साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति छात्राओं को किया जागरूक
ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव की दी जानकारी, आत्मरक्षा का भी कराया प्रशिक्षण
प्रद्युम्न शुक्ल ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जुलाई 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोदे में छात्राओं के लिए ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना था।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के मास्टर ट्रेनर ने छात्राओं को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को महंगे उपहार का लालच देकर, डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर, शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने वाले फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से तथा सोशल मीडिया पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दुरुपयोग कर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या एप्लीकेशन पर विश्वास न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
कार्यक्रम के दौरान महिला रक्षा टीम द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। टीम ने विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के उपाय बताते हुए गुड टच-बैड टच की पहचान, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से बचाव तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में साहस और समझदारी से कार्य करने के तरीके समझाए।
इस अवसर पर जेंडर विशेषज्ञ खुलेश साहू ने महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन शक्ति अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, घरेलू हिंसा से संरक्षण तथा कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा एवं अधिकारों से संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और साइबर सुरक्षा एवं आत्मरक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) के जिला मिशन समन्वयक लीलाधर नाग, महिला संरक्षण अधिकारी तुलसी मानिकपुरी, एमटीएस डिलेश्वरी रजक, विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को डिजिटल युग में सुरक्षित रहने, साइबर अपराधों से बचाव करने तथा आत्मविश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया गया।