देश दुनिया
प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम अब सेवा तीर्थ:
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया है। देश भर के राज्य भवन का नाम अब लोक भवन होगा। इसके अलावा केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन के नाम से जाना जाएगा।
सरकार के सूत्रों के हवाले से मंगलवार को यह जानकारी दी। PMO के अफसरों ने कहा, 'सार्वजनिक संस्थानों में बड़ा बदलाव हो रहा है। सत्ता से सेवा की ओर बढ़ रहे हैं। ये बदलाव प्रशासनिक नहीं, सांस्कृतिक है।'
इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। पीएम का आधिकारिक निवास भी रेस कोर्स रोड कहलाता था, जिसे 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर (PMO) अब 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से निकलकर 'सेवा तीर्थ' नाम वाले नए एडवांस कैंपस में शिफ्ट होने जा रहा है। यह बदलाव सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा है। 14 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन सेवा तीर्थ-2 में सेना प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है। इसमें नया संसद भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय, प्रधानमंत्री आवास, उप-राष्ट्रपति आवास का निर्माण किया जाना है।
सितंबर में बताया गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का पता रायसीना हिल्स, नॉर्थ ब्लॉक से जल्द ही बदलने वाला है। इसे जनपथ में बनी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सभी मंत्रालयों के लिए कर्तव्य पथ पर 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर समेत CCS बनना है। इनमें से तीन बिल्डिंग लगभग बन चुकी हैं। सभी ऑफिस शिफ्ट होने के बाद दोनों ब्लॉकों को 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय'में बदल दिया जाएगा।
हिंदी फिल्म जगत के सबसे बड़े कलाकार धर्मेंद्र जी अब हमारे बीच नहीं रहे एक युग का हुआ अंत इधर 'इक्कीस' से एक्टर का वॉइस नोट वायरल, उधर पंचतत्व में विलीन हुआ ही-मैन धर्मेन्द्र जी
हिंदी फिल्म जगत के सबसे बड़े कलाकार धर्मेंद्र जी अब हमारे बीच नहीं रहे
धर्मेंद्र सिंह देओल का 89 साल की उम्र में निधन, अमिताभ, हेमा समेत पूरा परिवार पहुंचा विले पार्ले श्मशान
बॉलीवुड के 'ही-मैन' वेटरन एक्टर धर्मेंद्र ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। 24 नवंबर को 89 साल के धर्मेंद्र ने आखिरी सांस ली और इसी के साथ पूरा बॉलीवुड और समूचा देश उनके लिए जैसे रो पड़ा है। पिछले कई दिनों से जिंदगी की जंग लड़ते हुए धर्मेंद्र ने आज हार मान ली। हेमा मालिनी से लेकर ईशा देओल तक विले पार्ले पवनहंस, श्मशान घाट पर नजर आईं।
बॉलीवुड के 'ही-मैन' धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार, 24 नवंबर को वह इस दुनिया को विदा कह गए। 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र ने अपने जुहू स्थित घर पर ही अंतिम सांस ली है। लंबे समय से उनकी तबीयत नाजुक थी। उन्होंने 12 नवंबर को ही ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से परिवार के कहने पर डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद से घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में किया गया है। इस दौरान पूरा देओल परिवार और कई सिनेमाई दिग्गज नजर आए। हेमा मालिनी, ईशा देओल, सनी देओल, बॉबी देओल से लेकर अमिताभ बच्चन भी इस दौरान आंखों में आंसू समेटे मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल ने दी है।
धर्मेंद्र का जाना, हिंदी सिनेमा के एक युग के अंत जैसा है। यह दुखद और आंख नम कर देने वाला ही है कि सोमवार को ही उनकी अगली फिल्म 'इक्कीस' का मोशन पोस्टर रिलीज हुआ है। पिछले करीब एक महीने से धर्मेंद्र को सांस लेने सम्बंधी समस्या हो रही थी,जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां हालत नाजुक होने के बाद उन्हें आई.सी.यू .में भर्ती किया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी धर्मेंद्र उम्र और बीमारी के आगे जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री को एक गहरा धक्का लगा है।
हेमा मालिनी और ईशा देओल पहुंचीं हेमा मालिनी, ईशा देओल और परिवार के तमाम सदस्यों के अलावा एक्टर के सभी करीबी और अपने पवनहंस श्मशान घाट पर नजर आ रहे हैं। अमिताभ बच्चन भी अपने जिगरी यार को आखिरी विदाई देने के लिए विले पार्ले पवनहंस पहुंचे। दुखद ये है कि एक्टर ने अपना 90वां जन्मदिन मनाने से ठीक 14 दिन पहले उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।
धर्मेंद्र की आखिरी विदाई पर उनके परिवार के सभी लोग एकसाथ जमा हैं। वहीं उनके लिए पूरा बॉलीवुड उमड़ पड़ा है। अमिताभ बच्चन के अलावा अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, आमिर खान, सलमान खान, सलीम खान जैसी तमाम हस्तियां विले पार्ले क्रियेशन ग्राउंड पहुंचीं।
सांस लेने की तकलीफ के बाद कराया गया था हॉस्पिटलाइज
ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किए जाने से पहले खबर थी कि धर्मेंद्र दो दिनों तक वैंटिलेटर पर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद 10 नवंबर को हॉस्पिटलाइज कराया गया था। बता दें कि पिछली बार उन्हें 31 अक्टूबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालांकि एक तरफ जहां खबर आई थी कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ की वजह से एडमिट किया गया था। वहीं उनके करीबी सूत्रों ने बताया था कि उन्हें नॉर्मल रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे एक्टर
बता दें कि जल्द ही एक्टर
8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे और ये बर्थडे सेलिब्रेशन अधूरा ही रह गया। धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के लुधियाना जिले के एक गांव नसराली में हुआ था। उनका असली नाम 'केवल कृष्ण देओल' है जिन्हें फिल्मी दुनिया में धर्मेंद्र के नाम से जाना जाता रहा है। उनका जन्म एक पंजाबी जाट परिवार केवल कृष्ण और सतवंत कौर के घर में हुआ था। धर्मेंद्र का पैतृक गांव लुधियाना के पखोवाल तहसील रायकोट के पास डांगों है।
