राशि दोगुनी करने का झांसा देकर लाखों की ठगी! कई ग्रामीणों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
इमरान खोखर बिहान ब्यूरो चीफ
मुंगेली
जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम दरवाजा निवासी बेदराम पटेल पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। अलग-अलग गांवों के कई ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक मुंगेली को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि बेदराम पटेल ने स्वयं को "मिस्टर मिंट" (क्रिप्टो करेंसी) का मुंगेली जिला टीम लीडर बताते हुए उनकी रकम छह माह में दोगुनी करने का लालच दिया और लाखों रुपये लेने के बाद अब रकम लौटाने से इंकार कर रहा है।
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने भरोसे और जान-पहचान का फायदा उठाकर उनसे नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से रकम ली। समय पूरा होने के बाद जब निवेशकों ने अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी राजनीतिक पहुंच और पुलिस से संबंध होने की बात कहकर उन्हें धमकाता है।
मजदूर और किसानों की जीवनभर की पूंजी फंसी
ग्राम लगरा निवासी 60 वर्षीय कुंवारू मरार ने शिकायत में बताया कि उन्होंने कृषि मजदूरी कर परिवार के लिए जमा की गई 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि 16 दिसंबर 2024 को बेदराम पटेल को दी थी। आरोपी ने छह माह में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब राशि लौटाने से इंकार कर रहा है।
कुंवारू ने बताया कि यह राशि उनके परिवार की जीवनभर की जमा पूंजी थी। यदि पैसा वापस नहीं मिला तो परिवार आर्थिक संकट में आ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बेदराम पटेल कई लोगों के साथ इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर चुका है।
किसान से 12 लाख रुपये की ठगी का आरोप
ग्राम दरवाजा निवासी जयराम पटेल ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अलग-अलग समय पर कुल 12 लाख रुपये बेदराम पटेल को दिए थे। शिकायत के अनुसार 18 जून 2024 को 5 लाख रुपये, 31 दिसंबर 2024 को 5 लाख रुपये तथा सितंबर और दिसंबर 2024 में 2 लाख रुपये निवेश किए गए थे।
जयराम पटेल का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों के विवाह और पारिवारिक जरूरतों के लिए यह रकम वर्षों की मेहनत से जुटाई थी, जबकि कुछ राशि रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दी थी। अब आरोपी न तो रकम लौटा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठगी से प्राप्त रकम से आरोपी ने गांव में दो मंजिला मकान, कई एकड़ कृषि भूमि, मुंगेली में मकान, चार पहिया वाहन और सोना-चांदी के आभूषण खरीदे हैं।
विस्थापित ग्रामीण भी बना शिकार
अचानकमार टाइगर रिजर्व से विस्थापित ग्राम बोकराकछार निवासी कुंवर सिंह गोंड ने भी बेदराम पटेल पर 2 लाख 50 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।
कुंवर सिंह ने बताया कि वह वन ग्राम का साधारण किसान है और शासन से प्राप्त पांच एकड़ भूमि में खेती कर परिवार का पालन-पोषण करता है। आरोपी ने उन्हें भी छह माह में राशि दोगुनी करने का झांसा देकर सितंबर 2024 में ढाई लाख रुपये लिए थे। अब वह रकम वापस नहीं कर रहा है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का भी उल्लेख
ग्राम लगरा निवासी आजूराम पटेल ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 29 नवंबर 2024 को बेदराम पटेल को कुल 5 लाख रुपये दिए थे, जिसमें 4 लाख रुपये नकद और 1 लाख रुपये फोन-पे के माध्यम से भेजे गए थे। आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का विवरण भी संलग्न किया गया है।
आजूराम का कहना है कि यह रकम उनके बच्चों के भविष्य और पारिवारिक जरूरतों के लिए संचित की गई थी। अब आरोपी रकम लौटाने से बच रहा है।
करोड़ों की ठगी की आशंका
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बेदराम पटेल ने केवल उनके साथ ही नहीं बल्कि जिले के अनेक लोगों को निवेश और रकम दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी राशि जमा करवाई है। ग्रामीणों का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का खुलासा हो सकता है।
पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक विश्वासघात सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला जिले के बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में शामिल हो सकता है। वहीं पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें न्याय और अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद अब प्रशासन और पुलिस से है।