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सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आंदोलन तेज मरीजों और कर्मचारियों को बांटे पर्चे, 14 जुलाई को विशाल प्रदर्शन में शामिल होने की अपील

विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई

भिलाईनगर, 02 जुलाई 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। गुरुवार को यूनियनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के बीच जनजागरण अभियान चलाया और पर्चे वितरित कर निजीकरण के संभावित प्रभावों की जानकारी दी।

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने 14 जुलाई को शाम 6 बजे सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयोजित प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन में अधिक से अधिक कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, मरीजों एवं आम नागरिकों से शामिल होने की अपील की है।

यूनियनों का कहना है कि एम्स की स्थापना से पूर्व 850 बिस्तरों वाला सेक्टर-9 अस्पताल अविभाजित मध्यप्रदेश एवं वर्तमान छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल रहा है। दशकों से यह अस्पताल केवल भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों और उनके परिजनों ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लाखों लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता आया है।

यूनियन नेताओं ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद अस्पताल के प्रत्येक बिस्तर तक प्रत्यक्ष ऑक्सीजन आपूर्ति की आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है। अस्पताल की अपनी ऑक्सीजन उत्पादन इकाई भी है, जिसके कारण आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकती है। कोविड-19 महामारी के दौरान इस अस्पताल ने लगातार ऑक्सीजन एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

संयुक्त ट्रेड यूनियनों के अनुसार अस्पताल में सात मंजिला मुख्य भवन के अलावा तीन-तीन मंजिला तीन अन्य भवन, चेस्ट वार्ड, मनोरोग वार्ड सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त यहां संचालित बर्न यूनिट देश के प्रमुख बर्न उपचार केंद्रों में शामिल है, जहां गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक उपकरण एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं।

यूनियनों ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल का निजीकरण किया जाता है तो इससे आम मरीजों, कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त कर्मियों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह अस्पताल केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि भिलाई और आसपास के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

इसी उद्देश्य से यूनियनों ने आम जनता से अस्पताल के संरक्षण के लिए आगे आने तथा 14 जुलाई को आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है।

(यह समाचार संयुक्त ट्रेड यूनियनों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उनके पक्ष पर आधारित है। अस्पताल प्रबंधन अथवा संबंधित प्राधिकरण का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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