नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में शिक्षक को 6 साल का कठोर कारावास, पॉक्सो न्यायालय ने सुनाई सजा पुलिस की साक्ष्य आधारित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से आया फैसला
गोविंद राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार 1 नवंबर 2026
स्कूल जैसे शिक्षा और संस्कार के मंदिर में नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने के गंभीर मामले में माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने आरोपी शिक्षक को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पलारी थाना क्षेत्र के एक शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक तिलक राम वर्मा को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए यह दंडादेश पारित किया है। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 13,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बलौदाबाजार श्री गिर्जेश प्रताप सिंह ने 30 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया।
शिकायत के बाद तत्काल दर्ज हुआ था अपराध
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2025 को प्रार्थिया ने थाना पलारी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक तिलक राम वर्मा द्वारा स्कूल की नाबालिग छात्राओं के साथ अशोभनीय हरकत करते हुए उन्हें गलत नीयत से छुआ जाता था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पलारी पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 58/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(1)(बी) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 9(एफ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
गिरफ्तारी से लेकर साक्ष्य संकलन तक हुई कार्रवाई
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत दर्ज होने के दिन ही 10 फरवरी 2025 को आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। विवेचना के दौरान घटना स्थल का नक्शा तैयार किया गया तथा पीड़िताओं एवं गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िताओं के न्यायालयीन कथन कराए गए और उनकी आयु की पुष्टि के लिए विद्यालय का दाखिल-खारिज रजिस्टर भी जब्त किया गया। प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) भी जोड़ी गई।
मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सुनाई सजा
प्रकरण के विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक राजेश सेन द्वारा विवेचना पूर्ण कर 5 अप्रैल 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने महत्वपूर्ण गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों एवं विवेचना से संबंधित तथ्यों को प्रस्तुत किया। सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई।
बीएनएस 74 पाक्सो 09 एफ के तहत दोषसिद्धि,कुल 6 वर्ष का कठोर कारावास
न्यायालय द्वारा पारित दंडादेश के अनुसार आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत 9 बार दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड, कुल 4,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 9(एफ)/10 के तहत 9 बार दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक मामले में 6 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, कुल 9,000 रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है, जिसके चलते आरोपी को कुल 6 वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने इस फैसले को महिला एवं बालिका सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में त्वरित विवेचना, साक्ष्यों का संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से आरोपियों को सजा दिलाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
दोषी शिक्षक की पहचान: तिलक राम वर्मा (55 वर्ष), पिता मोतीलाल वर्मा, निवासी ग्राम सरसेनी, थाना सुहेला, वर्तमान निवास बघेल कॉलोनी, पलारी।