साहनेवाल गांव में बिताया बचपन, पिता थे उसी स्कूल के प्रिंसिपल एक्टर ने अपनी शुरुआती जीवन साहनेवाल गांव में बिताया और लुधियाना के लालतेन कलां में सरकारी सीनियर मिडल स्कूल में पढ़ाई की। वहीं उनके पिता गांव के स्कूल के प्रिंसिपल थे।
19 साल के धर्मेंद्र ने की थी प्रकाश कौर से शादी
प्रकाश कौर से हुई थी। इस शादी से उनके दो बेटे, सनी देओल और बॉबी देओल और दो बेटियां, विजेता और अजीता हैं।
धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं फिल्मों में एंट्री के बाद धर्मेंद्र की लाइफ में हेमा मालिनी आईं और उन्होंने उनसे शादी की। उस समय इस शादी को लेकर काफी विवाद भी हुई। इस शादी को लेकर खबर आई कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने इसके लिए इस्लाम धर्म अपनाया। हालांकि, एक राजनीतिक अभियान के दौरान जब ये अफवाहें जोरों पर फैलने लगीं तो धर्मेंद्र ने दावा किया कि वह हिंदू बने रहे और उनका परिवार आर्य समाजी है। उन्होंने और हेमा मालिनी ने 1970 के दशक में 'शोले' सहित कई फिल्मों में साथ काम किया। हेमा मालिनी से उन्हें दो बेटियां हैं, ईशा देओल और अहाना देओल।
"दिल भी तेरा हम भी तेरे " से धर्मेंद्र का डेब्यू बता दें कि सुपरस्टार धर्मेंद्र ने 1960 में "दिल भी तेरा हम भी तेरे " से डेब्यू किया था। उन्होंने पहली बार 1960 के दशक के बीच 'आई मिलन की बेला' , 'फूल और पत्थर' और 'आए दिन बहार के' जैसी फिल्मों के लिए लोकप्रियता हासिल की।हिंदी फिल्मों में उनकी कई ऑन-स्क्रीन भूमिकाओं के लिए उन्हें भारत का 'ही-मैन' करार दिया गया। हालांकि, उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली थी साल 1966 में आई फिल्म'फूल और पत्थर' से। इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में धर्मेन्द्र मीना कुमारी के साथ नजर आए थे। धर्मेंद्र ने अपने करियर में कई शानदार और यादगार फिल्में कीं जिसमें 'आया सावन झूम के', 'जीवन मृत्यु', 'मेरा गांव मेरा देश', 'सीता और गीता', 'राजा जानी', 'यादों की बारात', 'शोले', 'प्रतिज्ञा', 'चरस', 'धरम वीर', 'गुलामी', 'हुकूमत', 'आंखें' , 'शिकार', 'बंदिनी' , 'हकीकत' , 'अनुपमा' ,' ममता' , 'मझली दीदी' , 'सत्यकाम' , 'नया जमाना' , 'समाधि' , 'रेशम की डोरी' , 'चुपके चुपके', 'दिल्लगी' , 'द बर्निंग ट्रेन' , 'दो दिशाएं' जैसी फिल्में शामिल हैं।
धर्मेन्द्र ने 300 से अधिक फिल्मों में किया काम
धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे हैंडसम और सफल फिल्म स्टार्स में से एक माना जाता है। उन्हें बॉलीवुड का 'ही-मैन' नाम भी दिया गया है। करीब 6 दशकों से अधिक के सिनेमाई करियर के साथ उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। धर्मेंद्र के नाम हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में अभिनय करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1987 में एक ही वर्ष में सात लगातार हिट और नौ सफल फिल्में दीं।
हाल के समय में भी की कई फिल्में 1990 के दशक के अंत में, वह कई सफल फिल्मों में कैरक्टर रोल में दिखाई दिए , जैसे 'प्यार किया तो डरना क्या' , 'लाइफ इन ए... मेट्रो' , 'अपने' , 'जॉनी गद्दार' , 'यमला पगला दीवाना' , 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' और 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' जैसी फिल्में शामिल हैं। धर्मेंद्र अब शरीर से भले हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी फिल्में, उनके किस्से, उनकी यादें हमेशा-हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।अर्चना सिंह
लेखक के बारे मेंअर्चना सिंह
अर्चना सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह एंटरनेटमेंट टीम के साथ जुड़ी हुई हैं। उनका पत्रकारिता में 18 साल का अनुभव है।
नहीं रहे धर्मेंद्र, इधर 'इक्कीस' से एक्टर का वॉइस नोट वायरल, उधर पंचतत्व में विलीन हुआ ही-मैन
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आदेश श्रीवास्तव के बेटे का एक्सीडेंट, पिता के नाम पर बने चौक से टकराई रेंज रोवर, टूटा इंस्टॉलेशन: रिपोर्ट
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श्रद्धा कपूर ने दी खुशखबरी बॉयफ्रेंड राहुल मोदी की फिल्म में करेंगी काम, शहीद विजय सालस्कर पर बनाएंगी मूवी
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अमल मलिक की बहन अदा ने फिर लूट ली सारी लाइमलाइट, पापा अनु मलिक के साथ देख लोग बोले- ये कितनी अटेंशन सीकर हैं
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शेफाली शाह बोलीं- अक्षय कुमार की मां बनकर मैंने अपनी ही कब्र खोद ली..., पति ने भी दी थी नसीहत शेफाली शाह बोलीं- अक्षय कुमार की मां बनकर मैंने अपनी ही कब्र खोद ली..., पति ने भी दी थी नसीहत
श्रद्धा कपूर ने बताया अब कैसी है उनकी तबीयत, कहा- टर्मिनेटर बनकर घूम रही हूं...!, 'ईथा' की शूटिंग में लगी थी चोट
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धर्मेंद्र की पहली शादी फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले 1954 में 19 साल की उम्र में
एक्टर धर्मेंद्र अस्पताल से डिस्चार्ज
एक्टर धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उनके परिवार ने फैसला किया है कि अब उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा। यह जानकारी उनके डॉक्टर ने दी।
धर्मेंद्र पिछले कई हफ्तों से कभी अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, तो कभी घर लौट रहे थे। उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
वहीं, धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद परिवार ने प्राइवेसी की अपील करते हुए आधिकारिक बयान में कहा,
