जमीन में दबे खजाने का झांसा देकर ठगी करने वाला अंतरजिला गिरोह बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार
विजय मिश्रा, ब्यूरो चीफ दुर्ग-भिलाई
दुर्ग, 10 जून 2026। जमीन में दबा हुआ खजाना मिलने की मनगढ़ंत कहानी गढ़कर लोगों को सस्ते दाम में सोना बेचने का लालच देने वाले एक अंतरजिला ठगी गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना उतई पुलिस की कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, नकली सिक्का, कार, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर थाना उतई में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायत की जांच के दौरान एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा हुआ, जो भोले-भाले लोगों को छलने के लिए सुनियोजित तरीके से जाल बिछाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्वयं को जमीन खोदाई के दौरान पुरातन खजाना मिलने की कहानी सुनाते थे। वे दावा करते थे कि उन्हें मिट्टी में दबा एक हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और प्राचीन सिक्के रखे हुए थे। इसके बाद वे नकली धातु से बने बिस्किटों को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर बेचने का प्रलोभन देते और लोगों से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, भौतिक साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार निगरानी और विभिन्न जिलों में दबिश के बाद पुलिस ने गिरोह के सभी पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष), निवासी गाड़ाडीह, थाना उतई, जिला दुर्ग
- पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष), निवासी सीपत पिपरिया, जिला कोरबा
- गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष), निवासी सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम
- रामस्वरूप रौतेल (30 वर्ष), निवासी जगतपुर, थाना करंजिया, जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश)
- भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष), निवासी तारा भाटापारा, थाना पाटन, जिला दुर्ग
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न जिलों में सक्रिय होकर लोगों को खजाना मिलने का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों और संगठित ठगी के विरुद्ध दुर्ग पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि खजाना, पुरातन सोना अथवा बाजार मूल्य से अत्यधिक कम कीमत पर की जा रही किसी भी बिक्री के झांसे में न आएं और ऐसी गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को दें।