संस्कृति

नदियों की धार और प्रकृति के कण-कण में बसते हैं राम--- डॉ. अशोक हरिवंश

छत्तीसगढ़ के डॉ. अशोक हरिवंश ने देश की राजधानी में बिखेरी आध्यात्मिक आभा, दिग्गजों की मौजूदगी में 'नदियों के राम' का विमोचन

प्रशासनिक कुशलता से आध्यात्मिक शिखर तक: डॉ. अशोक हरिवंश ने 'नदियों के राम' से देश को किया मंत्रमुग्ध

धरसींवा

छत्तीसगढ़ की पावन धरा ने समय-समय पर ऐसे मनीषियों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी मेधा और कर्मठता से राष्ट्रीय पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी कड़ी में एक प्रखर नाम डॉ. अशोक हरिवंश का उभरकर सामने आया है। कभी धरसींवा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में अपनी प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवाते हुए उसे प्रदेश का प्रथम आईएसओ प्रमाणित संस्थान बनाने वाले डॉ. हरिवंश, आज अपनी आध्यात्मिक चेतना और श्रीराम कथा के अभिनव स्वरूप से पूरे देश को चकित कर रहे हैं।

हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित  कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक भव्य गरिमामयी समारोह में डॉ.अशोक  हरिवंश ने 'नदियों के राम' विषय पर अपनी 'जल कथा' का जो प्रवाह शुरू किया, उसने उपस्थित जनसमूह को एक नए आध्यात्मिक धरातल पर खड़ा कर दिया। डॉ. हरिवंश की राम कथा पारंपरिक सीमाओं को लांघकर वैज्ञानिकता और सामाजिक सरोकारों का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। वे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन को 'वृक्ष में राम', 'पर्यावरण और राम' तथा 'नारी सम्मान' जैसे आधुनिक संदर्भों से जोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं, जो वर्तमान पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
 
'नदियों के राम' पुस्तक का विमोचन: प्रकृति और अध्यात्म के संगम का लोकार्पण,,,,

इस ऐतिहासिक अवसर पर डॉ. अशोक हरिवंश और सह-लेखिका दीप्ति पवन अग्रवाल द्वारा रचित पुस्तक 'नदियों के राम' का विमोचन भी संपन्न हुआ। दीप्ति पवन अग्रवाल वर्तमान में वित्त विभाग में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इस कृति के विमोचन के साक्षी देश के प्रख्यात विचारक के.एन. गोविंदाचार्य, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, और जल संरक्षण के पुरोधा पद्मश्री उमाशंकर पांडे जैसी विभूतियां बनीं। वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री और रामशंकर पांडे ने इस पुस्तक को वर्तमान पीढ़ी के लिए एक अनमोल निधि करार दिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. हरिवंश ने यह सिद्ध कर दिया है कि राम केवल मूर्तियों में नहीं, बल्कि प्रकृति की अविरल धाराओं और लहलहाते वृक्षों में भी जीवंत हैं।

डॉ. हरिवंश की आध्यात्मिक प्रस्तुति: केंद्रीय मंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में गूंजी 'राम' कथा

उल्लेखनीय है कि डॉ. हरिवंश पूर्व में प्रयागराज महाकुंभ की रेती पर 'किन्नर के राम' जैसी अभूतपूर्व कथा का वाचन कर पूरे राष्ट्र में चर्चा बटोर चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और आध्यात्मिक गहराई के इस दुर्लभ मेल ने उन्हें आधुनिक भारत का एक विशिष्ट सांस्कृतिक दूत बना दिया है। आयोजन में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, और सांसद कालीचरण सिंह सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। इस आयोजन ने न केवल डॉ. हरिवंश की व्यक्तिगत उपलब्धि को रेखांकित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के उस मानस को भी गौरवान्वित किया जो सदियों से 'राम' को अपने भांजे और आराध्य के रूप में पूजता आया है।

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