जिला
100 एकड़ वन भूमि को कराया गया कब्जा मुक्त
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में वन भूमि अतिक्रमण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में वन मण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में वन क्षेत्र क्रमांक पी 923 के ग्राम सेमरवा निवासी सुधु, राजकुमार गुठल, शनिचर, रामऔतार, नान्हु, बुधन एवं गुलाबचन्द के निर्माणाधीन मकान को वन अधिनियम 1972 की धारा 80(ए) के तहत 100 एकड़ रकबा से बेदखल किया गया। साथ ही ग्राम सेमरवा के ही सुदामा, राजमोहन, ईश्वर एवं बलराम को बेदखली कार्यवाही के लिए नोटिस भी जारी किया गया है।
वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी आमजनों से वन भूमि में अतिक्रमण नहीं करने की अपील की है।
इस दौरान उप वनमंडलाधिकारी, प्रशिक्षु ए.सी.एफ. वन परिक्षेत्र धमनी, थाना प्रभारी सनावल, तहसीलदार रामचन्द्रपुर एवं वन एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी सहित सरपंच एवं पंच उपस्थित रहे।
शासकीय कार्यालय परिसर से ही निकल रही हैं ओवरलोड पिकअप वाहन , जिम्मेदार कौन? नियमों को ताक पर रखकर निकलती है ओवरलोड तेंदूपत्ता पिकअप
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर/शंकरगढ़
वन संपदा से समृद्ध शंकरगढ़ क्षेत्र में वनोपज संग्रहण का कार्य तेज़ी से चल रहा है। इसी क्रम में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मर्यादित, शंकरगढ़ के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण और परिवहन कार्य किया जा रहा है। लेकिन चिंता की बात यह है कि इस कार्यालय के संचालन में नियमों को खुलकर दरकिनार किया जा रहा है। समिति से नियमित रूप से ओवरलोड पिकअप वाहन तेंदूपत्ता लेकर निकलते देखे जा सकते हैं, जो न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मजदूरों व राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ शासकीय कार्यालय के सामने हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
किसकी अनुमति से खड़ी हैं ओवरलोड वाहन ?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शासकीय कार्यालय परिसर में ही ओवरलोड पिकअप खड़ी हैं, जिसमें तेंदूपत्ता लोड है।और न तो कोई मना करता है, न कोई निरीक्षण होता है। प्रबंधक से पूछने पर उसने बताया कि ये तेंदूपत्ता मनोहरपुर से लोड कर के कार्यालय में खड़ा किया गया है। कार्यालय से मनोहरपुर की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। बड़ा सवाल यह है कि इस बीच रास्ते में कोई अप्रिय घटना घटित हुई होती तो इसका जिम्मेदार कौन होता ? बड़ा सवाल बनकर खड़ा है कि क्या इन वाहनों को विभागीय परमिशन मिली है, या फिर यह अंदरूनी मिलीभगत का परिणाम है?
क्या कहता है नियम?
वनोपज परिवहन के लिए शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। तेंदूपत्ता का परिवहन निर्धारित मात्रा और मानकों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। पत्तों को समुचित रूप से बंडल में पैक कर, वजन के अनुसार पिकअप या ट्रक में लोड किया जाना चाहिए। भारतीय मोटरयान अधिनियम के तहत किसी भी वाहन को उसकी निर्धारित लोडिंग क्षमता से अधिक माल ले जाने की अनुमति नहीं है।
तेंदूपत्ता का किसी भी प्रकार का परिवहन बिना परिवहन अनुज्ञा-पत्र (Transport Permit) के अवैध है। परमिट संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी या समिति द्वारा जारी किया जाता है। पत्तों का ट्रक/पिकअप में ओवरलोडिंग (अधिक बोरा लादना) वर्जित है। वाहन पर फड़ और समिति का नाम, बोरा संख्या अंकित रहना आवश्यक है। परिवहन के दौरान 2% बोरे जांच के लिए खोले जाते हैं। वजन, गुणवत्ता और बोरे की संख्या की पुष्टि की जाती है।
नियमों की खुलेआम अवहेलना
शंकरगढ़ समिति के जिम्मेदारों की अनदेखी और स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते पिकअप वाहन क्षमता से कई गुना अधिक तेंदूपत्ता लादकर बाहर निकलने को कार्यालय परिसर में खड़ी थी। तेंदूपत्ते के बंडल बोरी में भरकर गाड़ी की ऊँचाई से भी ऊपर तक लदे हुए थे, जिससे न तो चालक को ठीक से देख पाने की सुविधा मिलती है और न ही संतुलन बना रह पाता है। कई बार ऐसे वाहन अचानक रुक जाते हैं या पलट जाते हैं जिससे दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।अक्सर देखा गया है कि इन पिकअप गाड़ियों के ऊपर श्रमिक भी बैठे होते हैं, जो कि सीधे उनकी जान से खिलवाड़ है। एक छोटी सी चूक या झटका किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
ओवरलोडिंग पाए जाने पर माल जब्त, चालक और समिति पर कार्रवाई और वन अपराध पंजीबद्ध किया जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और समिति प्रबंधन इस गंभीर उल्लंघन पर कब तक मौन साधे रहता है या कानूनी कार्रवाई करता है। क्योंकि यदि इस पर शीघ्र रोक नहीं लगी, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रिपेयरिंग के नाम पर गड्ढों में भरी जा रही मिट्टी, क्रेशर डस्ट और गिट्टी
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर / राजपुर
एनएच 343 का खस्ताहाल हालत जग जाहिर है।बड़े बड़े गड्ढों और धूल से अंबिकापुर से पस्ता और बलरामपुर से रामानुजगंज तक जर्जर सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। अंबिकापुर से पस्ता महान नदी तक सड़क बड़े बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कई लोंगो की मौत हो चुकी है। काफी जोर आजमाइश और मशक्कत के बाद एन एच विभाग जागा भी तो सिर्फ खानापूर्ति करने लगे। विभाग के द्वारा आगामी बरसात की तैयारी ऐसी है कि सड़कों के बड़े बड़े गड्ढों पर मिट्टी और क्रेशर डस्ट और गिट्टी डाल दिया गया जो पहली ही बारिश में धूल जायेगी। गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।
मिट्टी और क्रेशर डस्ट गिट्टी से भरे गड्ढे, पहली बारिश में ही धूल जायेगी
एनएच विभाग द्वारा सड़कों की मरम्मत और राहत कार्य के तहत किए गए कार्यों पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी, क्रशर डस्ट और गिट्टी का प्रयोग तो कर लिया, लेकिन गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह खानापूर्ति मात्र है, क्योंकि यह अस्थायी उपाय पहली ही बारिश में बह जाएगा। इससे जहां सड़कें फिर से खराब हो जाएंगी, वहीं उड़ती धूल के कारण दोपहिया चालकों और पैदल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।दोपहिया चालकों ने बताया कि दिन के समय तेज धूप में धूल का गुबार आंखों में जाता है और बारिश में सड़क फिसलनभरी हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं कुछ लोगों ने विभाग की इस कार्यप्रणाली को 'कागजी मरम्मत' बताया है।
गागर और गेउर नदी पुलिया जर्जर, नहीं है रेलिंग, कभी भी घट सकती है अप्रिय घटना
गागर और गेउर नदी का पुलिया काफी पुराना और जर्जर हो चुका हैं, बड़े बड़े गड्ढों से अवागमन तो मुश्किल हुआ ही है साथ ही पुलिया में रेलिंग आधी टूट पड़ी है, रेलिंग नहीं होने के कारण कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। एक तो बड़े बड़े गड्ढे ऊपर से धुल और अंधेरे से दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को प्रतिदिन जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ रहा है।
अंबिकापुर शंकरघाट से पस्ता और बलरामपुर से रामानुजगंज तक सड़क हुआ गड्ढों में तब्दील
अंबिकापुर शंकरघाट से पस्ता, बलरामपुर से रामानुजगंज तक, राजपुर गेउर नदी किनारे, झींगों से भेड़ाघाट, परसागुड़ी, परसा से शंकरघाट तक सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। वाहनों के चक्के गड्ढे में घुस रहे है जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है साथ ही वाहनों में भी टूट फूट के कारण नुकसान हो रहा है। इसके जिम्मेदार कौन हैं प्रशासन या एनएच विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शांत बैठ मौत के आंकड़े गिन रहे है।
अंबिकापुर से रामानुजंगज तक सड़क पर मंत्री, विधायक, अफसर व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी महंगे लक्जरी गाड़ियों में चलते है इसलिए उन्हें जर्क का एहसास नहीं होता। बारिश होने के कारण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। एनएच 343 अंबिकापुर रामानुजगंज नाका से रामाजुनगंज तक पेंच रिपेयरिंग कार्य ठेकेदारों के द्वारा निम्नस्तर का कराया गया था। पेंच रिपेयरिंग सड़क बनते के साथ उखंडना चालू हो गया था आज सड़क बड़े-बड़े गड्डों में तब्दील हो गई है।
राजपुर एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर ने बात करते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के द्वारा अस्थाई व्यवस्था कराई जा रही है जहां पर सड़क चलने योग्य नहीं है वहां पर प्राथमिक स्तर पर गड्ढों को भरने का कार्य किया जा रहा है। आगामी 2 वर्षों के अंदर अंबिकापुर से रामानुजगंज तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा करना है, निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
स्कूल बसों की फिटनेस जांच सराहनी, पर कौन से चार बिंदु जांच मे छोड़ दिए ?
चाम्पा,
शासन के निर्देशनुसार सभी स्कूलों के वाहनों के फिटनेस सभी जिलों में की जा रही है, जिसमे नियमानुसार 1994 के नियम 114 के खंड (1-A) के अनुसार पूरी तरह पीले रंग से रंगा जाना चाहिए और आगे-पीछे “स्कूल बस” स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
2. खिड़कियों में क्षैतिज रॉड
बस की सभी खिड़कियों पर क्षैतिज (Horizontal) सुरक्षा रॉड लगे होने चाहिए।
3. प्राथमिक उपचार पेटी
हर स्कूल बस में प्राथमिक उपचार पेटी (First Aid Box) होना अनिवार्य है।
4. प्रशिक्षित परिचारक (अटेंडेंट)
वाहन में एक ऐसा परिचारक होना चाहिए जो बच्चों की सुरक्षा हेतु प्रशिक्षित हो, विशेष रूप से छोटे बच्चों को चढ़ाने-उतारने में मदद करने हेतु।
5. वाहन का संचालन प्रशिक्षित चालक द्वारा
चालक के पास वैध भारी मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस हो और कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
6. स्कूल से निर्धारित बस स्टॉप के बाहर बच्चे नहीं उतारने की शपथ
चालक कोई भी बच्चा रास्ते में कहीं नहीं उतारेगा, केवल निर्धारित स्थान पर ही उतारेगा।
7. बस का स्पीड गवर्नर चालू हो
वाहन की गति सीमित करने हेतु स्पीड गवर्नर कार्यशील होना चाहिए, जिसकी सीमा निर्धारित है।
8. सीट बेल्ट (यदि सीटें हों)
यदि वाहन में सीट बेल्ट लगी हो, तो उनका उपयोग अनिवार्य है।
9. वाहन के आगे और पीछे स्कूल नाम स्पष्ट लिखा हो
स्कूल बस पर स्कूल का नाम व सम्पर्क क्रमांक स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए।
10. डोर लॉकिंग सिस्टम
बस के दरवाजे पर विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम होना चाहिए जिससे दरवाजे स्वतः न खुलें।
11. सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम (यदि संभव हो)
सुरक्षा के लिए CCTV और GPS सिस्टम लगवाने की सिफारिश की गई है।
12. प्रेशर हॉर्न निषेध
बसों में प्रेशर हॉर्न नहीं लगे होंगे। यदि पाए जाते हैं तो उन्हें हटाया जाना अनिवार्य है।
13. वाहन की स्वच्छता और सफाई
बस को रोज़ साफ़ और सैनिटाइज किया जाना चाहिए। फर्श और सीटें साफ हों।
14. मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56 अनुसार फिटनेस प्रमाण पत्र
सभी स्कूल बसों के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
15. प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC)
सभी बसों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र होना चाहिए।
16. 12 वर्ष से अधिक पुराने वाहन नहीं चलेंगे
कोई भी स्कूल वाहन 12 साल से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। सभी जिलों में शासन के निर्देशनुसार सभी पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए ।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की हुई समीक्षा -स्वीकृत समस्त आवासों को अविलंब पूरा करने के कलेक्टर ने दिये निर्देश __________
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
सूरजपुर 07 जून 2025
/कलेक्टर श्री एस जयवर्धन द्वारा आज पीएम आवास योजना ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा की। इसमें मुख्य रूप से वित्तीय वर्ष 2024-25 के स्वीकृत समस्त आवासों को अविलंब पूरा करने हेतु निर्देशित किया गया है। स्वीकृति के लिए शेष बचे आवासों को जल्द स्वीकृति का कार्य पूर्ण करते हुए, कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2016- 23 तक के आवासों में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। इसमें विगत 2016-23 तक के कुल 37568 स्वीकृत आवासों में से 35715 (95%) आवास पूर्ण हो चुके है। इसी क्रम में विगत 8 माह पहले स्वीकृत हुए 31435 आवासों में से 8408 (27%) पूर्ण कर लिए गए है शेष प्रगतिरत है। किसी भी हितग्राही का राशि कार्य पूर्ण करने के बाद लंबित न रहे। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित जनपद से जिम्मेदारी तय की जावेगी। चाहे सचिव हो, ग्राम रोजगार सहायक हो, आवास मित्र हो, ऑपरेटर हो, तकनीकी सहायक हो, विकासखंड समन्वयक हो, कार्यक्रम अधिकारी हो या जनपद पंचायत सीईओ हो अपने अपने कार्य पूरे ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करिए अगर पीएम आवास में एक भी शिकायत बिना कारण के लंबित पाया जाता है तो सीधे कार्यवाही होगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत् स्वीकृति 633 आवासहीन परिवारों में से 87 परिवारों ने आवास पूर्ण कर लिए है। पीएम आवास के तहत् अभिसरण से मिलने वाले 90 मानव दिवस की मजदूरी भुगतान को समय पर जारी करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के स्वीकृत कार्यों पर फोकस कर पूर्ण करने पर ध्यान दीजिए। जनपद पंचायत सूरजपुर में आरसेटी के माध्यम से मेसन प्रशिक्षण देने का कार्य जारी है जिसे सीईओ जनपद पंचायत स्वयं मॉनिटर करें और इसका लाभ बड़े लक्ष्य वाले ग्राम पंचायतों में मेसन की कमी के रूप में लेवे। इसके अतिरिक्त आवास प्लस 2.0 के माध्यम से हुए सर्वे का दो मोड था एक सेल्फ सर्वे एवं एक असिस्ट सर्वे या प्रगणक द्वारा किया गया सर्वे। वर्तमान में सेल्फ सर्वे का सत्यापन प्रगणक द्वारा किया जा रहा है।
इस सत्यापन पश्चात असिस्ट सर्वे के सत्यापन का कार्य जनपद स्तरीय अधिकारी को चेकर बनाकर कराया जाना है। जिसकी उन्हें विस्तृत प्रशिक्षण दी गई है। ज्ञात हो कि जिले में सेल्फ सर्वे एवं असिस्ट सर्वे मिलाकर कुल 1,39,408 परिवारों का सर्वे किया जा चुका है। सभी फील्ड स्टाफ के अमले को शासन के निर्देशों का पालन करने के सम्बन्ध में आदेशित किया गया। हितग्राहियों को योजना की समस्त जानकारी देना, स्वयं के व्यय से आवास में रैन वाटर हार्वेस्टिंग का स्ट्रक्चर तैयार कराने के लिए प्रेरित करना, प्रत्येक आवास में एक फलदार वृक्ष लगाने के प्रति प्रोत्साहित करने जैसे अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया गया। सभी पीएम आवास के काम को गंभीरता पूर्वक करें, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समस्त, एसडीओ आरईएस, पीएम आवास एवं मनरेगा की जिले व जनपद की पूरी टीम उपस्थित रही।
युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था सकारात्मक सुधार की ओर दूर हुई शिक्षक अभाव की समस्या, मिलेगा समग्र विकास का अवसर शालाओ में छात्र और शिक्षक अनुपात हुआ बेहतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में आएगा सुधार
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने के सकारात्मक पहल किए जा रहे है युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षा कार्य प्रणाली में शैक्षिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इस पहल के अंतर्गत बलरामपुर रामानुजगंज जिले के एकल शिक्षकीय विद्यालयों में वर्षों बाद अब बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलेगी।
जिले के लगभग 311 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय बीते लगभग डेढ़-दो दशकों से केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा था। एक ही शिक्षक को सभी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी, प्रशासनिक दायित्वों के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का उत्तरदायित्व निभाना पड़ता था, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी।अब युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत छात्र और शिक्षक अनुपात बेहतर करते हुए अतिशेष शिक्षक के रूप में विद्यालय में पदस्थ किया गया है। इससे शिक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर सकारात्मक सुधार होगी। पहले एकमात्र शिक्षक का पूरा समय केवल पढ़ाने में ही व्यतीत हो जाता था, जिससे अन्य गतिविधियों पर ध्यान देना संभव नहीं हो पाता था।
अब अतिशेष शिक्षक की नियुक्ति से विभिन्न संकायों खेल, कला, विज्ञान, पुस्तकालय संचालन जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अब नियुक्त शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। जिससे प्रत्येक शिक्षक को पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण कराने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान भी दे सकेंगे। विशेषकर कमजोर छात्रों को अतिरिक्त सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलेगा।
मनरेगा रोजगार दिवस पर जल संवर्धन के लिए किया गया प्रेरित पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की गई अपील
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर
कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत वाड्रफनगर के विभिन्न ग्राम पंचायत में मनरेगा रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मनरेगा के प्रावधानों तथा समयबद्व मजदूरी भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण तथा जल संरक्षण से संबंधित अधिक से अधिक कार्यों को योजना में शामिल करने और उसके क्रियान्वयन पर समझ विकसित करना था।
साथ ही साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्तमान में व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे मोर गांव मोर पानी महाअभियान अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रचार प्रसार तथा आगामी बारिश के मौसम में अधिक से अधिक जल संरक्षण तथा पौधारोपण करने हेतु ग्रामीण श्रमिकों को जानकारी देकर प्रेरित किया गया। रोजगार दिवस के संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी निजामुद्दीन ने बताया कि वर्तमान में जनपद पंचायत अंतर्गत सभी ग्रामों में जल संरक्षण से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं
तथा आगामी बारिश में अधिक से अधिक पौधारोपण किए जाने हेतु अपील भी किया जा रहा है ताकि भविष्य के लिए जल का संरक्षण किया जा सके और वृक्षारोपण से पर्यावरण का संतुलन बना रहे।
*भाजपा का प्रेस कांफ्रेंस रविवार को ।
जांजगीर-चांपा
भाजपा कार्यालय जांजगीर मे रविवार दिनांक 8/6/25 को शाम 4:30 बजे भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वरिष्ठ नेता बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक जी मुख्य वक्ता के रूप मे उपस्थित रहेंगे कार्यक्रम मे सासंद कमलेश जांगड़े खनिज विकास निगम के अध्यक्ष *सौरभ सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े संकल्प से सिद्धी कार्यक्रम के जिला संयोजक प्रशांत सिंह ठाकुर पूर्व सांसद कमला पाटले विशेष रूप से उपस्थित होकर मीडिया को सम्बोधित रहेंगे आप की उपस्थिति प्रार्थनीय है
केन्द्र की मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेशभर में 9 जून से 'संकल्प से सिद्धि' अभियान चलायेगी। इसी कड़ी में कई कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 9 जून से 21 जून तक यह अभियान चलेगा। यह अभियान 'विकसित भारत का अमृत काल एवं सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 11 साल' पर पर केंद्रित होगा।की मौजूदगी में तीन जून को बीजेपी जिला कार्यालय एकात्म परिसर में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जायेगी कार्यक्रम के जिला सहसंयोजक नंदनी रजवाड़े नंद चौधरी संतोष लहरे ने उक्ताशय की जानकारी दी
ईद-उल-अजहा के अवसर पर खरसिया मुस्लिम समुदाय ने नमाज अदा की नमाज अदा करने के बाद शेख अल्ताफ द्वारा सलाम पड़ी गई
आज पूरे देश में बकरीद का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है.खरसिया के मुस्लिम समुदाय ने आज ईदगाह में बकरीद की नमाज अदा की बकरीद को ईद-उल-अजहा, ईद उल जुहा के नाम से जाना जाता है. यह त्योहार त्याग और इंसानियत का प्रतीक माना जाता है. इस्लाम धर्म में इसे कुर्बानी का त्योहार’ भी कहा जाता है.
इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, हर साल की ईद की तारीख चांद की स्थिति पर आधारित होती है. ज़ुलहिज्जा की 10वीं तारीख को ईद-उल-अजहा मनाई जाती है, जो कि रमजान खत्म के 70 दिन बाद आता है आज खरसिया मुस्लिम समुदाय ने बकरीद की नमाज अदा की फिर एक दूसरे से गले मिलकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया
विश्व पर्यावरण दिवस पर एन एचआर सी सी बी छत्तीसगढ़ टीम द्वारा कई आयोजन
जांजगीर चाम्पा
प्रति वर्ष की तरह इस बार भी विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के छत्तीसगढ़ टीम में कई जिला एवं ब्लाक स्तर पर कई गतिविधियों का प्रदर्शन हुआ । इस अवसर पर रायगढ़ टीम द्वारा कई जगहों पर पौधे लगाये गए । तमनार टीम द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम हुआ ।जशपुर जिले में भी प्रसाशनिक अधिकारिओ के साथ पौधे लगाये गए। सारंगढ़ बिलाईगढ़ टीम द्वारा पौधे लगाये गए। जांजगीर चाम्पा में पर्यावरण दिवस पर मुख्य मार्ग पर शिविर लगाया गया
जिसमे पर्यावरण दिवस हेतु फलदार पौधे का देखभाल के साथ लगाने वाले को वितरण किया गया साथ ही म्यूजिक सिस्टम द्वारा जागरूकता गीत लगाया गया। इसी अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमे जागरूकता पर्चे घर घर दुकानों में जाकर वितरण किये गए जिससे आज कल होने वाले फ्रॉड से बचा जा सके। साथ आपरेशन सिंदूर की सफलता हेतु बधाई दी गयी । इस अवसर पर प्रदेश पदाधिकारी संभाग पदाधिकारी जिला एवं ब्लाक पदादिकारी सदस्य एवं वालेंटियर उपस्थित थे इस अवसर पर प्रदेश सरंक्षक श्री दिलीप साहू द्वारा शासकीय स्कूल में एक पौधा माँ के नाम पर लगाते इस वर्ष 2000 पौधे पुरे देखभाल के साथ लगाने का संकल्प लिया । इस अवसर पर एन एच आर सी सी बी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ जतिंदरपाल सिंह ने टीम के द्वारा जिनके द्वरा गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया उनके कार्यो की सराहना करते हुए कहा की इस कार्य को निरंतर रखते जागरूक करने का प्रयास करते रहें ।
*मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा नैला-जांजगीर के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पेड़,,
जांजगीर चांपा
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष पर मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जोन-4 अमर सुल्तानिया के मार्गदर्शन एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत गांधी के निर्देशानुसार उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष आकाश सिंघानिया एवं जागृति शाखा की अध्यक्ष श्रीमती पूनम अग्रवाल के नेतृत्व मे विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष पर अग्रसेन भवन नैला जांजगीर के पीछे गार्डन में 11 पेड़ लगाए गए जिन में प्रमुख रूप से आम जामुन अमरूद नींबू आवला के पेड़ प्रमुख थे उक्त कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जोन 4 अमर सुल्तानिया ने कियाअमर सुल्तानिया ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा द्वारा आज के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसके अंतर्गत शाम 5:00 बजे अग्रेशन भवन के पीछे स्थित गार्डन में पेड़ लगाया गया मैं चाहूंगा कि दोनों शाखा मिलकर इस प्रकार जनहित के कार्य को हमेशा करते रहें आज वर्तमान समय में पर्यावरण को बचाने की दृष्टिकोण से पेड़ लगाना बहुत ही अनिवार्य है हमारी दोनों शाखा का कार्यक्रम लगातार चल रहा है जो सभी को प्रेरणा प्रदान करता है
*शाखा की अध्यक्ष श्रीमती पूनम अग्रवाल ने कहा कि हमारी शाखा द्वारा लगातार ऐसे जनहित कार्य किया जा रहा है जो समाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है इसी के तहत हमारे द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर पेड़ लगाने का आयोजन पुरुष एवं महिला दोनों शाखा द्वारा किया गया था उक्त कार्यक्रम में भाग लेकर दोनों शाखा के सदस्य बहुत उत्साहितहुए एवं पेड़ लगाने में सहयोग किया उसके साथ-साथ सदस्यों ने शाखा का धन्यवाद दिया मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष आकाश सिंघानिया एवं जागृति शाखा की अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि आपने अपना कीमती समय निकालकर शाखा के द्वारा कराए जा रहे आयोजन पर अपना समय दिया इसके लिए दोनों शाखा आपका धन्यवाद ज्ञापित करती है जागृति शाखा की अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने दोनों शाखा के समस्त सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया
मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे
उक्त कार्यक्रम में मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मारवाड़ी युवा मंच से प्रांतीय सदस्य विक्रांत अग्रवाल अध्यक्ष आकाश सिंघानिया सचिव नवदीप गुप्ता निकुंज अग्रवाल आकाश अग्रवाल उपस्थित रहे इसी प्रकार जागृति शाखा से राष्ट्रीय सदस्य श्रीमती प्रियंका मोदी प्रांतीय निर्देशक श्रीमती सुनीता मोदी नारी चेतना संयोजक श्रीमती शिखा अग्रवाल अध्यक्ष श्रीमती पूनम अग्रवाल, सचिव श्रीमती मनीषा अग्रवाल कोषाध्यक्षश्रीमती पूनम जगनी श्रीमती कल्याणी भोपालपुरिया श्रीमती पिंकी शर्मा श्रीमती खुशबू शर्मा श्रीमती सरिता शर्मा श्रीमती संतोष अग्रवाल श्रीमती सपना झाझडिया श्रीमती गायत्री मित्तल श्रीमती अनिता बंसल सहित सदस्यगण उपस्थित रहे।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत दो पालियों में शिविरों का किया गया आयोजन
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर
संवाददाता सुरज निर्मलकर
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन दो पालियों में किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और नवीन तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा।
पूर्वांह में तीन स्थानों पर लगे शिविर
प्रातःकालीन सत्र में जगरन्नाथपुर, बड़सरा और छिन्दिया में शिविर आयोजित किए गए। जगरन्नाथपुर शिविर में जगरन्नाथपुर, दलदली, गणेशपुर, मदननगर, पम्पापुर, धरमपुर, मानपुर, माडीडांड और केरता ग्रामों के कृषक शामिल हुए। बड़सरा शिविर में बड़सरा, बस्कर, करौंदामुडा, तरका, खाड़ापारा ग्रामों के किसान पहुंचे और छिन्दिया शिविर में छिन्दिया, पवनपुर, जगतपुर, मदनपुर, गोकुलपुर, रामेश्वरम ग्रामों के कृषक शामिल हुए।
अपरांह में आयोजित हुए तीन और शिविर
दोपहर के सत्र में कोटेया, केवरा और गणेशपुर में शिविर लगाए गए। कोटेया शिविर में कोटेया, गौरा, पलढ़ा, भरदा, सिंघरा और बगड़ा के किसान उपस्थित रहे। केवरा शिविर में केवरा, दनौली और खुर्द ग्राम शामिल थे। गणेशपुर शिविर में गणेशपुर, पंचवटी, रामतिर्थ, हुनमानगढ़, अर्जुनपुर, परेमश्वरपुर और बरबपुर ग्रामों के किसान पहुंचे।
इन शिविरों में विभागीय विशेषज्ञों से मिली महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिक, कृषि सखी, कृषक मित्र, पशु सखी तथा प्रगतिशील कृषकों ने किसानों को मार्गदर्शन दिया। किसानों को मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती, फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक और जैविक खेती, उन्नत बीज और कृषि यंत्रों का उपयोग, जल संरक्षण, मूल्य संवर्धन, पशुपालन और उद्यानिकी से जुड़ी अत्यंत उपयोगी जानकारी दी गई।
एक पेड़ ''माँ के नाम '.....
चांपा
थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता ने नशा मुक्ति के संबंध में महिलाओं को दी विस्तृत जानकारी l
और कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री व सेवन कर शांति भंग करता है तो तत्काल मोबाइल के माध्यम से जानकारी या व्हाट्सएप करें जिस पर पुलिस तत्काल पहुंचकर कार्यवाही करेगी l सूचना या शिकायत कर्ता का नाम कोई भी व्यक्ति किसी भी हालत में नहीं जान पाये,
''वहीं एक पेड़ ''
''माँ के नाम ''
और विश्व पर्यावरण दिवस को समर्पित करते हुए सभी महिलाओं द्वारा एक पौधा चांपा थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता व टीम को उपहार स्वरूप सप्रेम भेट कर ''एक पेड़ माँ के नाम '' को चरितार्थ किया गया l
जांजगीर-चांपा जिले के नए एसपी विजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने "नशा मुक्त हमर द्वार, हमर गांव, हमर राज छत्तीसगढ़" अभियान को नई गति दी है। इसी कड़ी में चांपा थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर नशामुक्ति की दिशा में ठोस पहल की है। विशेष रूप से महिला कमांडो फोर्स की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ग्रामीणों का सहयोग और जागरूकता
चांपा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमंदा, बालपुर और कुरदा में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। ग्राम कुरदा की माताओं और बहनों ने नशाखोरी के खिलाफ पुलिस की मुहिम का समर्थन करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने का आश्वासन दिया। महिलाओं ने इस अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया, क्योंकि नशा न केवल युवाओं को बर्बाद कर रहा है, बल्कि परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित कर रहा है।
महिला कमांडो फोर्स की भूमिका
इस अभियान में महिला कमांडो फोर्स ने ग्रामीण महिलाओं के बीच जाकर नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाई। उन्होंने बताया कि नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकता है। महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने परिवार और समाज में नशे के विरुद्ध आवाज उठाएँ और पुलिस को सूचित करें। इससे नशा तस्करी और उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
थाना प्रभारियों की सक्रियता
नए एसपी के निर्देशन में जिले के सभी थाना प्रभारी नशामुक्ति अभियान में तेजी से जुट गए हैं। चांपा थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता ने गाँव-गाँव में बैठकें आयोजित कर नशा मुक्ति को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दें, ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
महिला कमांडो फोर्स और पुलिस की साझा पहल से छत्तीसगढ़ के गाँवों में नशामुक्ति की लहर तेज हो रही है। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का सहयोग इस अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रयास न केवल नशे की जड़ें कमजोर करेगा, बल्कि समाज को सशक्त और स्वस्थ बनाने में भी मदद करेगा।
सीधे सीधे 45 हजार शिक्षक पदों को खत्म किया जाये पूर्व मंत्री ने युक्तियुक्तकरण को बताया सबसे बड़ा फ़रेब..खत्म हो जाएंगे इतने रोजगार…जिला अध्यक्ष ने कहा 3 चरणों में करेंगे आंदोलन
बिलासपुर/चाम्पा
पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाला ने सरकार पर शिक्षको और शिक्षक जगत के साथ फरेब किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होने दावा किया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों का एक तिहाई पद खत्म हो जाएँगे। दरअसल अमीर बनने के लिए सरकार शिक्षकों और बेरोजगारों की पेट काट रही है। रमन सरकार ने भी प्रदेश में 12000 से अधिक पदों को खत्म किया था। वर्तमान सरकार 45000 शिक्षकों का पद खत्म करने जा रही है। यह बातें जय सिंह अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने सवाल जवाब के दौरान बताया कि कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए तैयार है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने तीन चरणों में आंदोलन की रूपरेखा भी पेश किया।
पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने वर्तमान भाजपा सरकार पर बेरोजगारों और शिक्षकों के साथ शिक्षा जगत से जुड़े कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पत्रकार वार्ता में जयसिंह अग्रवाल ने सीधे सीधे भाजपा सरकार पर युवा और शिक्षक जगत के साथ फरेब करने का आरोप लगाया।
जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि युक्तियुक्त करण के साथ ही 10463 स्कूल बन्द हो जाएंगे। सीधे सीधे 45 हजार पद भी समाप्त हो जाएंगे। जय सिंह ने बताया कि रमन सरकार ने भी 3300 से अधिक स्कूलों को बंद किया था। इस दौरान 12000 से अधिक शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा.
आंकड़ों को बिगाड़ने की तैयारी
जय सिंह ने बताया कि सरकार गलत आंकड़ा पेश कर रही है। इस छत्तीसगढ़ में प्राइमरी स्कूलों में 21 छात्रो के बीच एक शिक्षक है। सरकार इसे बढाकर 30 छात्र प्रति शिक्षक करना चाहती है। इसी तरह मीडिल स्कूलों में 26 छात्र से बढ़ाकर 35 छात्र पर एक शिक्षक को सरकार रखना चाहती है। मतबल एक तिहाई पद खत्म हो जाएंगे। उन्होने दावा किया कि सरकार के फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचलों के बच्चों पर पड़ेगा।
चौपट हो रही शिक्षा व्यवस्था
जय सिंह ने कहा कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था का चौपट होना निश्चित है। वर्तमान समय में प्राथमिक और मीडिल स्कूलों में तीन शिक्षकों को 40 मिनट के हिसाब से 18-18 क्लास लेना होगा। इसके अलावा मध्यान्ग भोजन की व्यवस्था डाक का जवाब और अन्य गैर शिक्षकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर होगी।
पूर्व मंत्री ने शिक्षकों के पद खत्म होने के साथ 10463 स्कूलों से संलग्न हजारों रसोईया, स्लीपर और मध्यान भोजन बनाने वालों के रोजगार की चिंता को भी जाहिर किया। उन्होने बताया भाजपा सरकार का फैसला अव्यवहारिक है। जबकि उन्हें युक्तियुक्तकरण के फैसले से पहले प्रभावितों शिक्षाविदों से चर्चा करना चाहिए था। बहरहाल सरकार के फैसले से प्रदेश में आक्रोश है।
45 हजार पदों पर गाज
जयसिंह ने बताया अभी तक सरकार के पास स्थानांतरण की ठोस पालिसी नहीं है। समयमान वेतनमान का विवाद अब तक लंबित है। दरअसल सरकार ने युक्तिकरण के हथियार से वसूली का नया तरीका खोल निकाला है। सरकार 10 हजार से अधिक स्कूलों को बंद कर 45000 पदों को खत्म करने जा रही है। जबकि भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव दौरान दावा किया था कि 58000 शिक्षकों खाली शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। बजट में भी 20000 शिक्षकों की भर्ती की बात की गयी है। इसका मतलब है कि सरकार 45000 पद समाप्त करने जा रही है। क्योंकि जब पद ही खाली नही रहेंगे तो भर्ती कहां से करेंगे।
हमने शिक्षक बनाया..यह काम भाजपा करे
एक सवाल पर जय सिंह ने कहा कि हमने लाखों शिक्षाकर्मियों को शिक्षक बनाया। हमने फैसला किया था कि शिक्षकों के समयमान वेतनमान भी देंगे। सरकार नही आयी। वरना इसे भी लागू करते। लेकिन हमने किसी शिक्षको बाहर नहीं किया। अब भाजपा सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों को समयमान वेतनमान दे। लेकिन यहां तो नौकरी से ही हटाया जा रहा है।
तीन चरणों में करेंगे आंदोलन
प्रेसवार्ता के दौरान जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि पीसीसी के आदेश पर बिलासपुर में शिक्षकों के समर्थन में कांग्रेस पार्टी तीन चरणों में आंदोलन किया जाएगा। युक्तियुक्तिकारण और स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने “शिक्ष! न्याय” आंदोलन किया जाएगा। ज़िला और ब्लॉक मुख्यालयों में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा । विजय ने जानकारी दिया कि 9, से 11 जून को ब्लॉक शिक्ष! अधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। 16 से 25 जून को जिलास्तरीय शिक्ष! न्याय यात्रा के साथ ज़िला शिक्ष! अधिकारी कार्यालय का घेराव होगा। और आंदोलन का अन्तिम चरण 1 से 10 जुलाई तक होगा। प्रत्येक ब्लॉक में 5 सें 10 बंद किए जाने वाले स्कूलों में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
साय सरकार का बड़ा फैसला, बदले गए छत्तीसगढ़ के इन 3 जगहों के नाम, गदहाभाटा का नाम सोनपुर एवं चण्डालपुर का नाम चन्दनपुर होगा
रायपुर/ चाम्पा
,छत्तीसगढ़ में आज सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दोपहर 12 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की गई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई, साथ ही कई फैसले लिए गए।
साय सरकार ने प्रदेश के तीन जगहों के नाम को बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। कैबिनेट ने कबीरधाम जिले के कवर्धा तहसील के ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत सोनपुर तथा बोड़ला तहसील के ग्राम पंचायत चण्डालपुर का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत चन्दनपुर किए जाने का निर्णय लिया गया। वहीं ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम ‘‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा‘‘ किए जाने का अनुमोदन किया गया।
स्वामी विवेकानंद उद्यान ग्रुप ,चांपा द्वारा वृक्षारोपण ! जिंदगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए हैं - राजेन्द्र जायसवाल।
चांपा
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद उद्यान ग्रुप चांपा द्वारा विवेकानंद उद्यान में वृक्षारोपण किया गया पेड़ वन विभाग के कर्मचारी एस के सिंह द्वारा प्रदान किया गया । जिसमें ग्रुप के प्रमुख राजेन्द्र जायसवाल राज्यपाल से पुरस्कृत शिक्षक ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संदेश में कहां
जिंदगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गये । आजकल लोगो को लगता हैं, कि ऐसी, कुलर, पंखा, आदि के सहारे जीवन कट रही हैं, तो ये हम सबकी भुल हैं । राजेन्द्र जायसवाल ने कहा कि आने वाला समय बहुत भयावह होगा , जिसका अनुमान लगाना नामुमकिन हैं । राजेन्द्र जायसवाल राज्यपाल पुरूष्कृत शिक्षक एवं नव जागृति पर्यावरण संगठन के अध्यक्ष चांपा ने निवेदन किया हैं कि आने वाले बरसात के समय अपने आस पास 2 पौधा (बृक्ष) अवश्य लगाएं । आज भारत मे लगभग 400 से 500 करोड़ बृक्ष की आवश्यकता है। नही तो अभी ये शुरुआत में 45°सी से 50°सी जाता है जिसे आगे 55°सी से 60°सी होते देर नही लगेगी । 56/57°सी पर इंसान जीवित नही रहेगा , इसलिये अभी से समझकर पौधे लगाने शुरू करे, क्योकी एक पौधे को तैयार होने मे लगभग 6 साल का समय लगता हैं । अब बारिस आने वाली हैं कृपया 2 पौधा आवश्य लगाए, याद रखे, सबको बतलाएं बृक्ष ही जीवन हैं धन्यवाद कृपया 2 लोगो को ये संदेश आवश्य भेजे, ताकी ये संदेश आगे बढ़ता रहे । जानकारी साझा करना हमारा कर्तव्य हैं ।
पर्यावरण की रक्षा करना हमारा कर्तव्य हैं - पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व नपा उपाध्यक्ष चांपा ।
पर्यावरण दिवस के अवसर पर पुरुषोत्तम शर्मा पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष ने भी अपने परिवार व ग्रुप के साथ उद्यान के मुख्य गेट के पास अशोक पेड़ लगाकर हरियाली का संकेत दिया और कहा पौधे की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है । पर्यावरण के कार्यक्रम सफल बनाने में और पौधे लगाने में परमेश्वर स्वर्णकार राष्ट्रपति पुरूष्कृत शिक्षक , कृष्ण कुमार देवांगन जी शासकीय टाउन कन्या पूर्व माध्यमिक शाला चांपा के अध्यक्ष , एस के सिंग वन विभाग, रूपनारायण यादव, शिवराज जायसवाल, रामकिशन देवांगन, लक्ष्मी देवांगन, सुनील कुमार पटेल, बहादुर देवांगन राजेन्द्र जायसवाल ,हरि प्रसाद विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार देवांगन, रूपनारायण यादव, बहादुर देवांगन ,शिवराज जायसवाल ताड़ी वाला , रामकिशन देवांगन,लक्ष्मी चन्द देवांगन, बसंत महंत, राजेश देवांगन,गार्डन के सेवक सुनील पटेल जी, श्रीमती कामिनी जायसवाल ,श्रीमती पुष्पा देवांगन श्रीमती शांति देवांगन, श्रीमती द्रौपदी देवांगन, श्रीमती संगीता देवांगन ,मुन्नी देवांगन, गायत्री देवांगन, आशा देवांगन, हेमा देवांगन, शारदा राजपूत , शीतल देवांगन, अनुसुइया देवांगन ,चन्द्रा साहू, भानू विश्वकर्मा,पूरन सिहं राजपूत, नरेन्द्र सिंह, अनिल देवांगन, दयाराम थवाईत, कल्लू विश्वकर्मा,डॉ जी पी दुबे, विजय लहरे जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद, शिव हंसराज, संजय महाराज श्रीया फोटो ,विनोद भाई गैस एजेन्सी,धनीराम वाद्यक, ठाकुर देवांगन पूनम राय, जब्बल मैम ,रोहित चन्द्रवंशी, विरेंद्र सिंह यादव आदि वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपस्थित थे ।
महतारी वंदन योजना की राशि के लिए अब जरूरी है डीबीटी इनेबल खाता पात्र महिलाएं डीबीटी के लिए कराएं अपना आधार अपडेट
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर- महतारी वंदन योजना राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ राज्य के महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परितयक्ता महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सके। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि माह मई 2025 से महतारी वंदन योजना की राशि का भुगतान केवल आधार बेस्ड डीबीटी के माध्यम से ही किया जावे तथा जिन हितग्राहियों के बैंक खाते डीबीटी अनेबल नही हुये है उनके खाते डीबीटी अनेबल होने पर लंबित माहों की सहायता राशि का भुगतान एक साथ किया जावेगा। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही जिनका बैंक खाता आधार लिंक/डीबीटी इनेबल नही है
उनकों योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।
प्रत्येक नागरिक को अपना आधार 10 वर्षों में अपडेट करने की आवश्यकता होती है। अपडेट नही किये जाने के फलस्वरूप आधार के माध्यम से सबंधितों को भुगतान की प्रक्रिया संपादित नही हो पाती है। इसी अनुक्रम में कई हितग्राहियों के भुगतान निष्क्रीय आधार होने के फलस्वरूप भुगतान कैंसल हुआ है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने जिले के पात्र हितग्राही को आधार सेंटर में जाकर अपने पहचान एवं निवास प्रमाण पत्र अपलोड कराकर आधार अपडेट कराने को कहा है। अधिक जानकारी हेतु प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर सुपरवाईजर, बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क कर सकते है।