किसानों से खाद-बीज का अग्रिम उठाव करने कलेक्टर की अपील, सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध
प्रद्युम्न शुक्ल ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
उत्तर बस्तर कांकेर, 27 मई 2026। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर ने जिले के किसानों से समय रहते खाद-बीज का अग्रिम उठाव करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में मानसून प्रारंभ होने वाला है और इसके साथ ही खरीफ फसलों की बुआई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिले की सहकारी समितियों में यूरिया 7197 मेट्रिक टन, डीएपी 1588 मेट्रिक टन, सुपर फास्फेट 4614 मेट्रिक टन, पोटाश 2663 मेट्रिक टन तथा एनपीके 6833 मेट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण उपलब्ध है। किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा डीएपी के विकल्प के रूप में सुपर फास्फेट और एनपीके उर्वरकों के उपयोग की सिफारिश की गई है। इसी आधार पर समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी भी किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका उपयोग बीजोपचार तथा खड़ी फसल में छिड़काव दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से यूरिया एवं डीएपी की कम मात्रा में आवश्यकता पड़ती है, साथ ही यह फसलों को आवश्यक नत्रजन एवं फास्फोरस तत्व प्रदान करने में सहायक होता है। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा अपनी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद-बीज उठाव करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कई किसान बारिश शुरू होने के बाद एक साथ खाद लेने पहुंचते हैं, जिससे अचानक मांग बढ़ने पर आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है। यदि किसान पहले से खाद-बीज का उठाव कर लें तो वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी और सभी किसानों को समय पर सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नजदीकी सहकारी समिति से संपर्क कर समय रहते खाद-बीज प्राप्त कर खरीफ सीजन की तैयारियां पूर्ण कर लें।