राजधानी
अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष , डॉ. रणधीर कुमार का महत्वपूर्ण संदेश
मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु पर उन्हें कई अधिकार प्राप्त है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार आयोग की स्थापना विश्व के कई देशों में किया।भारत मे भी 1993 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना हुई जिसका मुख्य उद्देश्य मानवाधिकार की रक्षा करना है ।संयुक्त राष्ट्र संघ के सार्वभौमिक घोषणा पत्र में उल्लेखित उन 30 मानव अधिकारों से भी भारतीय संस्कृति में वसुधेव कुटुंबकम सर्वे भवंतु सुखेनः की परिकल्पना सर्वोच्च है।
पिछले कुछ दिनों से दुनिया के अलग-अलग देशो में मानव अधिकारों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों ने पूरी दुनिया को इनके की प्रासंगिकता और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है। दुनिया के साथ ही भारत में भी इस साल कई बार मानवअधिकारों का खुलेआम मखौल बनाया गया है। इसलिए मौजूदा समय मे मनवाधिकार की रक्षा करना सभी के लिए चुनौती का विषय बन गया है ।मानवाधिकार की रक्षा तभी हो पाएगी , जब आप मानवाधिकार के बारे में विस्तृत जानकारी रखेंगे औऱ उसका प्रचार -प्रसार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सही तरीके से हो सके साथ ही मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन कर सके।छात्रों के पाठ्यक्रम में मानवाधिकार को महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल करने की जरूरत है ताकि हर व्यक्ति मानवाधिकार से जागृत हो सके ।
मानवीय कर्तव्य का यातार्थ साफ शब्दों में यह है कि हमे संस्कार युक्त होते हुए संवेदनशील होंना होगा साथ ही साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन बखूबी से करने की जरूरत है । असल मानवाधिकार की रक्षा तभी संभव हो सकेगी जब हम सभी के बीच सर्वे भवंतु सुखिनः की भावना का प्रसार हो और अंतर्मन से संवेदनशील हो कर कर्तव्यों का निर्वहन करें ।
नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (एन एच आर सी सी बी),बतौर भारत की एक जिम्मेदार ग़ैर सरकारी मानवाधिकार संस्था होने के नाते मानवधिकार की सतत रक्षा प्रचार प्रसार हेतु सतत प्रयासरत है , संस्था के 25000 से भी अधिक साथियों के सहयोग एवँ समर्पण से पिछले 8 वर्षों में लाखो पीड़ितों, शोषितों, वंचितों एवं मानवाधिकार हनन पीड़ितों को न्याय मिली है ।समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगो में मानवाधिकार के प्रति जागरूकता लाने के लिए संस्था ने व्यापक पहल किए है ।संस्था की पहुँच महानगरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह बीहड़ पिछड़े इलाके के गाँव तक भी है । हज़ारो साथियों की मज़बूत उपस्थिति ने एन एच आर सी सी बी को आज भारत के अग्रणी संस्था के रूप में स्थापित कर दिया है ।
आज संस्था के समस्त साथियों को मानवाधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई देता हूँ ।समस्त देशवासियों से अपील करता हूँ की आइए आप सब भी मुहिम से जुड़कर उत्कृष्ट समाज निर्माण एवं अपराध मुक्त समाज का हिस्सा बनें।
एक दिन में गर्भवती महिला का 2 बार ऑपरेशन...मौत
सरगुजा
अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में गर्भवती का एक ही दिन में दो बार ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन कर डिलीवरी कराई गई। टांके से ब्लड आने पर उसका यूटरस निकाल दिया गया। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर रेफर कर दिया गया।
रायपुर के मेकाहारा हॉस्पिटल से उसे एम्स ले जाने कह दिया गया। एम्स ने बेड खाली नहीं है कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। वापस लाने के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, हॉस्पिटल प्रबंधन ने इससे इनकार किया है। मामला मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के MCH का है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के कृष्णनगर निवासी सुनीता सिंह (35) पति मनीष सिंह 9 महीने की प्रेग्नेंट थी। उसे मितानिन संगीता सिंह 4 दिसंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगड़ा लेकर गई थी।
डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे बलरामपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जांच के बाद बच्चे को खतरा बताकर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। 4 दिसंबर की शाम उसे लेकर परिजन अंबिकापुर पहुंचे।
सुनीता सिंह को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के एमसीएच में भर्ती किया गया। रात 1.30 बजे उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से उसने 3.40 किलोग्राम के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।दोनों को डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया था।
