प्रशासन और साहित्य जगत के स्तंभ बी.के.एस. रे नहीं रहे
पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव का 77 वर्ष की आयु में निधन, प्रशासनिक सेवा के साथ साहित्य में भी छोड़ी अमिट छाप
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव बी.के.एस. रे का मंगलवार को निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री रे का उपचार रायपुर स्थित एम्स में किया जा रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक, राजनीतिक और साहित्यिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
1972 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे बी.के.एस. रे ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित कई अहम पदों पर कार्य किया। राजनांदगांव समेत विभिन्न जिलों में कलेक्टर रहते हुए भी उन्होंने अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशील प्रशासन की पहचान बनाई।
वर्ष 2009 में सेवा निवृत्ति के बाद उन्होंने साहित्य को अपना प्रमुख कर्मक्षेत्र बनाया। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकों की रचना की। उनके लेखन में उपन्यास, कविता और नाटक जैसी विविध विधाओं का समावेश रहा, जिससे उन्हें साहित्यिक जगत में अलग पहचान मिली।
साहित्य और लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘सुकरात अवॉर्ड’ सहित कई सम्मानों से नवाजा गया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और साहित्यकारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनके निधन को छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और साहित्यिक जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।