क्राइम

पत्थर खदान में डूबे 22 वर्षीय युवक का शव दूसरे दिन बरामद, 30 फीट गहरे पानी में SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

बेरला के चंडीभाठा में नहाने के दौरान हुआ हादसा, ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मिली सफलता

विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई

दुर्ग/बेरला, 10 अगस्त 2026। जिले के बेरला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंडीभाठा स्थित पत्थर खदान में नहाने के दौरान डूबे 22 वर्षीय युवक हर्ष दास का शव एसडीआरएफ दुर्ग की टीम ने दूसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बरामद कर लिया। करीब 30 फीट गहरे पानी में डीप डाइविंग कर एसडीआरएफ जवानों ने शव को बाहर निकाला और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

चार दोस्तों के साथ खदान पहुंचा था युवक

जानकारी के अनुसार घटना 9 अगस्त की शाम करीब 6 बजे की है। चार दोस्त चंडीभाठा स्थित पत्थर खदान पहुंचे थे। इसी दौरान नहाते समय हर्ष दास, पिता गोपाल दास (22 वर्ष), निवासी भानपुरी, रायपुर गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर युवक की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद कंट्रोल रूम दुर्ग के माध्यम से एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई।

सुबह 5:30 बजे घटनास्थल पहुंची SDRF टीम

कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी दिनेश कुमार रावटे के निर्देश पर एसडीआरएफ दुर्ग की टीम 10 अगस्त की सुबह करीब 5:30 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचते ही जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

30 फीट गहराई में डीप डाइविंग, 8:15 बजे मिला शव

लगातार तलाश के बाद करीब सुबह 8:15 बजे टीम को सफलता मिली। डीप डाइविंग एक्सपर्ट राजकुमार यादव और चंद्रप्रताप जंघेल ने लगभग 30 फीट गहरे पानी में उतरकर युवक के शव को खोज निकाला।

शव बरामद करने के बाद उसे आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

धनीराम यादव के नेतृत्व में चला रेस्क्यू

रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभारी धनीराम यादव के नेतृत्व में टीम ने अभियान चलाया। इसमें चंद्रप्रताप, राजकुमार यादव, राजेश नेताम, रमेश रात्रे, भूपेंद्र सिंह, कुंजेश कुमार, भानुप्रताप, सूरज भांडेकर, ओंकार और शारदा प्रसाद शामिल रहे।

एसडीआरएफ टीम की तत्परता और डीप डाइविंग विशेषज्ञों के प्रयास से करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव गहरे पानी से बाहर निकाला जा सका। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

गहरे जलस्रोतों से सावधानी बरतने की जरूरत

बारिश के मौसम में पत्थर खदानों में पानी की गहराई और बहाव का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसे स्थानों पर नहाना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों से अपील है कि खदानों, नदी-नालों और अन्य गहरे जलस्रोतों में उतरने से बचें तथा सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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