*सारंगढ़ में बिना लाइसेंस चल रहे सहयोग ब्लड सेंटर पर बड़ी कार्रवाई, सामाग्री जब्त, न्यायलय में प्रस्तुत होगा मामला*
ब्यूरो चीफ -लाभो कुमार सूर्या
सारंगढ़ बिलाईगढ़ |30 जुलाई 2026 /
सारंगढ़ स्थित ‘सहयोग ब्लड सेंटर’ में बिना आवश्यक निर्माण लाइसेंस के ब्लड कंपोनेंट्स का निर्माण और बिक्री किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) मुंबई और खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायगढ़ की संयुक्त टीम ने गत बुधवार को केंद्र पर औचक छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की।
निरीक्षण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ब्लड सेंटर बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के ही संचालित हो रहा था। प्रथम दृष्टया नियमविरुद्ध गतिविधियां पाए जाने पर संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद संबंधित सामग्री और दस्तावेजों को जब्त कर लिया।
सहायक औषधि नियंत्रक के अनुसार, यह कार्रवाई ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945’ के तहत की गई है। फिलहाल जब्त रिकॉर्ड्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की गहन जांच जारी है।
जांच पूरी होते ही कोर्ट में दायर होगा केस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ मामला माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की चेतावनी: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमिता पर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों, ब्लड बैंकों और औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की जाएगी। नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।सारंगढ़ बिलाईगढ़ |30 जुलाई 2026 / सारंगढ़ स्थित ‘सहयोग ब्लड सेंटर’ में बिना आवश्यक निर्माण लाइसेंस के ब्लड कंपोनेंट्स का निर्माण और बिक्री किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) मुंबई और खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायगढ़ की संयुक्त टीम ने गत बुधवार को केंद्र पर औचक छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की।
निरीक्षण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ब्लड सेंटर बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के ही संचालित हो रहा था। प्रथम दृष्टया नियमविरुद्ध गतिविधियां पाए जाने पर संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद संबंधित सामग्री और दस्तावेजों को जब्त कर लिया।
सहायक औषधि नियंत्रक के अनुसार, यह कार्रवाई ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945’ के तहत की गई है। फिलहाल जब्त रिकॉर्ड्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की गहन जांच जारी है।
जांच पूरी होते ही कोर्ट में दायर होगा केस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ मामला माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की चेतावनी: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमिता पर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों, ब्लड बैंकों और औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की जाएगी। नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।