नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठे तकनीकी सहायक कर्मचारी
छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ की सारंगढ़ इकाई ने खोला मोर्चा, शासन-प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने
की मांग
सारंगढ़
छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ की सारंगढ़ इकाई अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठ गई है। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। संघ का कहना है कि विभागीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद तकनीकी सहायक कर्मचारियों को अब तक नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करने और सेवा सुरक्षा जैसी बुनियादी मांगों पर अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
संघ की प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगति का निराकरण तथा सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और तकनीकी कार्यों के निष्पादन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
वर्षों की सेवा के बाद भी नियमितीकरण का इंतजार
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से कार्य करने के बावजूद नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलना उनके भविष्य को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है। नियमित सेवा का दर्जा नहीं मिलने के कारण उन्हें नौकरी की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सेवाओं और अनुभव को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाए।
वेतन विसंगति दूर करने की मांग
कर्मचारियों ने वेतन विसंगति को भी अपनी प्रमुख समस्या बताते हुए इसके निराकरण की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन वेतन संबंधी विसंगतियों के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संघ चाहता है कि वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर विसंगतियों को दूर किया जाए, ताकि कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के अनुरूप उचित आर्थिक लाभ मिल सके।
सेवा सुरक्षा को लेकर भी चिंता
नियमितीकरण और वेतन विसंगति के साथ सेवा सुरक्षा भी कर्मचारियों की प्रमुख मांग है। कर्मचारियों का कहना है कि भविष्य की अनिश्चितता के बीच काम करना उनके लिए चिंता का विषय है। वे चाहते हैं कि शासन की ओर से ऐसा स्पष्ट निर्णय लिया जाए, जिससे उनकी सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें भविष्य को लेकर अनावश्यक असमंजस का सामना न करना पड़े।
शासन-प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की अपील
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। धरना प्रदर्शन के माध्यम से वे शासन-प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाना चाहते हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे पूरी निष्ठा के साथ अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का समय रहते निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस आंदोलन को कितनी गंभीरता से लेता है और नियमितीकरण, वेतन विसंगति तथा सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कर्मचारियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।