रावाभाठा विस्फोटक कांड का खुलासा: आत्मघाती मंसूबे से तैयार किया था आईडी जैसा सिस्टम
रायपुर । राजधानी रायपुर के रावाभाठा और बीरगांव इलाके में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से फैले सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी विनय कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में जिस मामले को संभावित बड़ी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा था, उसमें अब आत्मघाती मंशा की बात सामने आई है।
दरअसल, 7 मई को खमतराई थाना क्षेत्र अंतर्गत फुलवारी चौक वार्ड क्रमांक-13 स्थित एक निर्माणाधीन मकान में संदिग्ध बैग मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मकान मालिक महिला पुष्पा साहू ने बैग को संदिग्ध देखते हुए इसकी जानकारी वार्ड पार्षद को दी, जिसके बाद सूचना पुलिस तक पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बैग की जांच की तो उसके भीतर वायर, बैटरी, एयर पिस्टल, कैमिकल से भरी बोतलें, डेटोनेटरनुमा सामग्री और आईईडी मैकेनिजम जैसे उपकरण बरामद हुए।
सामग्री मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस), फॉरेंसिक एक्सपर्ट, साइबर टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर जांच की मॉनिटरिंग की थी।
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें विनय कुमार देवांगन का नाम सामने आया। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव में था तथा खुद को उड़ाने की नीयत से विस्फोटक सामग्री इकट्ठा कर IED जैसा सिस्टम तैयार कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक बरामद सामग्री को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर जब्त कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने विस्फोटक सामग्री कहां से जुटाई तथा क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
घटना के बाद इलाके में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी आतंकी या संगठित साजिश के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।