खुद को गृहमंत्री का पीए बताकर 25 लाख की ठगी
रायपुर
रायपुर में खुद को गृहमंत्री का निज सहायक बताकर लोगों को सरकारी नौकरी लगाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा करते और लोगों को भरोसे में लेकर उनके पैसे लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की पूछताछ में करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपए लेने की बात सामने आई है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक, आकाशवाणी सिविल लाइंस का रहने वाला बोस्टो तांडी आरक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह पुलिस लाइन के मैदान में खुद अभ्यास करने के साथ दूसरे अभ्यर्थियों को भी फिजिकल टेस्ट की तैयारी कराता था।
9 नवंबर 2025 को पुलिस लाइन के बाहर उसकी मुलाकात संतराम यादव से हुई। बातचीत के दौरान संतराम ने उसे बताया कि सिर्फ मेहनत से नौकरी मिलना मुश्किल है। उसने दावा किया कि उसकी गृह मंत्री के निज सहायक से पहचान है और वह चाहे तो अभ्यर्थी का चयन कराने में मदद कर सकते हैं।
इसके बाद संतराम ने बोस्टो की मुलाकात आदित्य मोहन पंडा से सर्किट हाउस स्थित कॉफी हाउस में कराई। शिकायत के मुताबिक, आदित्य ने खुद को गृह मंत्री का निज सहायक बताया और भरोसा दिलाने के लिए अपना पहचान पत्र भी दिखाया।
आरक्षक की नौकरी लगवाने के एवज में पहले तीन लाख रुपए मांगे गए। बातचीत के बाद रकम घटाकर दो लाख रुपए तय होने की बात शिकायत में कही गई है। आरोपियों ने यह भी कहा था कि नौकरी नहीं लगी तो पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
शिकायत के अनुसार, नौकरी नहीं लगने की बात सामने आने के बाद भी आदित्य उसे कुछ समय बाद चयन कराने का भरोसा देता रहा। जब बोस्टो ने लगातार रकम लौटाने की मांग की तो उसे 70 हजार रुपए का चेक दे दिया गया।
आरोप है कि आदित्य ने बोस्टो से कहा कि चेक तभी बैंक में लगाना, जब वह खुद इसके लिए कहे। इसके बाद भी रकम लौटाने को लेकर लगातार टालमटोल होती रही।
बोस्टो को बाद में जानकारी मिली कि आदित्य मोहन पंडा ने अन्य लोगों से भी गृह मंत्री का OSD होने का दावा करते हुए पैसे लिए हैं। जांच-पड़ताल में उसे पता चला कि आदित्य गृह मंत्रालय या गृह विभाग में किसी पद पर नहीं है।
इसके बाद बोस्टो ने 6 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइंस थाने में शिकायत की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने दूसरे लोगों से भी सरकारी नौकरी और ट्रांसफर कराने के नाम पर पैसे लिए हैं।
पुलिस ने पूछताछ के लिए आदित्य मोहन पंडा और संतराम यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपए लेने की बात स्वीकार की है।
आरोपी लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देकर पैसे लेते थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने और भी लोगों से ठगी की है। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कमल विहार का रहने वाला आदित्य मोहन पंडा (23) और देवपुरी हिमालया हाइट्स का संतराम यादव (38) शामिल है।
सिविल लाइन पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 528/2026 दर्ज किया है। आरोपियों पर BNS की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।