राम मंदिर ट्रस्ट मामले को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला, शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल
सारंगढ़ में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस ने कहा- केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों, पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी उठाए प्रश्न
सारंगढ़
जिला कांग्रेस कार्यालय सारंगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर केंद्र सरकार और ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। कार्यक्रम प्रभारी एवं रायगढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि मामले में शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे इस बात की ओर संकेत करते हैं कि इसकी गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि फर्जी रसीदों, नकद चढ़ावे और कथित वित्तीय हेराफेरी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है, लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई दे रही है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राम मंदिर के बड़े आयोजनों में हुए खर्चों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहता है।
कार्यक्रम प्रभारी अनिल शुक्ला ने कहा कि यदि ट्रस्ट से जुड़े शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं, तो उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर मामले को सीमित करना उचित नहीं है।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन सहित संजय दुबे, सूरज तिवारी, अरुण मालाकार, नितीश बंजारे, उमेश केशरवानी, रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल, हेमंत चंद्रा, बिनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, रमेश खुंटे, राकेश पटेल, मितेंद्र यादव, राजू यादव समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।