5 दिसंबर की शाम सुनीता सिंह को लगाए गए टांके से ब्लड आने लगा। इसकी जानकारी परिजनों ने डॉक्टर को दी। आनन-फानन में सुनीता सिंह को दोबारा आपरेशन के लिए ले गए। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि, यूटरस का रास्ता बंद हो गया है। यूटरस निकालना पड़ेगा। परिजनों ने इसकी सहमति दे दी। सुनीता सिंह का ऑपरेशन कर यूटरस निकाल दिया गया। लेकिन दोबारा हुए ऑपरेशन के बाद सुनीता सिंह का यूरीन बंद हो गया। उसकी हालत बिगड़ने लगी। 6 दिसंबर को डॉक्टरों ने उसकी हालत बिगड़ती देख उसे रायपुर रेफर कर दिया।
वे सुनीता को लेकर रायपुर मेकाहारा हॉस्पिटल पहुंचे। वहां से उसे एम्स ले जाने की सलाह दे दी गई। जब वे एम्स पहुंचे तो बताया गया कि वहां बेड खाली नहीं है। जहां से उसे लेकर आए हो, वहीं वापस चले जाओ। बिना इलाज कराए परिजन सुनीता सिंह को लेकर वापस अंबिकापुर लौट रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इस मामले में परिजनों ने ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में महिला के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि सुनीता सिंह के पहले से तीन बच्चे थे। सभी नार्मल डिलीवरी से हुए थे। उसकी यह चौथी डिलीवरी थी। MCH के गायनिक वार्ड के HOD डॉ. अविनाशी कुजूर ने बताया कि, ऑपरेशन के बाद बच्चा और मां दोनों स्वस्थ थे। टांके से ब्लीडिंग होने पर सोनोग्राफी की गई। जांच में पता चला कि यूटरस ढीली हो गई है। पेट में खून जम गया है। जान बचाने के लिए दोबारा ऑपरेशन कर यूटरस रिमूव किया गया था। उसे ब्लड भी चढ़ाया गया था। यूरीन बंद होने के कारण उसे रेफर किया गया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी
धान खरीदी में आया सुनहरा बदलाव - किसान श्री भगवान शरण कश्यप बोले, इस बार की व्यवस्था ने दिल जीत लिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी - किसान श्री भगवान शरण कश्यप हुए संतुष्ट, 15.60 क्विंटल धान का किया विक्रय
जांजगीर-चांपा 4 दिसंबर 2025/ धान उपार्जन केंद्र पकरिया में किसानों के लिए खरीदी प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित हुई है। आज केंद्र में पहुंचे किसान श्री भगवान शरण कश्यप ने अपने 15.60 क्विंटल धान का विक्रय किया और इस पूरी व्यवस्था को किसानों के अनुकूल बताते हुए शासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस बार धान खरीदी व्यवस्था में जिस तरह से सुधार किए गए हैं, उससे किसानों की समस्याओं का समाधान हुआ है और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह से तनावमुक्त और सरल बन गई है।
किसान श्री भगवान शरण कश्यप ने बताया कि धान बेचना अब पहले से बहुत ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में नमी परीक्षण, तौल, टोकन सत्यापन, स्टाफ का सहयोग और व्यवस्थाओं की पारदर्शिता ने किसानों का भरोसा बेहद मजबूत किया है। पूरे केंद्र में साफ-सफाई, शेड, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और कामकाज की गति देखकर यह आसानी से महसूस होता है कि शासन ने किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखा है। किसान श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का सीधा लाभ उन्हें जमीन पर मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के मुन्नाभाई MBBS स्टूडेंट:
गरियाबंद
जगदलपुर के स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले 2 MBBS स्टूडेंट को गरियाबंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर एक युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख रुपए लिए थे। मामला छुरा थाना क्षेत्र का है। शिकायत के बाद दोनों पर कार्रवाई हुई है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों स्टूडेंट छत्तीसगढ़ में हुए मुन्नाभाई केस में भी जेल जा चुके है। आरोपियों ने साल 2009 में महासमुंद जिले में हुई पीएमटी की परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया था।
पुलिस के मुताबिक, ज्यादा पैसे के लालच और ज्यादा खर्च करने की आदत के कारण वे पिछले 15 सालों से लगातार करोड़ों की ठगी की घटना को अंजाम दे चुके है। दोनों 2007 से कॉलेज में एडमिशन लिए थे। कई बार फेल हो चुके है अब भी पढ़ाई जारी रखी है।
गरियाबंद जिले के रहने वाले चंद्रशेखर सेन और उसका साथी निखिल राज सिंह जो कि उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। दोनों साल 2007 में पीएमटी परीक्षा पास किये थे। जिसके बाद दोनों ने मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एडमिशन लिया था।
वहीं पर दोनों पहली बार मिले थे। इसके बाद बहुत जल्दी, बहुत ज्यादा पैसे कमाने के लालच में मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्रों को फर्जी तरीके से पीएमटी परीक्षा पास कराने और उसके एवज में अवैध धन कमाने के उद्देश्य से कुछ लोगों को दूसरे राज्यों से बुलाकर, पीएमटी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के जगह परीक्षा में बैठाकर पास कराने का ठेका लेने की शुरुआत करने की सोची
पुलिस टीम ने पहले गरियाबंद के कनसिंघी निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी निखिल राज ट्रेन से भाग रहा है। तत्काल ट्रेन के लोकेशन के आधार पर आरपीएफ बिलासपुर और पेंड्रारोड की मदद से झांसी निवासी निखिल राज को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पहले भी दो बार पीएमटी परीक्षा में फर्जीवाड़ा (मुन्नाभाई प्रकरण) के आरोप में जेल जा चुके हैं। वे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे।
उक्त प्रकरण में प्रार्थी और आरोपीगण से पूछताछ में मिले साक्ष्य के आधार पर धारा 111, 318 (4), 338, 336 (3), 340 (1)(2) बीएनएस की धारा अपराध में जोड़ी गई है। दोनों आरोपीगण के खिलाफ राज्य एवं राज्य के बाहर अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के बहुत से अपराध पंजीबद्ध है।
गरियाबंद पुलिस ने फर्जी गैर जमानती वारंट के जरिए एक युवक से एक लाख रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ में 12 नक्सली ढेर, 3 जवान शहीद
बीजापुर
छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, एनकाउंटर में DRG के 3 जवान शहीद और 2 घायल हो गए हैं। बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने पुष्टि की है।
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने बताया कि एनकाउंटर में बीजापुर DRG के जवान हेड कॉन्स्टेबल मोनू वडारी, रमेश सोड़ी और कॉन्स्टेबल दुकारू गोंडे शहीद हो गए। गंगालूर थाना इलाके के जंगलों में जवानों की टीम लगातार सर्चिंग कर रही है।
वहीं नक्सलियों के मारे जाने के बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज हमारे बहादुर जवानों की बहादुरी से इतिहास लिखा जा रहा है। नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें ले रहा है। उन्होंने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी।
छत्तीसगढ़ में 4 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और NSA डोभाल समेत कई हस्तियां DGP कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। मीटिंग में नक्सलवाद को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर चर्चा की की गई थी। अब इसके नतीजे दिख रहे हैं। हालांकि, शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन पहले ही तय कर दी है।
SP ने बताया कि जवानों ने एनकाउंटर वाली जगह से SLR राइफल, 303 राइफल और गोला-बारूद भी बरामद किया है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मौके पर सर्च जारी है। इलाके को सील कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बैकअप पार्टी भी भेजी गई है। ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए डिटेल्स शेयर नहीं की जा सकतीं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद डिटेल्ड अपडेट जारी किया जाएगा।
बिलासपुर में मौसाजी-स्वीट्स के सभी संस्थानों पर GST की रेड
बिलासपुर
बिलासपुर में मौसाजी स्वीट्स के सभी संस्थानों पर 1 दिसंबर की शाम स्टेट जीएसटी की टीमों ने एक साथ छापा मारा। रायपुर और बिलासपुर की संयुक्त टीमों ने टैक्स चोरी की शिकायत पर यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम, बिल, पर्ची और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
शाम करीब साढ़े 4 बजे अलग-अलग टीमें संस्थानों पर पहुंचीं। चार सदस्यीय टीमों ने कंप्यूटर सिस्टम को तुरंत अपने कंट्रोल में लिया। अधिकारी और कर्मचारी बिल, पर्ची समेत सभी वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच करते रहे। यह कार्रवाई फर्म द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स हेराफेरी की शिकायत के बाद की गई।
अधिकारियों ने सिस्टम के सॉफ्टवेयर पर लेन-देन का पूरा हिसाब देखा। बिल, पर्ची, फाइलें और विभाग को भरे गए टैक्स से जुड़े सभी कागजात रात 12 बजे तक खंगाले गए। जाते समय अधिकारी कुछ दस्तावेजों की प्रतियां भी अपने साथ ले गए।
हालांकि, जांच में क्या मिला, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है, लेकिन संस्थान में बड़ी टैक्स हेराफेरी की बात चर्चा में है।
शहर में मौसाजी स्वीट्स की शाखाएं श्रीकांत वर्मा मार्ग, तिफरा, सरकंडा, मंगला और गोलबाजार में स्थित हैं। व्यापार विहार स्थित मौसाजी स्वीट्स में जॉइंट कमिश्नर सहित चार सदस्यों की टीम पहुंची थी।
यहां कमिश्नर की मौजूदगी में सभी पुरानी और नई डायरियां, रजिस्टर तथा कंप्यूटर सिस्टम में लेन-देन का हिसाब देखा गया। जॉइंट कमिश्नर रात 10:30 बजे वहां से चले गए, लेकिन तीन सदस्यीय टीम देर रात तक जांच करती रही।
शाम 4 बजे रायपुर से अधिकारियों की टीम बिलासपुर पहुंची। टीम ने स्थानीय अधिकारियों को ब्रीफ किया। इसके बाद जॉइंट टीम बनाकर बिलासपुर के सभी संस्थानों में रेड की कार्रवाई की गई। स्थानीय अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान किसी का भी कॉल रिसीव नहीं किया।
IND Vs SA वनडे...3,000 के टिकट की 7,500 में डील:दलालों ने अस्पताल को बनाया ठिकाना,
