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कर्राकोट की कच्ची सड़क पर उठे सवाल, जांच में शिकायत निकली निराधार!

बरमकेला :- बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्राकोट में मेन रोड से मंदिर तक बनी कच्ची सड़क को लेकर उठे विवाद पर प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाते हुए मौके पर जांच की। वर्ष 2022-23 में इस सड़क निर्माण के लिए 7 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति मिली थी। कार्य के दौरान 6 लाख 62 हजार रुपये की राशि आहरित की गई, जबकि शेष 1 लाख 35 हजार रुपये वापस जमा कर दी गई। शिकायतकर्ता अजित पटेल द्वारा कार्य में अनियमितता और निर्माण नहीं होने का आरोप लगाया गया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम कर्राकोट पहुंची और स्थल निरीक्षण कर जांच शुरू की।

मजदूरों ने कहा – “काम हुआ है, भुगतान भी मिला”

जांच के दौरान मौके पर उपस्थित मजदूरों ने स्पष्ट बयान दिया कि सड़क निर्माण कार्य उन्होंने किया है और उन्हें नियमानुसार मजदूरी का भुगतान भी मिला है। मजदूर विशाखा रजनी और छोटू महंत, बुधु दास, अजय महंत ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता होने का धौंस दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया सरपंच सचिव रोजगार सहायक को। साथ ही यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि 2 लाख रुपये की मांग किया गया अजित पटेल शिकायत कर्ता के द्वारा, पर मांग पूरी नहीं होने पर आपसी द्वेषवश शिकायत की गई।
अधिकारियों ने सचिव, रोजगार सहायक एवं मजदूरों के बयान दर्ज कर पंचनामा तैयार किया। स्थल निरीक्षण में प्रथम दृष्टया किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई। जांच प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।

जांच दल में रहे ये अधिकारी मौजूद

जांच टीम में प्रभारी ई.ई. बी.के. खांडेकर, एपीओ मनरेगा एस. के. गुप्ता, पी.ओ. कमलेश मेहरा, सब इंजीनियर भुवनेश्वर पटेल एवं संगीता पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन का सख्त संदेश

कर्राकोट की इस सड़क जांच ने साफ संदेश दिया है कि प्रशासन हर शिकायत पर सजग और संवेदनशील है। विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी लगातार जारी है। लेकिन तथ्यहीन और द्वेषपूर्ण शिकायतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब देखना यह है कि अंतिम रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आता है, लेकिन फिलहाल जांच में शिकायत निराधार प्रतीत हो रही है।

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