पाठ्यपुस्तकों की भारी कमी से नाराज अशासकीय शिक्षकों का कलेक्ट्रेट घेराव सैकड़ों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने पर जताई चिंता
मांग पूरी नहीं होने पर रायपुर में पाठ्यपुस्तक निगम मुख्यालय घेरने की चेतावनी
प्रद्युम्न शुक्ल, ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
कांकेर, 25 जून। जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे सैकड़ों अशासकीय शिक्षकों ने स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की गंभीर कमी को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अधिकांश विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अशासकीय शिक्षक संघ के बैनर तले एकत्रित हुए शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद पाठ्यपुस्तकें होती हैं, लेकिन वर्तमान सत्र में समय पर पुस्तकों की आपूर्ति नहीं होने से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों परेशान हैं। कई विद्यालयों में विद्यार्थियों को एक ही पुस्तक साझा कर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि कुछ कक्षाओं में आवश्यक विषयों की पुस्तकें अभी तक नहीं पहुंची हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों को मूलभूत अध्ययन सामग्री तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तक निगम की उदासीनता और वितरण व्यवस्था में लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
शिक्षकों ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर इसका सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राएं पूरी तरह शासकीय पुस्तकों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में समय पर किताबें नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है और पाठ्यक्रम भी पीछे छूटता जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मांग की कि जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में तत्काल आवश्यकतानुसार पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुस्तक वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की भी मांग की गई।
अशासकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया और सभी विद्यालयों तक पर्याप्त संख्या में पुस्तकें नहीं पहुंचाई गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाते हुए रायपुर स्थित पाठ्यपुस्तक निगम के मुख्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
प्रदर्शन के पश्चात शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों के हित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को संबंधित विभाग तक पहुंचाने तथा आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
शिक्षकों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। यदि समय रहते पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों पर पड़ सकता है।