पहलगाम के दोषियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी:मधुबनी में PM मोदी बोले- आंतकियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया
मधुबनी
पहलगाम अटैक के बाद गुरुवार को बिहार के मधुबनी पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि 'पहलगाम के दोषियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलकर रहेगी।'
'आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई, किसी ने जीवन साथी खोया। इनमें से कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़, कोई गुजराती था, कोई बिहार का लाल था। आज सभी की मृत्यु पर कारगिल से कन्याकुमारी तक हमारा आक्रोश एक जैसा है।'
पीएम मोदी ने कहा, '22 अप्रैल को जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में मासूम लोगों को जिस तरह से मारा है। उससे पूरा देश व्यथित है। उनके दुख में पूरा देश साथ खड़ा है। जिनका अभी इलाज चल रहा है, वे जल्द स्वस्थ हों इसके लिए भी सरकार प्रयास कर रही है।स्पष्ट कहना चाहता हूं, हमला करने वालों को और उनकी मदद करने वालों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलकर रहेगी।'
पंचायती राज कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम ने मृतकों को मंच से श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ‘अपनी बात शुरू करने से पहले मैं आप सबसे एक प्रार्थना करना चाहता हूं। आप जहां हैं, वहीं अपने स्थान पर बैठे रहकर ही 22 तारीख को जिन परिवारजनों को हमने खोया है। उनको श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद मैं अपनी बात शुरू करूंगा।'
पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम मोदी ने कहा, 'आज बिहार की धरती पर मैं पूरी दुनिया से कहता हूं कि भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के अंतिम छोर तक खदेड़ेंगे। आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी। आतंकवाद को सजा मिलेगी। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरा देश इस संकल्प में एक है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़े हैं।'
पंचायती राज कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी ने कहा कि, 'आज पंचायती राज दिवस के मौके पर पूरा देश मिथिला से जुड़ा है, बिहार से जुड़ा है। आज यहां देश के बिहार के विकास से जुड़े हजारों करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।'
'आज राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर सिंह की पुण्यतिथि भी है। मैं उन्हें नमन कहता हूं। बिहार वो धरती है जहां से बापू ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत की थी। उनकी सोच थी कि जब तक गांव का विकास नहीं होगा, तब तक भारत का विकास नहीं हो जाएगा।'
'बीते दिनों में पंचायतों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए। 2 लाख से ज्यादा पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है। साढ़े 5 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर गांवों में बने। इससे कई दस्तावेज अब आसानी से मिल रहे हैं।'
'पटना एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जा रहा है। रोजगार के नए अवसर भी बनाए जा रहे हैं। गांव जितने मजबूत होंगे, देश उतना ही सशक्त होगा। मिथिला के कोसी का एक क्षेत्र बाढ़ से परेशान रहा है। सरकार बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए खर्च करने वाली है। इससे बूढ़ी गंडक, कोसी पर बांध बनेंगे। किसानों के खेत तक पानी पहुंचेगा। यानी अब बाढ़ की परेशानी भी कम होगी। खेतों तक पानी भी पहुंचेगा।'
'मखाना देश के लिए सुपर फूड है, लेकिन मिथिला की समृद्धि का हिस्सा है। हमने मखाने को GI टैग दिया है। मतलब मखाना आपका उत्पाद है, इस पर मुहर लगाई गई है। मखाना बोर्ड से किसानों का भाग्य बदलने वाला है।'