नक्सलियों के खिलाफ अदम्य साहस को सलाम, 29 नक्सलियों के सफाए वाले ऑपरेशन के नायक रामचंद्र साहू को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार
प्रद्युम्न शुक्ल, ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीस
गढ़कांकेर/बांदे।
नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान पुलिस जवानों और अधिकारियों ने जिस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। इसी साहसिक अभियान से जुड़े बांदे थाना प्रभारी रामचंद्र साहू को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार दिए जाने की खबर से पुलिस विभाग और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जंगलों और दुर्गम इलाकों में अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई। इसी कार्रवाई में 29 नक्सलियों के सफाए को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता के रूप में देखा गया।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने असाधारण साहस, सूझबूझ और रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया। बांदे थाना प्रभारी रामचंद्र साहू की भूमिका को भी इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कठिन परिस्थितियों में जवानों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने जिस साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया, वह पुलिस सेवा के लिए प्रेरणादायी है।
नक्सल मोर्चे पर साहस की मिसाल
बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और नक्सलियों की गतिविधियां हैं। इसके बावजूद जवान लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए अभियान चला रहे हैं।
ऐसे में वीरता पुरस्कार केवल एक अधिकारी का सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी पुलिस जवानों और सुरक्षा कर्मियों के साहस को सम्मान देने का प्रतीक है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
पुलिस विभाग और क्षेत्रवासियों में खुशी
रामचंद्र साहू को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार मिलने की खबर के बाद पुलिस विभाग के साथ-साथ क्षेत्रवासियों में भी उत्साह का माहौल है। लोगों ने इसे कांकेर जिले और बांदे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।
नक्सल उन्मूलन अभियान में अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और साहस के साथ निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के सम्मान से सुरक्षा बलों का मनोबल और मजबूत होगा। क्षेत्रवासियों ने रामचंद्र साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में साहस, कर्तव्य और समर्पण की यह मिसाल निश्चित रूप से युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा बनेगी।