धर्मेंद्र जी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वे घर पर आराम करेंगे। हम मीडिया और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और इस समय उनकी तथा परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें। हम सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने धर्मेंद्र जी की अच्छी हेल्थ और लंबी उम्र के लिए दुआ की। कृपया उनका सम्मान करें क्योंकि वे आप सभी से बहुत प्यार करते हैं।
धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने के बाद जुहू में उनके घर वाली गली पुलिस ने बंद कर दी है, ताकि भीड़ जमा न हो सके।
दिल्ली ब्लास्ट को सरकार ने आतंकी घटना माना
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लाल किला के पास हुए टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।
इधर पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। लाल रंग की इस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का नंबर DL10-CK-0458 है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था।
अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही कार को हरियाणा के खंदावली गांव के पास से बरामद किया गया। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है। FSL और NSG की टीम ने कार की जांच की है। स्थानीय लोगों ने कहा- कार मंगलवार से यहां पर थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान से लौटे। वे एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों के इलाज का जायजा लिया और डॉक्टरों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकियों ने देशभर में 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले करने की साजिश रची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगह धमाके किए जाने थे।
आतंकियों के टारगेट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ देशभर के रेलवे स्टेशनों और बड़े मॉल्स भी थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे धार्मिक स्थलों पर हमला कर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के डॉक्टरों को चुना, ताकि वे बिना रोकटोक कहीं भी जा सकें।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक
नई दिल्ली
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन में पूरे सत्र के दौरान 15 बैठकें होंगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इससे पहले 21 जुलाई से 21 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र चला था। सत्र के पहले दिन राज्यसभा के तत्कालीन उपसभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया। फिर पूरा सत्र बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन
को लेकर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं।
लोकसभा में 120 घंटे चर्चा का समय निर्धारित था, लेकिन सिर्फ 37 घंटे कार्यवाही चली। राज्यसभा में सिर्फ 41 घंटे चर्चा हुई। लोकसभा-राज्यसभा में कुल 27 बिल पास हुए। गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाला संविधान संशोधन बिल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इसे जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पारित हुआ।
संसद के शीतकालीन सत्र में I.N.D.I.A. ब्लॉक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग ला सकता है। 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक हुई थी।
बैठक के बाद कांग्रेस, TMC, सपा, DMK, राजद समेत 8 विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा- संसद के मौजूदा सत्र (मानसून सत्र) में 3 दिन बाकी हैं। महाभियोग लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। CEC के रवैये को देखते हुए हम अगले सत्र (शीतकालीन सत्र) में नोटिस देंगे।
लालकृष्ण आडवाणी से मिले पीएम मोदी, जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भाजपा के सीनियर लीडर और भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी से मिलने उनके निवास पहुंचे। पीएम ने आडवानी को उनके 98वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पीएम ने कहा कि आडवाणी जी का जीवन भारत के लोकतंत्र और जनसेवा की निरंतर प्रेरणा है।
जम्मू-कश्मीर में चलती ट्रेन से टकराई चील:
अनंतनाग
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शनिवार सुबह एक चील चलती ट्रेन की विंडस्क्रीन से टकरा गई। इससे विंडस्क्रीन टूट गई। कांच के टूटने से चील ट्रेन में लोकोमोटिव पायलट के केबिन में जा गिरा।
घटना बारामूला-बनिहाल एक्सप्रेस में बिजबेहरा और अनंतनाग रेलवे स्टेशन के बीच हुई। विंडस्क्रीन टूटने से पायलट के चेहरे पर मामूली चोटें आईं। हालांकि, टक्कर के बाद पक्षी पायलट के केबिन में बैठ गया।
ट्रेन को अनंतनाग स्टेशन पर रोका गया। इसके बाद चील को बाहर निकाला गया। बाद में घायल पायल का इलाज किया गया। हालांकि इससे ट्रेन ऑपरेशन नहीं रुका। जांच के बाद ट्रेन रवाना कर दी गई।
राजनाथ बोले- बिहार में अब कट्टा नहीं, तोप बनेगा:
पटना
कैमूर में शनिवार को आयोजित NDA की जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और RLSP प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले चरण के मतदान ने साफ कर दिया है कि 14 तारीख के बाद एनडीए दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
उन्होंने कहा कि लालू यादव के समय में लोग कहते थे– 'आव ना बिहार में, कट्टा ठोक देब कपार में', लेकिन आज नीतीश कुमार के राज में कहा जाता है– 'आईं ना एनडीए के विकसित बिहार में।' राजनाथ सिंह ने कहा कि अब कट्टा और लालटेन का युग चला गया, अब विकास और रोजगार का युग शुरू हो गया है।
वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रथम चरण के मतदान में एनडीए सभी सीटों पर बढ़त बना चुकी है। नीतीश कुमार पहले भी मुख्यमंत्री थे, आज भी हैं और आगे भी मुख्यमंत्री रहेंगे। जंगलराज पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह शब्द विपक्ष को नहीं, न्यायालय ने दिया था। जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि NDA को वोट दें ताकि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं लौटे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजद पर कसा तंज:बोले - लालटेनिया’ के पास कोई विकास मॉडल नहीं है