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच ODI मैच 3 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे रायपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच से पहले टिकट की ब्लैक मार्केटिंग जोरों पर है। सोशल मीडिया से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक टिकट खुलेआम दोगुने दाम पर बेचे जा रहे हैं।
टिकट दलाल 3,000 के टिकट दोगुने से भी ज्यादा दाम यानी 7,500 में बेच रहे हैं। इन एजेंटों ने प्राइवेट अस्पतालों को अपना अड्डा बना लिया है। वे क्रिकेट फैंस को अलग-अलग जगहों पर बुलाते हैं। पहले QR कोड भेजकर एडवांस पेमेंट मांगते हैं। इसके बाद टिकट की डिलीवरी देते हैं।
दरअसल, BCCI ने इंडिया-साउथ अफ्रीका ODI मैच के टिकट बेचने की जिम्मेदारी Genie.in कंपनी को दी थी। सेल के पहले दिन से ही टिकटों के लिए भीड़ लग गई। क्रिकेट लवर्स टिकट खरीदने के लिए ऑनलाइन साइट पर इंतजार करते रहे, लेकिन टिकट माफिया ने पहले ही बल्क में बुक कर लिया था।
टिकट की ऑनलाइन बिक्री 2 चरणों में की गई थी। पहले फेज में 22 नवंबर को 44 हजार में से 18 हजार टिकट जारी किए गए, जो सिर्फ 15-20 मिनट में बिक गए। वहीं भारी डिमांड के कारण बुकिंग तत्काल रोक दी गई।
वहीं दूसरे फेज में 28 नवंबर को करीब 17 हजार टिकट बिक्री के लिए खोले गए, जो कुछ मिनटों में ही खत्म हो गए। इसके बाद क्रिकेट फैंस ऑफलाइन काउंटर पर उमड़े, लेकिन दलालों ने यहां भी कब्जा जमा लिया।
इस दौरान क्रिकेट लवर्स को टिकट मिला ही नहीं। टिकट पूरी तरह बिक जाने के बाद टिकट माफिया ने ब्लैक मार्केटिंग शुरू की। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, टिकट दिखाकर उनकी ब्लैक मार्केटिंग खुलेआम चल रही है। 3000 रुपए के टिकट 7500 रुपए में बेचे जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष बनने के बाद प्रथम नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओ मे उत्साह का माहौल
इमरान खोखर बिहान छत्तीसगढ़
मुंगेली - लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ के सभी जिलो के कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदारों की सूची जारी कर दी गई। जारी सूची मे पुनः घनश्याम वर्मा को स्थान मिलने के साथ ही उनके समर्थको मे खुशियाँ छा गई ।
गौरतलब हो कि श्री वर्मा द्वारा अपने लगभग आठ महा के कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा स्थानीय मुद्दों सहित प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का सफलतम कार्यक्रम करया गया था,, जिसको देखते हूँ ए आई सी सी एवं पी सी सी द्वारा बतौर जिलाध्यक्ष उन्हें दूसरी बार मौका दिया गया है। उनके नाम की घोषणा के बाद जिला कांग्रेस सहित लोरमी डिंडोरी पथरिया मुंगेली शहर मुंगेली ग्रामीण जरहगाव के कार्यकर्ताओ मे हर्ष व्याप्त है।
जिलाध्यक्ष बनने के नगर आगमन को लेकर तैयारियां शुरू - जिलाध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस कार्यालय पहुँचे श्री वर्मा का कार्यकर्ताओ ने भव्य स्वागत किया,, इस दौरान बड़ी सख्या मे जिला शहर ब्लॉक कार्यकर्त्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान श्री वर्मा ने सभी कार्यकर्ताओ के सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरी यह नियुक्ति आप सभी के सहयोग एवं आपके आशीर्वाद से हुई है मै सभी का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूँ.
मेकाहारा में चल रहा है समीक्षा अभियान अधीक्षक सोनकर ने दिया है निर्देश अच्छे कार्य करने वालों का हो रहा है सम्मान
रायपुर
राज्य की सबसे बड़े डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में चल रहा है कार्यों का समीक्षा अभियान मेंट्न नरसिंह उपाधीक्षक सहायक अधीक्षक सभी सामूहिक रूप से अभियान चला रहे हैं सभी मैट्रन लोगों का धोबी समाज के अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने सम्मान किया इस अवसर पर उन्होंने कहा अस्पताल हमारा है और हम सब की जिम्मेदारी है
टीम भावना से काम करें अधीक्षक डॉक्टर संतोष सोनकर का सपना है हमारा भीमराव अंबेडकर अस्पताल छत्तीसगढ़ के सुपरहिट अस्पताल के रूप में नाम कमाए उन्होंने आवश्यक सामग्री का उपयोग करके अस्पताल की सफाई बरकरार रखने की अपील सभी कर्मचारियों से की इस अवसर पर उप नर्सिंग अधीक्षक डी अश्लेष्म दुर्गा रानी ठाकुर रश्मि मसीह लॉन्ड्री प्रभारी लिली कुट्टी तेज तर्रार मेट्ररन अभिलाषा गुजराती सहायक नर्सिंग अधीक्षक मंजू बघेल दिव्या तिग्गा रेखा जेकब लॉन्ड्री प्रभारी लव कुमार साहू दिनेश सोनकर जाहिद अली सत्यम श्रीवास्तव श्रेयस आदि अनेक अस्पताल कर्मचारी उपस्थित रहे
संविधान दिवस अमर रहे
आधुनिक भारत के महान शिल्पकारों यथा पंडित नेहरू, सरदार पटेल, बाबू राजेंद्र प्रसाद, भीमराव अंबेडकर, मौलाना आज़ाद, सर बी.एन. राव सहित संविधान समिति के सभी सदस्यों के 2 वर्ष 11 माह,18 दिनों के अथक प्रयासों ने देश को सबसे विस्तृत लिखा हुआ संविधान दिया, जिसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया तथा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। संविधान सभा में मूल रूप से 389 सदस्य थे पर विभाजन के बाद घटकर 299 सदस्य रह गए थे। 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
