राजधानी

AAP की प्रदेश के 16 अस्पतालों पर FIR की मांग:मरीजों को एजेंटों से बुलाकर फर्जी भर्ती और गलत बिलिंग का आरोप,

रायपुर

रायपुर में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर निजी अस्पतालों में कथित गड़बड़ियों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने स्वास्थ्य विभाग की जांच में दोषी पाए गए 16 निजी अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।

AAP नेताओं का आरोप है कि अस्पतालों ने एजेंटों के जरिए मरीजों को बुलाया, बिना जरूरत भर्ती किया और फर्जी दस्तावेजों के साथ इलाज के पैकेज में गलत कोडिंग कर सरकारी पैसे का भुगतान लिया।

शुक्रवार को AAP नेता विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पिछले दो साल में जांच के दौरान 70 अस्पतालों को दोषी पाया गया है। इनमें 16 निजी अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बावजूद सरकार केवल आयुष्मान योजना का पंजीयन रद्द करने तक सीमित है। पार्टी ने सवाल उठाया कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले अस्पताल प्रबंधन पर आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP नेताओं ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि माना सिविल अस्पताल में 1.5 करोड़ रुपए की लागत से बना ऑक्सीजन प्लांट 3 साल से बंद है। वहीं जिला अस्पताल का 1.5 करोड़ रुपए का प्लांट 2021 से बंद पड़ा है।

आरोप है कि दोनों प्लांट बंद होने के कारण हर महीने करीब 3.5 लाख रुपए खर्च कर ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। प्लांट दोबारा शुरू नहीं होने की वजह पूछने पर तकनीकी स्टाफ की कमी बताई जाती है। नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी प्लांट बंद रहना और लगातार ऑक्सीजन खरीदना जांच का विषय है।

AAP ने जशपुर के बगीचा विकासखंड में एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती महिला की मौत और डेढ़ साल से बंद स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा भी उठाया।

AAP नेताओं ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं और जरूरी जांच मशीनें खराब पड़ी हैं। दूसरी ओर निजी अस्पतालों पर गरीबों के मुफ्त इलाज की योजना में गड़बड़ी करने के आरोप हैं।

पार्टी ने स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने और दोषी अस्पतालों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

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