पताही, मोतिहारी
चिरैया विधानसभा क्षेत्र के बराजयराम गांव के खेल मैदान में शनिवार को भाजपा प्रत्याशी लालबाबू प्रसाद गुप्ता के समर्थन में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। जनसभा में हजारों की संख्या में लोग जुटे और नेताओं का जोरदार स्वागत किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘लालटेनिया’ (राजद) के पास कोई विकास मॉडल नहीं है, जबकि भाजपा सरकार ने बिहार के विकास को नई दिशा दी है। सम्राट चौधरी ने कहा कि राजद के 15 वर्षों के शासन में सिर्फ 94 हजार युवाओं को नौकरी मिली, जबकि नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 से अब तक 18 लाख 50 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया। उन्होंने वादा किया कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘डबल इंजन की सरकार’ ने बिहार को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 60 लाख पक्के मकान, जबकि नीतीश कुमार ने 40 लाख पक्के मकान बनवाए हैं। इस तरह अब तक 1 करोड़ घर बिहार में बन चुके हैं।
वहीं, केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों पर भरोसा करती है और इस बार भी ‘डबल इंजन की सरकार’ बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता में आना नहीं, बल्कि हर वर्ग का विकास सुनिश्चित करना है।
जनसभा में उत्तर प्रदेश के मंत्री गिरीश चंद्र यादव, चुनाव प्रभारी राजीव रंजन, योगी अखिकेश्वर दास, जिला महामंत्री राकेश यादव, दीप माला शर्मा, पिंटू कुमार, संजय सिंह, विकास कुमार उर्फ निक्कू सिंह, जयलाल सहनी, नितेश मिश्र, और लालबाबू सिंह सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एन एच आर सी सी बी राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. रणधीर ने हनोई में किया भारत का प्रतिनिधित्व। संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस वियतनाम में डॉ. रणधीर ने यूनिस्को, भारत का प्रतिनिधित्व ।
नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर ऑफ रिफ्यूजी,ऑस्ट्रेलियन एंबेसी, आयरलैंड एंबेसी वियतनाम के तत्वाधान में हनोई, वियतनाम में 3 से 5 अक्टूबर 2025 तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
इस सम्मेलन में पूरे विश्व के 150 प्रतिनिधि ,लगभग 60 देशों से भाग लिया । वियतनाम में विभिन्न देशों के 8 राजदूतों एवं काउन्सलर ने भाग लिया एवं विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किया ।
इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि यूनिसेफ , यूनिस्को, वर्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, यूनाइटेड नेशन वीमन, यूनाइटेड पॉपुलेशन फण्ड , वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम जैसे प्रमुख संगठनों का प्रतिनिधिव किया ।
डॉ. रणधीर कुमार ने यूनाइटेड नेशंस एजुकेशन, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन (यूनिस्को) भारत का प्रतिनिधित्व।
यूनेस्को परिषद् में भारत समेत 23 देशों ने प्रतिनिधियों ने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें प्रमुख रूप ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों में शिक्षा प्रदान करने मे तकनीकी का योगदान, डिजिटल शिक्षा, परंपरागत शिक्षा एवं शिक्षा मे आमूल-चूल परिवर्तन पर विस्तृत चर्चा हुई।
यूनेस्को परिषद मे भारत के प्रतिनिधि के रूप में डॉ रणधीर ने इस सम्मेलन में " शिक्षा ,भारतीय ज्ञान प्रणाली, भारतीय पिछड़ेपन की रोकथाम, संस्कृति एवं कला के क्षेत्र में यूनेस्को की प्रासंगिकता पर स्थिति पत्र/ शोध पत्र प्रस्तुत किया । डॉ रणधीर ने भारत की शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, भारतीय ज्ञान परम्परा पर विस्तृत प्रकाश डाला। ग्रामीण इलाके मे डिजिटल शिक्षा पर सरकार के प्रयास की जानकारी दिया एवं शिक्षा मे आमूल-चूल परिवर्तन हेतु सभी अंतर्राष्ट्रीय देश के साथियों से सहयोग की आग्रह किया। सम्पूर्ण विश्व मे बढ़ते मानवाधिकार हनन पर चिंता जाहिर करते हुए संयुक्त राष्ट्र से इस पर व्यापक पहल करते हुए पूरे विश्व के माध्यमिक शिक्षा पाठयक्रम मे शामिल करने का अपील किया।
डॉ. रणधीर ने इस सम्मलेन में यूनेस्को से आदिवासी विरासत, संस्कृति एवं प्राचीन शिक्षा पद्धति,
आदिवासी रहन- सहन , प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति को यूनेस्को के पहचान, भारत के विलुप्त होते विरासत अशोका, मगध,मौर्य शिवाजी महाराज जैसे दर्जनों विरासत को पुनरुत्थान की अपील किया। ऐसे विरासत को पुनर्जागृत कर भारतीय विरासत को मजबूत करने की अपील किया।
ज्ञात हो बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ रणधीर कुमार गिरिडीह जिला के नईटाँड निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक, +2 उच्च विधालय जनता जरीडीह ,श्री दिनेश्वर वर्मा के पौत्र एवं उच्च विद्यालय बड्डीहा के शिक्षक श्री दीनदयाल प्रसाद के पुत्र है । इन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पी एच डी की उपाधि प्राप्त की है। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईएम रांची , लंदन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस एडमिस्ट्रेशन जैसे प्रमुख संस्थानों से शिक्षा ग्रहण की है। बहुत ही कम उम्र में शिक्षा एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु कई राज्य , राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त हो चुके है । अपने शिक्षा के साथ -साथ , महज़ 21- 23 वर्ष के उम्र में डॉ. रणधीर को आदिवासी पिछड़े इलाके में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान हेतु यंग इंडिया फेलोशिप, झारखंड नागरिक सम्मान2016, राष्ट्रीय शिक्षा सम्मान 2017, मानद डॉक्टरेट 2018,झारखंड रत्न सम्मान 2019, झारखंड श्री सम्मान समेत अनेक पुरस्कारों से नवाज़े जा चुके हैं। डॉ. रणधीर के द्वारा आठ पुस्तकों का लेखन , पत्रिका एवं अख़बार का संपादन किया जा चुका है। डॉ. रणधीर ने 100 से अधिक नेशनल एवं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भाग ले चुके है जिसमे अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया है । शिक्षा, युवा नेतृत्व , मानवाधिकार जैसे विषयों पर कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन कर चुके है ।