संविधान सभा का गठन 06 दिसंबर 1946 को किया गया था जिसके स्थाई अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे और प्रमुख सलाहकार सर बी.एन. राव थे। चूंकि प्रारूप समिति ने संविधान का मसौदा तैयार किया था और इसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे इसलिए उन्हें संविधान का जनक कहा जाता है। भारत के संविधान के लिए 60 से अधिक देशों के संविधानों का गहन अध्ययन किया गया था तथा 10 से अधिक देशों के संविधानों से मार्गदर्शन प्राप्त कर भारतीय संविधान तैयार किया गया है।
मूल संविधान में भगवान् राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की तस्वीर है। भारतीय संविधान में कुल 251 पन्ने हैं। इस खूबसूरत संविधान को श्री प्रेम बिहारी नारायण रायजादा (सक्सेना) ने हिंदी तथा अंग्रेजी में लिपिबद्ध किया था जिसे पूरा करने में उन्हें छह माह का समय लगा। इसके लिए उन्होंने कोई शुल्क नहीं लिया था। उन्होंने जहां इसे लिखा था उसे अब कंस्टीट्यूशन क्लब कहते हैं। इस मूल संविधान प्रति की सजावट को अंतिम रूप शांतिनिकेतन के प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस जी, राममनोहर सिन्हा जी ने दिया था। इसका प्रकाशन देहरादून से किया गया था और सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा फोटोलिथोग्राफ किया गया था। संविधान की हिंदी तथा अंग्रेजी में लिपिबद्ध दोनों हस्तलिखित प्रतियां भारतीय संसद की लाइब्रेरी के हीलियम बॉक्स में संरक्षित है, इसकी दूसरी हस्तलिखित प्रति ग्वालियर के सेंट्रल लाइब्रेरी में भी संरक्षित है।
मूल संविधान में एक प्रस्तावना, 22 भाग, 395 अनुच्छेद, तथा 08 अनुसूचियों का समावेश था, पर वर्तमान में प्रस्तावना, 25 भाग, 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूची तथा 130 संशोधन हैं। भारत का संविधान दुनिया के सबसे बड़े संविधानों में से एक है, जिसमें मौलिक अधिकारों से लेकर समानता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे कई मजबूत सिद्धांत शामिल हैं। हमारा संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देता है तथा गरिमामय जीवन का वायदा करता है। यह गरीबों, वंचितों, पिछड़ों, दलितों,आदिवासियों, महिलाओं सहित सभी देशवासियों का सुरक्षा कवच है।
संविधान दिवस केवल एक जश्न मनाने की तारीख मात्र नहीं है, यह उस भरोसे की याद है जो हमारे पूर्वजों ने हम पर किया था। हमारा संविधान सिर्फ दस्तावेज नहीं है बल्कि हमारे पूर्वजों की दूरदृष्टी, त्याग तथा न्याय के सपनों का आधार है।
आइए, संकल्प लें कि हम हर कीमत पर अपने गर्वित संविधान की रक्षा करेंगे, उसे और सुदृढ़ करेंगे। कृतज्ञ राष्ट्र संविधान निर्माताओं का सदैव ऋणी रहेगा।
समस्त देशवासियों को संविधान दिवस की अनंत शुभकामनाएं।
जय भारत , जय संविधान।
परमजीत बॉबी सलूजा,
नया रायपुर, छत्तीसगढ़।
अवैध धान खपाने की मंशा रखने वाले दो कारोबारियों से 164 कट्टा धान जब्त
गोविन्द राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार:-कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार संयुक्त जांच दल के माध्यम से धान खरीदी केंद्रों में अवैध धान खपाने की मंशा रखने वाले कारोबारियों पर मंडी अधिनियम 1972 के तहत लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को लगभग 164 कट्टा धान जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को संयुक्त जांच दल के द्वारा केशरवानी अनाज भंडार पटपर भाटापारा 28.8 क्विंटल एवं अमितेश शर्मा बोडतरा से 36.8 क्विंटल कुल 65.6 क्विंटल (164 कट्टा) अवैध धान जब्त किया गया।
उक्त कार्यवाही राजस्व, खाद्य विभाग एवं मंडी समिति के संयुक्त जांच दल द्वारा किया गया।
बलौदाबाजार में मेडिकल लाइसेंस का रेट फिक्स! 40–50 हजार घूस बिना नहीं खुल रहा नया मेडिकल
गोविन्द राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार :-जिले में मेडिकल लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह से भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आ चुकी है। फ़ार्मासिस्ट डिग्रीधारियों को अपना मेडिकल स्टोर खोलने के लिए तय शासकीय शुल्क बैंक ड्रॉफ्ट में भेजी गयी राशि के अतिरिक्त 40 से 50 हजार रुपये तक अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। यह रकम सीधे-सीधे संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों की जेब में जा रही है, लेकिन भ्रष्टाचार का यह खेल इतना सुनियोजित है कि वे पैसा खुद अपने हाथों से नहीं लेते, बल्कि जिले के कुछ चुनिंदा निजी मेडिकल स्टोर्स को कलेक्शन एजेंट बनाकर पूरा खेल संचालित किया जा रहा है।
नए मेडिकल लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले फार्मासिस्टों को ड्रग इंस्पेक्टर और संबंधित अधिकारी खुलेआम इशारा करते हैं कि निर्धारित जगह पैसा छोड़ दें! तभी फाइल आगे बढ़ेगी। जो युवा फार्मासिस्ट घूस देने से इंकार करते हैं, उन्हें नियम-कानून के नाम पर उलझाकर महीनों चक्कर कटवाए जाते हैं। वहीं जो 40–50 हजार रुपये सेटिंग में दे देते हैं, उनका लाइसेंस बेहद आसानी से, बिना किसी आपत्ति के, जारी कर दिया जाता है।
