वही पोषण न दिया जाए।
बहरहाल अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर का मोगरा फूलों से लद जाए और उसकी खुशबू पूरे आंगन में फैले, तो आज ही सीवीड खाद का इस्तेमाल शुरू करें। यह एक प्राकृतिक, सस्ती और असरदार उपाय है जो आपके बागवानी अनुभव को और भी खूबसूरत बना देगा।.....
2-गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? घर पर बनाएं 1 रुपये में ये जादुई स्प्रे, पौधे से कीड़े होंगे गायब, डालियां भर जाएंगी सैकड़ों फूलों से
अगर आपके घर या गार्डन में गुड़हल का पौधा है और वह अब फूल नहीं दे रहा या उस पर सफेद कीड़े लग चुके हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं। आज हम आपको एक ऐसा घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जो न सिर्फ आपके गुड़हल को कीटों से मुक्त करेगा, बल्कि उसकी डालियों को सैकड़ों फूलों से भी भर देगा। खास बात ये है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें आपके घर में पहले से ही मौजूद हैं और कुल लागत होगी सिर्फ एक रूपया
गुड़हल के पौधे को कीटों से बचाने वाला घरेलू फार्मूला
गुड़हल के पौधे पर अक्सर सफेद रंग के महीन कीड़े (जैसे मिलीबग्स) चिपक जाते हैं, जो उसकी पत्तियों और नई कलियों को बर्बाद कर देते हैं। ये कीट पौधे की ग्रोथ और फूलों के विकास में रुकावट डालते हैं। अगर समय रहते इन्हें हटाया न जाए तो पूरा पौधा खराब हो सकता है। ऐसी स्थिति में जो घरेलू कीटनाशक सबसे कारगर साबित होता है, वह तैयार किया जाता है चार आसान चीजों से:
बेकिंग सोडा + नीम का तेल + नींबू रस + 1 रुपए वाला शैम्पू।
इन सामग्रियों का पौधे पर क्या असर होता है?
बेकिंग सोडा: इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण पौधे को फफूंद, सफेद धब्बे और सड़न जैसी समस्याओं से बचाते हैं।
नीम का तेल: यह एक प्राकृतिक कीटनाशक है, जो पत्तियों पर चिपके कीटों को जड़ से खत्म कर देता है।
नींबू रस: इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड पत्तियों की सतह को कीटमुक्त बनाता है और संक्रमण से लड़ता है।
शैम्पू: यह पत्तियों से धूल और कीड़ों के अंडों को हटाने में मदद करता है और कीटों को भगाने में उपयोगी होता है।
कैसे बनाएं यह घरेलू स्प्रे?
सामग्री:
1 लीटर साफ पानी
1 चम्मच बेकिंग सोडा
1 चम्मच नीम का तेल
1 चम्मच नींबू रस
1 रुपए वाला शैम्पू (कोई भी साधारण शैम्पू)
विधि:
इन सभी चीजों को एक बोतल में डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। फिर इस घोल को एक स्प्रे बोतल में भर लें। पौधे की पत्तियों और शाखाओं पर खासकर जहां कीट दिख रहे हों तो इस घोल का स्प्रे करें। अगर कीड़े ज्यादा हों तो उस हिस्से पर थोड़ा तेज प्रेशर से स्प्रे करें।
कब और कितनी बार करें स्प्रे?
इस घरेलू स्प्रे का प्रयोग हफ्ते में दो बार करें।
सुबह या शाम के समय जब तेज धूप न हो, तभी इसका उपयोग करें।
2 से 3 सप्ताह के अंदर आपको इसके असर दिखने लगेंगे — पत्तियां चमकने लगेंगी और पौधे में फूलों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
बिना महंगे फर्टिलाइज़र या कीटनाशकों के भी आप अपने गुड़हल के पौधे को फिर से हरा-भरा और फूलों से लबालब बना सकते हैं। एक रुपए की लागत और थोड़ी सी मेहनत से तैयार ये घरेलू नुस्खा न सिर्फ पौधे की सेहत लौटाएगा, बल्कि आपके गार्डन की खूबसूरती भी बढ़ा देगा...... संकलन कर्ता - डा. क्रांति खूंटे, (अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित ) कसडोल (छत्तीसगढ़.)