डॉ रणधीर कुमार के द्वारा कई शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं का स्थापना किया जा चुका है जिसमे नमन इंटरनेशनल फाउंडेशन ,एन एच आर सी सी बी एवं अन्य है। डॉ रणधीर कई महत्वपूर्ण संस्था मे बतौर सलाहकार एवं बोर्ड मेम्बर जुड़े है। देश के कई विश्विद्यालय, आयोग एवं संस्थाओं में बतौर वक्ता या गेस्ट फैकल्टी आमंत्रित किए जाते है। वर्तमान में डॉ. रणधीर झारखंड के महत्पूर्ण सरकारी संस्थान में अपनी सेवा दे रहे है ।
बतौर चेयरमैन , एन एच आर सी सी बी , डॉ रणधीर कुमार सम्पूर्ण भारत में मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है । इनके कुशल नेतृत्व में समाज के निचले पायदान पर खड़े शोषितों वंचित एवं कमजोर वर्ग के
अधिकारो की रक्षा हेतु हज़ारों सदस्य कर कार्य रही है ।
डॉ. रणधीर ने इस उपलब्धि हेतु अपने प्रेरणा स्रोत दादा जी श्री दिनेश्वर वर्मा (पूर्व प्रधानाध्यापक, +2 उच्च विधालय जनता जरीडीह ), दादी माँ स्मृति शेष श्रीमती सावित्री देवी ,
पिता श्री दीनदयाल प्रसाद ( शिक्षक उच्च विधालय बद्दीहा) माता सावित्री देवी ( निदेशक - नमन इंटरनेशनल फाउंडेशन) चाचा श्री बिनोद कुमार ( प्रभारी प्राचार्य +2 उच्च विद्यालय दुम्मा)
श्री विकास कुमार ( शिक्षक उच्च विद्यालय कबरियाबेड़ा, गिरिडीह ) डॉ. सुरेश वर्मा ( डिप्टी कमांडेंट ,गृह मंत्रालय भारत सरकार ) पत्नी सुजाता वर्मा , भाई संदीप वर्मा (समन्वयक - नमन इंटरनेशनल स्कूल रेम्बा) एवं समस्त परिवाजनों , गुरुजनों एवं एन एच आर सी सी बी के समस्त साथियों का आभार व्यक्त किया है ।
एन एच आर सी सी बी के तत्वावधान में बिहार राज्य मानवाधिकार अधिवेशन का हुआ आयोजन
पटना, –
नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) के तत्वावधान में पटना के होटल चाणक्य में बिहार राज्य मानवाधिकार अधिवेशन-2025 का आयोजन हुआ। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस ऐतिहासिक अधिवेशन में बिहार के विभिन्न जिले सहित देश के कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा, अपराध और अन्याय के खिलाफ जन-जागरूकता तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक समानता और न्याय पहुँचाना था।
अधिवेशन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान, ऊर्जा और आशा का प्रतीक है। इसके उपरांत अधिवेशन की स्मारिका (सोवेनियर) का लोकार्पण मुख्य अतिथि डॉ रणधीर कुमार, राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर श्री प्रभात जी, राष्टीय मीडिया प्रभारी श्री पंकज रंजीत जी छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ जतिंदर पाल सिंह जी एवं प्रदेश अध्यक्ष शंभूनाथ झा जी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह स्मृतिका संगठन के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. रणधीर कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NHRCCB) ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवाधिकार कोई आयातित विचार नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा में निहित है। उन्होंने पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि यही भूमि हमें अहिंसा और न्याय का संदेश देती है। “हमें दीप से दीप जलाना है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुँचाना है,” उनके इन शब्दों ने अधिवेशन को नई ऊर्जा और दिशा दी।
विशिष्ट अतिथि श्री प्रभात मिश्रा (राष्ट्रीय समन्वयक, NHRCCB) ने टीम भावना और व्यक्तिगत योगदान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “मानवाधिकार केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। यदि हर सदस्य प्रतिमाह एक सामाजिक कार्य करने का संकल्प ले, तो छोटे-छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। बिहार जैसे राज्य में गरीबी, असमानता और नशाखोरी जैसी चुनौतियाँ अधिक हैं, इसलिए यह आंदोलन यहाँ से शुरू होकर पूरे भारत के लिए प्रेरणा बन सकता है।”
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री पंकज रंजीत ने संगठन में आपसी समन्वय बनाते बेहतर कार्य करने की बाते की और कहें कि संगठन को और मजबूत बनाने और ऊर्जा से कार्यो को करते सक्रियता प्रदर्शन करें
छत्तीसगढ़ से पधारे विशिष्ट अतिथि श्री जतिंदर पाल सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़) ने अपने संबोधन में कहा कि “मानवाधिकार आंदोलन को राज्य स्तर पर सशक्त बनाने के लिए स्थानीय नेतृत्व और जनभागीदारी दोनों का मेल आवश्यक है। बिहार अधिवेशन ने यह प्रमाणित कर दिया है कि जब विभिन्न प्रदेशों की टीमें एक साझा मंच पर आती हैं, तो संगठनात्मक मजबूती और जन-जागरूकता को अभूतपूर्व बल मिलता है।” उन्होंने छोटे छोटे ब्लॉक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया
इस अवसर पर अधिवेशन संयोजक और बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री शंभूनाथ झा ने कहा कि बिहार में असमानता, गरीबी और जातीय भेदभाव जैसी चुनौतियाँ अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं। ऐसे में यहाँ मानवाधिकार चेतना को मजबूत करना अत्यंत कठिन कार्य है, लेकिन सबके सहयोग से यह संभव हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा और मानवाधिकार क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया गया।
NHRCCB Bihar Pride Award 2025 से सृष्टि सौम्या और पूजा कुमारी को सम्मानित किया गया।
NHRCCB Bihar Leadership Award 2025 से अजीत कुमार झा, डॉ. गगनदीप, रवि रंजन, कनहैया सिंह, राजा रॉकी, त्रिभुवन ठाकुर, सदानंद प्रसाद सिंह, मणिभूषण ठाकुर, आदित्य कुमार, संतोष कुमार राय और सुषांत कुमार को सम्मानित किया गया।
