घरों में पौधे( बागवानी )लगाने की कुछ विशेष जानकारी ....
1-मोगरे के पौधे में फूल नहीं आ रहे? बस एक चम्मच डालिये ये खाद , सैकड़ों फूलों से लद जाएगा पौधा
आपने भी कभी नर्सरी से मोगरे का पौधा लाकर घर में लगाया होगा, लेकिन थोड़े ही दिनों में पाया होगा कि उसमें न तो पहले जैसी महक रही, न ही फूल। असल में, नर्सरी वाले पौधों की खास देखभाल करते हैं और उनमें कुछ ऐसी प्राकृतिक चीजें डालते हैं जो फूलों की संख्या और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाती हैं।
आज हम आपको ऐसी ही एक खाद के बारे में बता रहे हैं, जो आपके मोगरे के पौधे को फिर से हरा-भरा और फूलों से लदने वाला बना सकती है।
मोगरे के पौधे में डालें ये खास चीज
जिस खाद की बात हम कर रहे हैं, वह है सीवीड खाद (Seaweed Fertilizer)। यह एक समुद्री शैवाल से बनी जैविक खाद है, जो प्राकृतिक रूप से पौधों की वृद्धि और फूलों की पैदावार बढ़ाने में बेहद असरदार मानी जाती है।इसमें भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन, पोटेशियम, मैग्नेशियम, विटामिन्स और एंजाइम होते हैं, जो पौधों की जड़ों से लेकर पत्तियों और फूलों तक को पोषण देते हैं। सबसे खास बात ये है कि इसमें मौजूद प्राकृतिक वृद्धि हार्मोन पौधे की अंदरूनी प्रणाली को सक्रिय कर देते हैं, जिससे वह ज्यादा फूल देने लगता है।
कैसे करें सीवीड खाद का इस्तेमाल?
इसका इस्तेमाल भी बेहद आसान है।
एक चम्मच सीवीड खाद लें (यदि पौधा छोटा है तो आधा चम्मच भी काफी है)।
इसे एक लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें।
अब इस घोल को सीधे मोगरे के पौधे की मिट्टी में डालें।
महत्वपूर्ण बात: इस प्रक्रिया को हर 15 से 30 दिन में एक बार दोहराएं। कुछ ही हफ्तों में आपको फर्क नजर आने लगेगा – पत्तियां ज्यादा हरी-भरी दिखेंगी और फूलों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
क्यों है ये खाद खास?
यह 100% जैविक है, यानी पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित
मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है
पौधे की जड़ों को मजबूत करती है
फूलों की संख्या और सुगंध दोनों को बढ़ाती है
नर्सरी वाले क्यों करते हैं इसका इस्तेमाल?
नर्सरी में लगे मोगरे के पौधों को देखकर अक्सर हमें लगता है कि वे किसी खास मिट्टी या जलवायु की देन होंगे, लेकिन हकीकत ये है कि वे सीवीड खाद जैसी जैविक तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि नर्सरी से लाया गया पौधा घर में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाता, जब तक कि उसे वही पोषण न दिया जाए।
बहरहाल अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर का मोगरा फूलों से लद जाए और उसकी खुशबू पूरे आंगन में फैले, तो आज ही सीवीड खाद का इस्तेमाल शुरू करें। यह एक प्राकृतिक, सस्ती और असरदार उपाय है जो आपके बागवानी अनुभव को और भी खूबसूरत बना देगा।.....
2-गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? घर पर बनाएं 1 रुपये में ये जादुई स्प्रे, पौधे से कीड़े होंगे गायब, डालियां भर जाएंगी सैकड़ों फूलों से
अगर आपके घर या गार्डन में गुड़हल का पौधा है और वह अब फूल नहीं दे रहा या उस पर सफेद कीड़े लग चुके हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं। आज हम आपको एक ऐसा घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जो न सिर्फ आपके गुड़हल को कीटों से मुक्त करेगा, बल्कि उसकी डालियों को सैकड़ों फूलों से भी भर देगा। खास बात ये है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें आपके घर में पहले से ही मौजूद हैं और कुल लागत होगी सिर्फ एक रूपया
गुड़हल के पौधे को कीटों से बचाने वाला घरेलू फार्मूला
गुड़हल के पौधे पर अक्सर सफेद रंग के महीन कीड़े (जैसे मिलीबग्स) चिपक जाते हैं, जो उसकी पत्तियों और नई कलियों को बर्बाद कर देते हैं। ये कीट पौधे की ग्रोथ और फूलों के विकास में रुकावट डालते हैं। अगर समय रहते इन्हें हटाया न जाए तो पूरा पौधा खराब हो सकता है। ऐसी स्थिति में जो घरेलू कीटनाशक सबसे कारगर साबित होता है, वह तैयार किया जाता है चार आसान चीजों से:
बेकिंग सोडा + नीम का तेल + नींबू रस + 1 रुपए वाला शैम्पू।
इन सामग्रियों का पौधे पर क्या असर होता है?
बेकिंग सोडा: इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण पौधे को फफूंद, सफेद धब्बे और सड़न जैसी समस्याओं से बचाते हैं।
नीम का तेल: यह एक प्राकृतिक कीटनाशक है, जो पत्तियों पर चिपके कीटों को जड़ से खत्म कर देता है।
नींबू रस: इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड पत्तियों की सतह को कीटमुक्त बनाता है और संक्रमण से लड़ता है।
शैम्पू: यह पत्तियों से धूल और कीड़ों के अंडों को हटाने में मदद करता है और कीटों को भगाने में उपयोगी होता है।
कैसे बनाएं यह घरेलू स्प्रे?
सामग्री:
1 लीटर साफ पानी
1 चम्मच बेकिंग सोडा
1 चम्मच नीम का तेल
1 चम्मच नींबू रस
1 रुपए वाला शैम्पू (कोई भी साधारण शैम्पू)
विधि:
इन सभी चीजों को एक बोतल में डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। फिर इस घोल को एक स्प्रे बोतल में भर लें। पौधे की पत्तियों और शाखाओं पर खासकर जहां कीट दिख रहे हों तो इस घोल का स्प्रे करें। अगर कीड़े ज्यादा हों तो उस हिस्से पर थोड़ा तेज प्रेशर से स्प्रे करें।
कब और कितनी बार करें स्प्रे?
इस घरेलू स्प्रे का प्रयोग हफ्ते में दो बार करें।
सुबह या शाम के समय जब तेज धूप न हो, तभी इसका उपयोग करें।
2 से 3 सप्ताह के अंदर आपको इसके असर दिखने लगेंगे — पत्तियां चमकने लगेंगी और पौधे में फूलों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
बिना महंगे फर्टिलाइज़र या कीटनाशकों के भी आप अपने गुड़हल के पौधे को फिर से हरा-भरा और फूलों से लबालब बना सकते हैं। एक रुपए की लागत और थोड़ी सी मेहनत से तैयार ये घरेलू नुस्खा न सिर्फ पौधे की सेहत लौटाएगा, बल्कि आपके गार्डन की खूबसूरती भी बढ़ा देगा...... संकलन कर्ता - डा. क्रांति खूंटे, (अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित ) कसडोल (छत्तीसगढ़.)