ड्रग निरीक्षकों की यह अवैध कमाई सिर्फ लाइसेंस तक सीमित नहीं है—मेडिकल दुकानों की विजिट के नाम पर लगातार उगाही भी एक खुला राज बन चुका है। निरीक्षण की आड़ में मेडिकल स्टोर संचालकों से मनमानी रकम वसूलना जिले में पुरानी और लगातार जारी प्रथा बन चुकी है।
जनता का स्वास्थ्य और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, वही खुलेआम भ्रष्टाचार का बाजार चलाने में लगे हैं। लाइसेंस की प्रक्रिया को कमाई का जरिया बनाकर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा प्रहार किया जा रहा है। ईमानदार और गरीब फार्मासिस्ट जहाँ अपमान व उत्पीड़न झेल रहे हैं, वहीं भ्रष्ट अधिकारियों की जेबें दिन-दुगुनी रात-चौगुनी भरती जा रही हैं।
निर्धन और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले फार्मासिस्ट पहले ही अपनी पढ़ाई पर भारी खर्च उठाकर डिग्री और डिप्लोमा हासिल करते हैं। वर्षों की मेहनत, पढ़ाई और सपनों के बाद जब वे अपना मेडिकल स्टोर खोलने आगे बढ़ते हैं, तो सिस्टम की यह बेहूदा रिश्वतखोरी उनके भविष्य पर ताला लगाने लगती है।
मेडिकल लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 40–50 हजार तक की मोटी रकम मांगना न सिर्फ आर्थिक शोषण है, बल्कि उन युवाओं के सपनों पर सीधा प्रहार है जो मुश्किल हालात से लड़कर इस क्षेत्र में कदम रखते हैं।
वहीं भ्रष्ट अधिकारी सिर्फ पैसा लेकर लाइसेंस जारी नहीं कर रहे—बल्कि नियमावली तक को कुचलकर, अपात्र लोगों के कागज़ों को भी मंजूरी दे दे रहे हैं। दूसरी ओर वे पात्र और दस्तावेज़ तौर पर पूरी तरह योग्य आवेदक, सिर्फ इसलिए महीनों से ऑफिसों के चक्कर काटने को मजबूर हैं क्योंकि वे निर्धारित रिश्वत नहीं दे पा रहे। यह स्थिति केवल दुर्भाग्य नहीं—बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की घोर विडंबना और युवा मेडिकल पेशेवरों के साथ किया जा रहा खुला अन्याय है। खबर अभी बाकि है साक्ष्य सहित आगामी अंक में प्रकाशित होंगी....।
जिला स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता पलारी में आयोजित होगी — कलेक्टर ने दी सहमति
बिहान छत्तीसगढ़ ,गोविंदराम ब्यूरो चीफ बलौदा बाजार
बलौदाबाजार:-बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर्व की भव्य परंपरा के अंतर्गत इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में 1 दिसम्बर 2025 से गुरुमाह की शुरुआत होने जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को सामाजिक प्रतिनिधि मंडल द्वारा कलेक्टर बलौदाबाजार से मुलाकात कर जिला स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन पलारी में करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर कलेक्टर ने सहमति प्रदान करते हुए आवश्यक दिशानिर्देशों पर सकारात्मक आश्वासन दिया। इस निर्णय से क्षेत्र के समाज और सांस्कृतिक मंचों में उल्लास का वातावरण है।
छत्तीसगढ़ में बाबा गुरु घासीदास की जयंती केवल एक दिवस का आयोजन नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव है, जिसकी शुरुआत 1 दिसम्बर से ही हो जाती है और यह श्रृंखला मार्च-अप्रैल तक चलती है। बताया जाता है कि यह विश्व में सबसे लंबे समय तक मनाई जाने वाली जयंती पर्व श्रृंखलाओं में से एक है।
इस अवसर पर जहां प्रदेशभर में सामाजिक कार्यक्रम,सतनाम नामायन,चौका भजन, नाचा,प्रवचन, दर्शन और भक्ति के आयोजन होते हैं, वहीं हर जिले और गांव में पंथी नृत्य का आयोजन इस पर्व का केंद्र बिंदु माना जाता है।
पंथी नृत्य छत्तीसगढ़ के सतनामी समाज की पहचान और आध्यात्मिक विरासत है। यह केवल एक नृत्य रूप नहीं, बल्कि समानता, सत्य, शांति और न्याय के संदेश वाहक बाबा गुरु घासीदास की वाणी और सिद्धांतों का जीवंत माध्यम है।
मनखे-मनखे एक समान की पवित्र अवधारणा को नृत्य के हर कदम, गीत के हर शब्द और ताल के हर स्पंदन के साथ महसूस किया जा सकता है।
यह एक पारंपरिक नृत्य है जिसमें गीत, ताल, मुद्रा और आध्यात्मिक भाव प्रमुख हैं।
पंथी नृत्य करने वाले कलाकार नृत्य के दौरान केवल कला प्रस्तुत नहीं करते, बल्कि भक्ति, अनुशासन और साधना का अभ्यास भी करते हैं।
यह नृत्य शरीर, मन और आत्मा को संतुलित कर नृत्य-योग का अनोखा स्वरूप प्रस्तुत करता है। नियमित रूप से पंथी नृत्य करने वाले व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनते हैं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना भी प्राप्त करते हैं।
जिला स्तरीय पंथी प्रतियोगिता पलारी में आयोजित होने के निर्णय से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में पंथी नृत्य की परंपरा और भी सुदृढ़ होगी।
जैसे-जैसे गुरुमाह का शुभकाल निकट आ रहा है, वैसे-वैसे छत्तीसगढ़ में भक्ति, संस्कृति और गुरु परंपरा का उत्साह चरम पर दिखाई दे रहा है।
