जनपद-सभापति पर क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी का आरोप
मुंगेली
मुंगेली जिले के लोरमी में क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन निवेश के नाम पर कथित ठगी का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदलता दिख रहा है। जनपद पंचायत सभापति बेदराम पटेल के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पवन अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपी को सत्तापक्ष का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
दूसरी ओर, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा है कि गलत करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मामले में ग्राम लगरा निवासी आजुराम पटेल ने 27 सितंबर को खुड़िया चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, ग्राम दरवाजा निवासी बेदराम पटेल ने ‘मिस्टर मिंट’ ऐप के जरिए छह महीने में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाकर करीब 5 लाख रुपए लिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर टालमटोल की गई और धमकी भी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
शिकायतकर्ता आजुराम पटेल के मुताबिक, बेदराम पटेल ने ऑनलाइन निवेश के जरिए छह महीने में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे पर उसने अलग-अलग तारीखों में बैंक खाते और UPI के माध्यम से करीब 5 लाख रुपए ट्रांसफर किए।
आरोप है कि तय अवधि पूरी होने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसे टालमटोल वाले जवाब दिए गए। शिकायतकर्ता ने धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया है। उसने यह आशंका भी जताई कि अन्य लोगों से भी इसी तरह निवेश कराया गया है।
मामले में FIR दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। पूर्व जनपद अध्यक्ष और कांग्रेस नेता पवन अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि बेदराम पटेल को सत्तापक्ष का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि इसी वजह से अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप कांग्रेस नेता ने लगाया है। इस संबंध में पुलिस की ओर से ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।