स्प्रेयर मशीन वितरण में पक्षपात का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, पात्र किसानों को लाभ नहीं मिलने की शिकायत..
सारंगढ़-बिलाईगढ़//
खरीफ सीजन में धान की बुआई अंतिम चरण में है और किसानों को फसलों में कीटनाशक के छिड़काव के लिए स्प्रेयर मशीन की जरूरत है। इसी बीच बरमकेला कृषि विभाग द्वारा स्प्रेयर मशीन वितरण में पक्षपात के आरोप सामने आए हैं। मंगलवार को बरमकेला विकासखंड के किसान कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) मद से स्प्रेयर मशीन उपलब्ध कराने के साथ वितरण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
पात्र होने के बावजूद नहीं मिला लाभ
मंगलवार दोपहर करीब 12:40 बजे ग्राम पंचायत बिलाईगढ़-अ के किसान अनिल कुमार साहू, संजय पटेल और सत्येंद्र पटेल ने कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। किसानों ने बताया कि सोमवार को कृषि विभाग बरमकेला परिसर में स्प्रेयर मशीनों का वितरण किया गया, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया गया। जबकि उनके गांव के अन्य किसानों को मशीनें वितरित कर दी गईं। किसानों ने मांग की कि डीएमएफ मद से जरूरतमंद और छोटे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर स्प्रेयर मशीन उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
किसानों का आरोप है कि स्प्रेयर मशीन वितरण के लिए सरपंच और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर सूची तैयार की जाती है। इससे वास्तविक जरूरतमंद किसानों की जगह प्रभावशाली और चहेते लोगों को लाभ मिल जाता है। उनका कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती, तो उन्हें अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट नहीं आना पड़ता।
किसानों ने बताया कि धान की फसल में समय पर कीटनाशक का छिड़काव करना बेहद जरूरी होता है। स्प्रेयर मशीन नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। मशीन की कीमत अधिक होने के कारण छोटे और सीमांत किसान इसे खरीदने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में शासन की योजना के तहत मिलने वाली स्प्रेयर मशीन उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।
निष्पक्ष जांच और पात्र किसानों को लाभ देने की मांग
किसान अनिल कुमार साहू ने कहा कि योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद किसानों को मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।किसानों का कहना है कि यदि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तो सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ उन किसानों तक पहुंचेगा, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।