दिल्ली आंदोलन में जिलाध्यक्ष नहीं हुये शामिल...कई VIP रहे नदारद...राहुल गांधी को ही कमजोर करने तुले मुंगेली के दिग्गज...क्या केवल टिकट के लिए बस होगा दिल्ली दौरा ? कार्यकर्ताओं में आक्रोश
इमरान खोखर बिहान ब्यूरो चीफ
रायपुर-मुंगेली/
कथित 'वोट चोरी' और एसआईआर के विरोध में विपक्षी इंडिया गठबंधन द्वारा रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में वृहद रैली और सभा का आयोजन किया गया था।
पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को मज़बूत करने दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण राजनीतिक आंदोलन, सभा में मुंगेली जिले के कई दिग्गज नेताओं की गैर-मौजूदगी अब बड़े विवाद का कारण बन गई है। इस बहुप्रतीक्षित आंदोलन से जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा सहित कई अन्य वीआईपी नेताओं के नदारद रहने से जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि मुंगेली के ये दिग्गज नेता खुद को पार्टी का वफादार बताते हैं, लेकिन जब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी और राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने का समय आता है, तो ये नेता अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेते हैं।
क्या सिर्फ 'टिकट की जुगाड़' के लिए रह गया है दिल्ली दौरा ?
राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या इन नेताओं का दिल्ली दौरा केवल आगामी चुनावों में टिकट पाने की जुगत भर रह गया है ? कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब-जब जनता के बीच जमीन पर उतरकर संघर्ष करने या पार्टी के मुख्य अभियानों में शामिल होने की बारी आती है, तब-तब ये तथाकथित दिग्गज नदारद रहते हैं, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही टिकट के लिए दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच जाते हैं।
कार्यकर्ताओं में फूटा गुस्सा...आलाकमान तक पहुँची बात...
मुंगेली के जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि उदासीन रवैया अपनाने वाले जिलाध्यक्ष पर अब पार्टी आलाकमान को कार्यवाही करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के कारण ही राहुल गांधी की नीतियों और संघर्ष को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन की सुस्ती पर सवाल...
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब जिलाध्यक्ष खुद ही मुख्य आयोजनों से दूरी बना लें, तो निचले स्तर के कार्यकर्ताओं का मनोबल कैसे बढ़ेगा ? कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की हैं, उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व से मांग की है कि दिल्ली आंदोलन से बिना किसी वैध कारण के नदारद रहने वाले इन नेताओं की जवाबदेही तय की जाए।
आने वाले दिनों में यह मामला पार्टी के भीतर एक बड़ा भूचाल ला सकता है, क्योंकि कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि अब अवसरवादी राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चलेगा बहानों का दौर...
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया हैं कि दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के प्रदर्शन पर नदारद रहने वाले कांग्रेस के दिग्गजों का अब बहानों सिलसिला शुरू होगा, सब अपनी अपनी सफाई देने आलाकमान के समक्ष अपनी उपस्थिति देंगे।
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी विजय जांगिड़ बिलासपुर और मुंगेली जिले में बैठक लिया गया था, जिसमें उन्होंने दिल्ली जाने और नहीं जाने वाले नेताओं की अलग-अलग सूची तैयार करने की बात कहीं गई थी। अब देखना हैं कि मुंगेली जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा पर पार्टी क्या एक्शन लेती हैं।