NHRCCB Bihar Human Rights Award 2025 शंभूनाथ झा, अमित कुमार झा और कुमारी आकांक्षा शर्मा को प्रदान किया गया।
जबकि NHRCCB Bihar Special Award 2025 किशलय रंजन और सुरेश सिंह राजपुरोहित को दिया गया।
अधिवेशन में विभिन्न विषय पर बल दिया गया जैसे कि —जिले एवं प्रखंड स्तर पर सक्रिय टीमें बनाना, प्रत्येक सदस्य का प्रतिमाह एक सामाजिक कार्य करना, बिहार को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान चलाना, युवाओं और छात्रों को जोड़ना, अपराध व अन्याय के खिलाफ ठोस आंदोलन खड़ा करना, और दीर्घकालिक रूप से NHRCCB की विचारधारा को प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक तक फैलाना।
समापन सत्र में सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे ऐसा समाज बनाने में अपना योगदान देंगे, जहाँ हर नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में भजन गायन, हसदेव नदी में सामूहिक दीप-दान, प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु,यश और कीर्ति की कामना
भाजपा महिला मोर्चा जांजगीर-चांपा तथा भाजपा महिला मोर्चा नगर मंडल ,चांपा के संयुक्त तत्वावधान में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी जन्मोत्सव , एक सुंदर और सार्थक प्रयास
जांजगीर-चांपा , भाजपा महिला मोर्चा जांजगीर-चांपा और महिला मोर्चा नगर मंडल, चांपा के संयुक्त तत्वावधान में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मोंत्सव पर दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर , डोगाघाट में मंदिर में भजन गायन और हसदेव नदी में दीप-दान किया गया । यह एक सुंदर और सार्थक प्रयास हैं , जो प्रधानमंत्री के उतम स्वस्थ्य, दीर्घायु ,यश, कीर्ति की कामना के साथ आदर,सम्मान और आभार को प्रदर्शित करता हैं ।
कार्यक्रम की विशेषताएं
साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि महान तपस्वी एवं साधक तपसी जी महाराज की पुण्य तपोभूमि जिसे अंचल के लोग तपसी आश्रम, डोगाघाट के नाम से जानते हैं , यह हसदेव नदी के तट पर बसा बहुत सुंदर मंदिर हैं । संगमरमर से बने हुए रामभक्त हनुमान जी की दिव्य मूर्ति अपने दोनों कंधों पर भगवान राम-लक्ष्मण को उठाए एवं अपने पैरों से राक्षस को रौधते हुए मानों साक्षात् विराजमान हैं । भाजपा महिला मोर्चा ने नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिन मनाने के लिए बहुत ही सुन्दर स्थल चुना हैं ।दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में सामूहिक भजन गायन, कीर्तन हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करती हैं । उन्होंने कहा कि मोदी जी के 75 वें जन्मदिन पर हसदेव नदी में सामूहिक और एकल दीपक प्रज्ज्वलित करना एक सुंदर और पवित्र परंपरा हैं , यह पवित्र अनुष्ठान मेरे दिल को छू गई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व केवल एक राजनेता का नहीं बल्कि एक युगदृष्टा,कुशल नेतृत्वकर्ता का बन गया हैं । वे हर दिल अजीज, और विश्व के लोकप्रिय जननेता हैं, जिनके शब्दों और कर्मों से करोड़ों भारतीयों का जीवन प्रेरित होता हैं ।
नारी प्रेम और ममता की मूर्ति
भारतीय संस्कृति में नारी देवतुल्य हैं । जहां उसका मान-सम्मान होता हैं, वहां मंगल ही मंगल हैं । नारी प्रेम व ममता की मूर्ति हैं । मां, बहन, पत्नी और बेटी आदि स्वरुपों में वह संसार को सुखमय बनाती हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव नारी शक्ति का सम्मान किया हैं । मोदीजी के 75 वें जन्मदिन पर महिला मोर्चा की माताओं-बहनों ने धार्मिक अनुष्ठान रख उनके प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा भर दिया । यह दिन केवल नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय उत्सव का स्वरूप ले लिया हैं, जिसमें हजारों-करोड़ों देशवासी अपने प्रिय नेता को बधाई और शुभकामना अर्पित किए । वे सदैव स्वस्थ, दीर्घायु और उर्जावान रहे तथा अपने ओजस्वी नेतृत्व से भारत को विश्व गुरु बनाने के पथ पर अग्रसर रहे , यही मंगल शुभकामना ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहभागी निभाने वाले
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहभागी - अंबेश जांगड़े , जिलाध्यक्ष भाजपा जांजगीर-चांपा , श्रीमति नंदिनी रजवाड़े, जिला महामंत्री, श्रीमति मंजू जांगड़े, संतोष थवाईत नगर मंडल अध्यक्ष चांपा, श्रीमति रजनी देवांगन , प्रदेश कार्यसमिति सदस्य,वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमति शशि राठौर , पूनम राय,अन्नपूर्णा सोनी, , संतोषी साहू, कविता थवाईत, सरिता विश्वकर्मा,अम्बिका विश्वकर्मा,गायत्री यादव, अनुराधा शुक्ला, नीरा महंत,अंजू चंद्रिकापुरे, जानकी तिवारी, प्रतिमा पाटले, पार्षद पुष्पा-अनिश सिंह, पार्वती विश्वकर्मा, कविता सिंह,नीनी साहू,रामेश्वरी पटेल,शांति यादव, शशिभूषण सोनी, महंत नारायण दास, नरेन्द्र ताम्रकार, सहित अन्यान्य भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही ।
जन्मोत्सव ! हसदेव की संस्कृति और जीवन मूल्यों की जीवंत पहचान
रत्नगर्भा कंचन की नगरी ,चांपा के डोगाघाट तपसी आश्रम मंदिर में यह धार्मिक अनुष्ठान हमें आशा , उत्साह और एकता का संदेश देता हैं । कारण हसदेव की तरह सतत् गतिशील जलधाराएं, उसके लहरों की तरह चिंतनशील महिलाएं, सबकी भावना निर्मल , श्रद्धा के हाथों प्रवाह्लित व पवित्र अनुष्ठान , आत्मीय भाव से हसदेव सरिता में सामूहिक आरती, भजन गायन, मंत्रों की गुंज और बड़ी संख्या में शामिल महिला तथा उपस्थित श्रद्धालुओं की आस्था ने इस कार्यक्रम को अद्भुत बना दिया । सच में हसदेव की संस्कृति और जीवन मूल्यों की जीवंत पहचान इस कार्यक्रम में देखी जा सकती हैं । हसदेव नदी के तट पर स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, डोगाघाट तपसी आश्रम डोगाघाट के नाम से जाना जाता हैं,इस कार्यक्रम ने सब लोगों को आकर्षित किया और हमें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की याद दिलाई। कुल-मिलाकर यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन और मिशन को अपने जीवन में उतारने के लिए भी प्रेरित करता हैं ।
