बीट प्रणाली से खुला भैंस चोरी का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार सात भैंसों को बेचकर हड़पना चाहते थे रकम, 30 हजार रुपये नगद बरामद
मुख्य खरीदार की तलाश जारी, आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली
मुंगेली। जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बीट प्रणाली के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए भैंस चोरी के मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चराई के लिए छोड़ी गई सात भैंसों को अपना बताकर बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री राशि में से 30 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Bhojram Patel के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशी चोरी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
तालाब किनारे चरने गईं भैंसें नहीं लौटीं
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम डिंडोरी निवासी Ashok Kumar Yadav ने 6 जून को चौकी डिंडोरी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी सात भैंसों को गांव के तालाब के पास चरने के लिए छोड़ा था, लेकिन शाम तक वे वापस नहीं लौटीं। शिकायत के आधार पर गुम मवेशी क्रमांक 01/2026 दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Navneet Kaur Chhabra और उप पुलिस अधीक्षक Harvinder Singh के मार्गदर्शन में चिल्फी पुलिस ने बीट प्रणाली के माध्यम से गांव-गांव जानकारी जुटानी शुरू की।
मुखबिर की सूचना से मिला सुराग
जांच के दौरान 7 जून को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम दयाली नवागांव निवासी संतराम डहरिया और महेश डहरिया ने उक्त भैंसों को अपना बताकर अन्य लोगों की मदद से औरापानी क्षेत्र की ओर ले जाया था।
पुलिस ने बलराम यादव और रविंद्र यादव से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि उन्हें संतराम और महेश डहरिया ने भैंसों को नवागांव से औरापानी तक हांककर छोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस का संदेह गहरा गया और दोनों मुख्य संदेहियों से पूछताछ की गई।
80 हजार रुपये में बेचने की बात कबूली
कड़ाई से पूछताछ करने पर महेश डहरिया और संतराम डहरिया ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सातों भैंसों को लगभग 80 हजार रुपये में गुड्डा उर्फ असलम खान नामक व्यक्ति को बेच दिया था, जो मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के सेलवार गांव का निवासी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री राशि में से 30 हजार रुपये नगद बरामद किए। पूछताछ में सामने आया कि पूरी रकम अभी उनके पास नहीं थी और शेष राशि के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।
फरार खरीदार की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में महेश डहरिया और संतराम डहरिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं भैंसों के कथित खरीदार गुड्डा उर्फ असलम खान की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। साथ ही मवेशियों की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
मामले के खुलासे में थाना चिल्फी प्रभारी निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्र, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक केसो राम, सहायक उपनिरीक्षक मनकराम ध्रुव, कुंदन राजपूत, प्रधान आरक्षक श्याम डहरिया, बलदेव राजपूत तथा आरक्षक नागेश साहू और पवन गंधर्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाकर संपत्ति एवं मवेशी चोरी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।