एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री तत्काल प्रतिबंधित
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में जिले में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले के डेयरी प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट, होटल एवं खाद्य दुकानों का निरीक्षण कर संचालकों को प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपसंचालक ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार ऐसे सभी गैर-मानकीकृत डेयरी एनालॉग उत्पाद, जो वास्तविक दूध से बने उत्पादों का आभास कराते हैं, अब प्रतिबंधित रहेंगे। इस संबंध में जिलेभर में निरीक्षण अभियान प्रारंभ कर दिया गया है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनालॉग पनीर एक तरह का नकली या सिंथेटिक पनीर है, जो असली दूध के बजाय वेजिटेबल ऑयल (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और रसायनों से बनाया जाता है। यह दिखने और खाने में असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन बहुत सस्ता होता है और सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। उक्त प्रतिबंध विशेष रूप से ऐसे उत्पादों पर लागू होगा, जो वास्तविक दूध से निर्मित नहीं हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया है।
साथ ही जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग अथवा बिक्री की प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है। उन्होंने बताया कि जिले में संचालित डेयरी प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सभी संचालकों को एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, वितरण एवं विक्रय तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आम नागरिकों को पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, लेबल एवं सामग्री की जानकारी अवश्य जांचने तथा किसी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित अथवा संदिग्ध एनालॉग पनीर का निर्माण या विक्रय की सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को देने समझाइश दी गई है।