पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संयुक्त तत्वावधान में आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजूर में जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न
प्रद्युम्न शुक्ल, ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
NHRCCB टीम छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जतिंदरपाल सिंह जी के मार्गदर्शन व निर्देशानुसार एवं श्री जगमोहन सोनी बस्तर संभाग अध्यक्ष के नेतृत्व में
"सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य" की थीम पर पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को आराधना कॉन्वेंट स्कूल, पखांजूर में विद्यार्थियों के लिए एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, मोबाइल के संतुलित उपयोग तथा मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्री प्रद्युम्न शुक्ल एवं NHRCCB टीम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध, सड़क दुर्घटनाओं, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव एवं बाल अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
यातायात शाखा कांकेर की ओर से उपस्थित अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं समाज को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में श्री दीपक साव, रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी, कांकेर ने सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को दुर्घटनाओं से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
श्री राकेश कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पखांजूर ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा समाज में बढ़ते अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रखने के संबंध में प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
श्री कुलदीप बंजारे, एसडीओपी, पखांजूर ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं डिजिटल सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी साझा करना गंभीर खतरा हो सकता है।
श्री तेज वर्मा, थाना प्रभारी, पखांजूर एवं श्री अनिल पालेश्वर, थाना प्रभारी, बड़गांव ने विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, नशे से दूर रहने तथा एक जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए मेहनत एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
प्रद्युम्न शुक्ल, जिला अध्यक्ष, कांकेर एवं कार्यकारी प्रदेश कोऑर्डिनेटर, ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और नैतिक शिक्षा ही एक सशक्त एवं सुरक्षित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी ही अपने परिवार, विद्यालय और समाज को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम में महिला रक्षा टीम, कांकेर की ओर से महिला प्रधान आरक्षक शौसिल्या टेकाम एवं महिला आरक्षक नीलू कोमरे ने छात्राओं एवं छात्रों को गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है तो बिना किसी भय के अपने माता-पिता, शिक्षक, पुलिस या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत इसकी सूचना दें।
इस अवसर पर आरक्षक पूरन सिंह मण्डावी एवं आरक्षक मंजीत जुर्री ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन एवं जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। उन्हें मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक एवं शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रखने, अधिक समय खेलकूद, पुस्तक अध्ययन एवं रचनात्मक गतिविधियों में लगाने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों एवं महिला रक्षा टीम द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया। इससे विद्यार्थियों में सुरक्षा, कानून एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई।
इस अवसर पर आराधना कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर मरिया, उप-प्राचार्य सिस्टर ट्रेसा, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे स्वयं जागरूक रहेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे तथा कानून, मानवाधिकार एवं सामाजिक मूल्यों का पालन करते हुए एक सुरक्षित, शिक्षित एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे।