अंबिकापुर में बांकी नहर से हटाए गए 23 अतिक्रमण:
सरगुजा
अंबिकापुर शहर सीमा में बांकी जलाशय क्षेत्र की माइनर नहर पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के में अब तक 23 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान कई बड़े मकान भी अतिक्रमण की जद में आए हैं। इन्हें हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है।
अंबिकापुर शहर के भारत माता चौक, पॉश कालोनी कुंडला वसुंधरा सहित नेशनल हाईवे की सड़कों में जलभराव की समस्या वर्षों से बनी हुई थी। इसका कारण बांकी नहर में अतिक्रमण कर निर्माण को बताया गया, जिससे पानी की निकासी रूक रही थी। बांकी नहर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की शिकायत परवेज आलम ने सरगुजा कलेक्टर एवं जल संसाधन के ईई से की थी।
बताया गया है कि बांकी जलाशय की माइनर नहर पर कई भूमाफियाओं ने कब्जा कराया और प्लाटिंग बताकर बेच दिया। जमीन खरीदने वाले लोगों ने भी शासकीय नहर की परवाह किए बिना उसे पाटकर मकान बना लिए। कई लोगों ने क्षेत्र में मंहगी जमीन के कारण नहर की भूमि पर भी कब्जा कर निर्माण कर लिया।
जल संसाधन विभाग ने अवैध कब्जे को हटाने के लिए 24 घंटे का नोटिस जारी किया है। जल संसाधन के ईई अशोक निरंजन ने बताया कि नहर के मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम सीमांकन के आधार पर कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई के दौरान छोटे मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। बड़े निर्माण को हटाने नोटिस जारी किया गया है।
जल संसाधन विभाग के ईई अशोक निरंजन ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की टीम सक्रियता से सीमांकन कर रही है। यह अभियान नहर के अंतिम छोर तक चलाया जाएगा। बड़े मकान अतिक्रमण क्षेत्र में आए हैं। बड़े मकानों के मामले में इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाने के दौरान शेष निर्माण को कम से कम नुकसान पहुंचे।
बांकी जलाशय की माइनर नहर पर अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई से शासकीय जल संरचना को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार को बंडा बहरा से बहेरापारा तक अभियान चलने के बाद आगे के हिस्सों में भी सीमांकन के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।