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युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था सकारात्मक सुधार की ओर दूर हुई शिक्षक अभाव की समस्या, मिलेगा समग्र विकास का अवसर शालाओ में छात्र और शिक्षक अनुपात हुआ बेहतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में आएगा सुधार

विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़ 

बलरामपुर 

 राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने के सकारात्मक पहल किए जा रहे है युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षा कार्य प्रणाली में शैक्षिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इस पहल के अंतर्गत बलरामपुर रामानुजगंज जिले के एकल शिक्षकीय विद्यालयों में वर्षों बाद अब बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलेगी।

जिले के लगभग 311 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय बीते लगभग डेढ़-दो दशकों से केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा था। एक ही शिक्षक को सभी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी, प्रशासनिक दायित्वों के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का उत्तरदायित्व निभाना पड़ता था, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी।अब युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत छात्र और शिक्षक अनुपात बेहतर करते हुए अतिशेष शिक्षक के रूप में विद्यालय में पदस्थ किया गया है। इससे शिक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर सकारात्मक सुधार होगी। पहले  एकमात्र शिक्षक का पूरा समय केवल पढ़ाने में ही व्यतीत हो जाता था, जिससे अन्य गतिविधियों पर ध्यान देना संभव नहीं हो पाता था।

अब अतिशेष शिक्षक की नियुक्ति से विभिन्न संकायों खेल, कला, विज्ञान, पुस्तकालय संचालन जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अब नियुक्त शिक्षकों के  माध्यम से बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। जिससे प्रत्येक शिक्षक को पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण कराने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान भी दे सकेंगे। विशेषकर कमजोर छात्रों को अतिरिक्त सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलेगा।

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