कमिश्नर महादेव कावरे ने पलारी एवं बलौदाबाजार तहसील में एसआईआर कार्य का किया निरीक्षण दस प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले 28 बीएलओ व अविहित अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश
गोविंद राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार(बिहान छत्तीसगढ़ )
रायपुर कमिश्नर महादेव कावरे ने रविवार को जिला प्रवास के दौरान तहसील पलारी एवं बलौदाबाजार के विभिन्न मतदान केंद्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान केंद्रों में चल रहे डिजिटाइजेशन एवं मतदाता सूची अद्यतन कार्य का अवलोकन करते हुए बीएलओ एवं संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय- सीमा में कार्य पूर्ण करने हेतु तेज प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान डिजिटाइजेशन कार्य की प्रतिशत कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 10 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले 28 बीएलओ, अविहित अधिकारी एवं सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
कमिश्नर श्री कावरे ने ग्राम खरतोरा में बीएलओ से मतदान केन्द्र क्रमांक मतदाताओं की संख्या, अब तक संकलित गणना पत्रक एवं डिजिटइजेशन की जानकारी ली। उन्होंने मतदाताओं से गणना पत्रक भरने में दिक्कत या समस्या के बारे में भी पूछ- ताछ की। इसके पश्चात कमिश्नर ने तहसील कार्यालय पलारी में ऑपरेटर द्वारा किये जा रहे डिजिटाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने समक्ष ऑपरेटर से गणना पत्रक का डिजिटाइजेश कराया। इस दौरान ऑपरेटर एवं बीएलओ को डिजिटइजेशन कार्य में तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिये वहीं मोबाइल में बेहतर नेटवर्क के लिये कार्यालय के वाई -फाई का उपयोग करने कहा।
कमिश्नर श्री कावरे ने इसके पश्चात् बलौदाबाजार तहसील के ग्राम कुकुरदी के संवरा बस्ती के आंगनबाड़ी केन्द्र में चल रहे डिजिटाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएलओ से बूथ में मतदाताओं की संख्या, अब तक संकलित गणना पत्रक व डिजिटइजेशन की जानकारी ली। सहयोगी लगाकर डिजिटइजेशन में प्रगति लाने कहा। तहसील कार्यालय बलौदाबाजार में ऑपरेटरो को डिजिटाइजेशन में गणना पत्रक के साथ लगाए जाने वाले दास्तावेजों के सम्बन्ध में पूछ ताछ की और तेजी से प्रगति लाने कहा।निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि बूथवार प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर डिजिटाइजेशन कार्य को पूर्ण कराएं।
बताया गया कि अब तक जिले में 33.31प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाजेशन पूरा हुआ है। जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 949277 है। कसडोल विधानसभा में 10 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले बीएलओ, अविहित अधिकारी व सुपरवाइजर की संख्या1, बलौदाबाजार विधानसभा में 17 एवं भाटापारा विधानसभा क्षेत्र में 10 हैं जिन्हे नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गए हैं।
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी निशा नेताम मड़ावी,एसडीएम दीपक निकुंज, प्रकाश चंद्र कोरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
धान खरीदी महाभियान आज से प्रारम्भ जिले के 129 सहकारी समितियों के माध्यम से 166 उपार्जन केन्द्रों में 1लाख 65 हजार पंजीकृत कृषकों से होगी धान की खरीदी
इस वर्ष जिले में धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन
गोविन्द राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार,14 नवम्बर 2025/शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु समर्थन मूल्य पर 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी की जाएगी। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन मे जिले के 129 सहकारी सेवा समितियों के माध्यम से 166 उपार्जन केंद्रों में एक लाख 65 हजार पंजीकृत कृषकों से धान की खरीदी की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। इस वर्ष समर्थन मूल्य में धान खरीदी हेतु जिले का अनुमानित लक्ष्य 9लाख 15 हजार मीट्रिक टन रखा गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु समर्थन मूल्य धान पतला दर,2389 रूपये प्रति क्विंटल एवं धान मोटा एवं सरना दर 2369 रूपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिग खरीदी सहित निर्धारित कि गयी है। समितियों द्वारा सोमवार से शुक्रवार तक (शासकीय अवकाश के दिवसों को छोडकर) धान खरीदी की जायेगी तथा प्रत्येक शनिवार को क्रय किये गये धान की मात्रा, बारदानों का उपयोग तथा समिति को धान उपार्जन हेतु प्राप्त राशि के व्यय की पुष्टि धान खरीदी सॉफटवेयर में करना अनिवार्य है। समितियों/उपर्जान केन्द्रो मे इलेक्ट्रानिक कांटा से धान खरीदी का कार्य किया जाएगा।