नेपाल के हालातों को लेकर उठे कई सवाल आइये बता रहे अभी का हाल
जांजगीर चाम्पा
हाल में हुए हालतों को देखते नेपाल के प्रति कई प्रकार की अवधारणाएं देखने मिल रही और पर्यटन को लेकर बहुत से मन में उठते विचारों को देखते आपको बता दें कि हालात समान्य है। पर्यटन में कोई असुविधा नहीं है और डर या भय का कोई सवाल ही नहीं।
अभी जो हालात बने उस बारे सबको जानकारी है पर उन हालातों को बेहतर तरीके से काबु किया गया और हालत समान्य हुए। इस कारण पर्यटन के लिए लोगों में भय का माहौल रहा । आपकों बता दें कि नेपाल प्रकृति संकृति समृद्धी का धनी देश है और पर्यटन के लिए हर कुछ दूरी में मनोरम दृश्य मन मोहक पर्यावरण जैसे प्रकृति ने अपना सौन्दर्यीकरण करा रखा हो।
पर्यटन को लेकर इंडो नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटीज जो भारत और नेपाल के पर्यटन को बढावा देने का प्रयास करती है जानकारी दी कि अतिथि देवो भवः का सही मायने नेपाल में नजर आता है । जो सम्मान वहां प्राप्त होता है अद्भुत है मन प्रफुल्लित हो जाता है । इस कारण पर्यटन को लेकर कोई गलत अवधारणाएं ना बनाएं और गलत ख़बरों से बचे।
आत्मविश्वास जिनका ईश्वर ******* आज हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पचहत्तर वर्ष के हो गये।
आज हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पचहत्तर वर्ष के हो गये। उन्हें हृदय की अनंत गहराइयों से जन्मदिन की शुभकामनाएँ। आज एकादशी तिथि है और भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती भी है। ऐसे पावन दिवस में संयोगवशात् पड़े आदरणीय प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस को उनके लिए और हम सबके लिए सौभाग्यसूचक मानता हूंँ। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे इस व्यक्तित्व को आज पूरा विश्व जानता और मानता है।
26 मई, 2014 को नरेन्द्र मोदी जी के भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री बनने के उपरांत उनकी भाषण-कला और दूरदर्शी सोच के प्रति लोगों की दीवानगी सर चढ़कर बोलने लगी। आत्मविश्वास से लबरेज भाषण देते वक्त उनकी आंगिक भाषा लोगों के भीतर रोमांच और अभूतपूर्व शक्ति का संचार कर देती थी। छाती चौड़ी कर बाजुओं को उठाकर उनके वाक्य-वितरण और प्रतिपादन की विलक्षण शैली ने सबको सम्मोहित किया। मन में अच्छे विचारों का जन्म लेना और उन्हें ज्यों का त्यों लोगों के हृदय तक पहुंँचाना अत्यंत कठिन कार्य है। मोदी जी इस हुनर में निष्णात हैं। अभिव्यक्ति और सम्प्रेषणीयता दोनों ही बातें इन्हें बखूबी आती हैं।
दृढ़ संकल्पी प्रधानमंत्री के रूप में उनके अनेक कार्यों में कतिपय उल्लेखनीय निर्णय और महान कार्यों ने पूरे राष्ट्र को प्रसन्नता और गौरव से भर दिया। इनमें पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाना, कश्मीर से धारा 370 हटाना, राममंदिर प्रकरण का निराकरण करना एवं भव्य मंदिर का निर्माण, तलाक कानून का खात्मा आदि शामिल हैं। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।" जो 22 जनवरी, 2015 को पानीपत हरियाणा से आरंभ हुई थी, आज राष्ट्रव्यापी बन चुकी है। इसका उद्देश्य लड़कियों के प्रति नकारात्मक रवैये और भेदभाव को मिटाकर उन्हें शिक्षा जैसे मौलिक और बुनियादी अधिकारों को मुहैय्या कराना है। ताकि देश का सर्वांगीण विकास हो सके। यह कार्य वास्तव में वंदनीय है। स्त्री-सुरक्षा के सख्त कानून ने आज माँ-बहनों को काफी हद तक महफूज किया है। घर-घर में प्रसाधनों की व्यवस्था और स्वच्छता अभियान को सफल बनाकर उन्होंने देश की गरिमा बढ़ायी है। 'ऑपरेशन सिंदूर' से देश का मनोबल बढ़ाया। टैरिफ मसले में अमेरिकी रवैये के जवाब में उनकी छवि उच्चकोटि की कूटनीति में दक्ष नेता के रूप में बनकर उभरी है।
भारतीय जनमानस को हेयता से मुक्ति दिलाकर स्वाभिमान से भर उठने, स्वदेशी उत्पादों के प्रति आकर्षण और आत्मनिर्भरता का पाठ सिखाने की मोदी जी की प्रेरणा को पूरा भारत नमन् करता है।
वैश्विक महामारी 'कोरोना-काल' में आदरणीय प्रधानमंत्री मंत्री जी ने जिस प्रकार धैर्य, सूझ-बूझ और आध्यात्मिकता का अवलंबन लेकर इस विपत्ति से सबको निकालने का प्रयास किया; वह उनके श्रेष्ठ मुखिया होने का प्रमाण है। इनके प्रधानमंत्री बनने के बाद हर भारतवासी को यह अवश्य लगता है कि हमारे देश के संरक्षक हमें हर परिस्थितियों से निकाल लेंगे। उन्होंने हमारी सेना के भीतर भी प्राण-सुधा का सिंचन किया है।
मेरी समझ में राजा दो प्रकार के होते हैं। एक प्रकार का सोचता है कि वह जब तक सत्ता में है, सब ठीक चले। बाकी के लिए वह अपने को भूमिका-विमुख समझता है। दूसरे प्रकार का राजा अपने कार्यकाल में देश को उन्नत तो बनाता ही है, भविष्य में भी उसके समुन्नत होने की कामना करता है। मेरे ख्याल से मोदीजी का आदर्शवाद भी यही कहता है। उन्होंनेे 'योग' को विश्वविख्यात बनाने में पूरा योग दिया।
विराट शख्शियतों की गुणराशि को बखान पाना मुझ जैसे छोटे कलमकारों के वश की बात नहीं है। मैं तो उन्हेें जन्मदिवस की शुभकामनाएंँ देने के बहाने कुछ लिख पाया, इसकी मुझे परम प्रसन्नता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी निरापद, स्वस्थ रहते हुए शतायु बनें, भगवान से यही प्रार्थना है।
मैं किसी दल विशेष का न तो पक्षधर हूँ, और न ही किसी का विरोधी। मैं विशुद्ध साहित्यिक व्यक्ति हूँ। साहित्यकार को जो भी व्यक्तित्व प्रभावित करता है, और जब-भी उसकी कलम छटपटाती है, वह उस पर लिखता है। चाहे वह किसी भी दल का नेता हो, साहित्यकार, संगीतकार, कलाकार या फिर कोई भी प्रेरक व्यक्ति।
हम सब याद रखें, कोई महान व्यक्ति, राजनेता, वैज्ञानिक आदि हस्तियांँ कोई समुदाय या दलविशेष की नहीं होतीं; वे सार्वजनीन होती हैं। हमें उनकी उत्तमता को हृदयंगम करना चाहिए।
जयहिंद।
---- - महेश राठौर 'मलय'
पूर्व अध्यक्ष,
अक्षर साहित्य परिषद्, चाँपा (छ.ग.)
अनिल अंबानी के ठिकानों पर CBI की रेड:FIR भी दर्ज हुई, SBI से 2929 करोड़ रुपए के लोन-फ्रॉड का मामला
CBI ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के खिलाफ 2,929 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में केस दर्ज किया है। CBI ने मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के ऑफिस और अनिल अंबानी के घर पर शनिवार (23 अगस्त) को छापेमारी भी की है। यह फ्रॉड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ा है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा था कि SBI ने इस मामले में CBI में शिकायत दर्ज करने की प्रोसेस भी शुरू की है। इसके अलावा बैंक ने अनिल अंबानी के खिलाफ व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही भी शुरू की है, जो मुंबई NCLT में पेंडिंग है।
इससे पहले 23 जुलाई को भी ED ने अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े 35 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी। रेड यस बैंक से लिए 3000 करोड़ रुपए के लोन धोखाधड़ी मामले में की गई थी।
जुलाई के आखिर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ ₹3000 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल अंबानी को इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के अप्रूवल के बिना भारत छोड़ने की अनुमति नहीं है। अगर वह विदेश यात्रा करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट या बंदरगाह पर हिरासत में लिया जा सकता है।
पूर्व PM इंदिरा के कातिल की बेटी लड़ेगी उपचुनाव:
तरनतारन
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दोषी बेअंत सिंह की बेटी अमृत कौर मलोया ने तरनतारन उप-चुनाव लड़ने का फैसला किया है। बेअंत सिंह की ये दूसरी संतान हैं, जो चुनावी मैदान में उतरने वाली हैं। हालांकि, हैरान करने वाली बात है कि अमृत कौर मलोया ने इस चुनाव में आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरने का फैसला किया है, जबकि उनके भाई सर्बजीत खालसा खुद सांसद हैं। सर्बजीत सिंह खालसा इस समय फरीदकोट से सांसद हैं और डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के एक्टिव मैंबर हैं।
लेकिन अमृत कौर मलोया ने उनकी पार्टी से नहीं, आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है।
अमृत कौर ने भाई सर्बजीत सिंह खालसा की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे एक्टिव मैंबर हैं। फिर भी वे इस पार्टी को छोड़ आजाद मैदान में उतरने की बात कर रही हैं। वहीं, अमृत कौर का कहना है कि उनकी अब कोशिश सभी पार्टियों से समर्थन प्राप्त करने की है। वे सभी पार्टियों को एक साथ उनके सपोर्ट में उतरने के लिए मनाएंगी।
तरनतारन सीट पर उपचुनावों को लेकर अभी तक चुनाव घोषित नहीं हुए हैं। लेकिन यहां से पूर्व विधायक डॉ. कश्मीर सिंह के देहांत के बाद ये सीट खाली हो चुकी है और आने वाले महीनों में यहां चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में अभी तक आम आदमी पार्टी यहां से हरमीत सिंह संधू, अकाली दल सुखविंदर कौर रंधावा और भाजपा हरजीत सिंह संधू यहां से उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं।
बांके बिहारी मंदिर में AK-47 लेकर पहुंचा पुलिसकर्मी:गर्भगृह के बाहर VIP गेस्ट के लिए कुर्सियां लगी,
मथुरा
मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक पुलिस कर्मी सरकारी हथियार लेकर मंदिर के गर्भ गृह के बाहर स्थित जगमोहन में घूमता नजर आ रहा है। पुलिस कर्मी किसी वीआईपी के साथ आया था। जो कंधें पर एके- 47 टांगकर वीआईपी की फोटो खींच रहा था। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स कमेंट कर रहे हैं- मंदिर की मर्यादाओं को तार-तार किया जा रहा है।
वीडियो गुरुवार दोपहर का है। जोकि मंदिर बंद होने के बाद का बताया जा रहा है। राजभोग आरती के दौरान कोई रसूखदार VIP मंदिर में आए। उन्होंने गर्भ गृह की देहरी का पूजन किया। इस दौरान गर्भ गृह की देहरी के बाहर ही दो कुर्सियां भी लगी दिखाई दीं। यहीं पर पुलिस कर्मी अपनी सरकारी गन के साथ घूमता नजर आया।
सोशल मीडिया पर राइफल लेकर मंदिर के जगमोहन में घूमते पुलिस कर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो लोग कमेंट करने लगे। नीलम गोस्वामी अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखती हैं- कृपया ज्ञानीजन विद्वतजन मेरा मार्गदर्शन करें, क्या मंदिर में हथियार ले जाने की परमिशन है।
केबी पाठक नाम के यूजर लिखते हैं- ये सब जो हो रहा है। ये तो बस अभी शुरुआत है। वहीं एक अन्य यूजर लिखते हैं- मंदिर की मर्यादा की जा रही तार-तार।