उड़नदस्ता गठन एवं चेक पोस्ट-अवैध रुप से धान बेचने वाले कोचिया एवं व्यपारियों को रोकने के लिये जिले में उड़नदस्ता गठन दल का आवश्यकता अनुसार गठन किया गया है। उड़नदस्ता दल में कृषि, राजस्व, खाद्य, सहकारिता, मंडी के अधिकारियों-कर्मचारियों का ड्यूटी लगाई गई है। उड़न दस्ता दल द्वारा जिले में धान बेचने वाले कोचिया एवं व्यपारियों की सूची के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी जहां भी अवैध रूप से थान संग्रहण एवं खरीदी की जानकारी मिलने पर तत्काल जांच किया जाएगा । जांच में अवैध रूप से खरीदी-बिकी करना पाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही किया जाएगा। जिले में 12 चेक पोस्ट स्थापित किया गया है।चेक पोस्ट में ड्यूटी मंडी, राजस्व विभाग, मंडी, वन विभाग, नगर सेना की ड्यूटी आवश्यकता अनुसार पाली पाली में लगाई गई है।चेकपोस्ट में बाहरी राज्यो से प्रवेश करने वाले वाहनों का विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सड़क मार्ग के हर मोड़, हर चौक और हर ब्लैक स्पॉट पर किए गए महत्वपूर्ण सुधार संकेतक, रंबल स्ट्रिप, झाड़ियों की सफाई और अतिक्रमण हटाया, दुर्घटनाओं में होगी कमी
( बिहान छत्तीसगढ़ )गोविन्द राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार
जिले में सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से जिला कलेक्टर श्री दीपक सोनी एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के संयुक्त निर्देशन में सड़क सुरक्षा का व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत संडी, खरतोरा, पलारी, लवन, कसडोल होते हुए गिधौरी तक पूरे मार्ग का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य त्वरित गति से पूरा किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक लेकर, बीते वर्षों में घटित सड़क दुर्घटनाओं का अध्ययन किया गया और उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया जहाँ सुरक्षा की कमियाँ स्पष्ट थीं। सुरक्षा संकेतक, रंबल स्ट्रिप, हाई मास्क लाइट, झाड़ी कटाई, अतिक्रमण हटाना, ब्लैक स्पॉट सुधार जैसे तमाम कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पूरा किया गया।
खरतोरा चौक में संकेतक चिन्ह स्थापित कर, हाई मास्क लाइट की व्यवस्था नए डीपीआर में शामिल की गई। सिरपुर घोटिया चौक टिगट्डा एवं कोदवा स्कूल के पास रंबल स्ट्रिप और संकेतक चिन्ह लगाकर वाहन चालकों को सतर्क करने की पहल कोदवा–गोड़ा मार्ग में घनी झाड़ियों की कटाई कर मोड़ पर दृश्यता बढ़ाई गई। कुसमी पुल में पहले से न लगा हजार्ड मार्क बोर्ड स्थापित कर संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश। गोड़ा मोड़ ब्लैक स्पॉट का सुधार कार्य पूरा, तीन रंबल स्ट्रिप लगे। बिनौरी, कंजी, कटगी मोड़, कसडोल–हसुवा सहित अनेक संवेदनशील स्थानों पर संकेतक चिन्ह एवं रंबल स्ट्रिप लगाए गए।
डोटोपार चौक में रंबल बोर्ड तैयार, हाई मास्क लाइट की व्यवस्था डीपीआर में शामिल। लाहोद, लवन, कटगी एवं गिधौरी में दुकानदारों द्वारा सड़क पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाकर मार्ग चौड़ा करने की कार्रवाई।
रवि कंस्ट्रक्शन–डोंगरीडीह मार्ग में स्पीड लिमिट बोर्ड एवं डेलीलेटर लगाए गए। छरछेद व सेल स्थित आत्मानंद विद्यालय के पास स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप एवं संकेतक चिन्ह सुनिश्चित कर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। बरपाली तिगड्डा में झाड़ियों की सफाई कर संकेतक चिन्हों को पुनः स्पष्ट बनाया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग 130-बी पर संचालित सभी स्कूलों के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप लगा, हाई स्पीड वाहनों पर रोकथाम मजबूत की गई।
जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
यह व्यापक सुधार अभियान जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। सड़क मार्ग पर हर वह खतरा जिसे नजरअंदाज किया जाता रहा, अब प्रशासन की सतर्कता में आ चुका है। सुधार कार्यों के बाद इन मार्गों में यातायात सुगम होगा और दुर्घटनाओं की संभावनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के हर मानक पर निरंतर निगरानी रखी जाए, और जिस स्थान पर भी खामियाँ दिखें, तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए।
रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर 04 दिनों के लिए रद्द, जेडी भी प्रभावित।
चाम्पा
, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य कुलवन्त सिंह सलूजा ने बताया है कि बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है। इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा
, मिली जानकारी के अनुसार 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है। जिसमें 68738/68737 बिलासपुर – रायगढ़ – बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक, 68736 बिलासपुर – रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर, 68735 रायगढ़ – बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर, गोंदिया – झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी।68862 झारसुगुड़ा – गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा।