झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा:
रांची
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई। सरकार ने दावा किया है कि छात्रों की करीब 98% मांगें मान ली गई है।
छात्रों के मुताबिक, JPSC-PT परीक्षा रद्द करने पर सरकार ने सहमति जता दी है। हालांकि, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। मामले की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाएगी।
सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश पर हुई थी। इसलिए इसे रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है। सरकार सिर्फ जांच करवा सकती है।
इधर, छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। सोमवार (10 अगस्त) को शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव की तैयारी है, जिसके मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लोकसभा का चुनाव लड़ चुके देवेंद्रनाथ महतो और छात्र गुट, दोनों ग्रुप से सरकार ने बात की। इसमें छात्रों के 6 सदस्य शामिल थे। अब तक हुई शुक्रवार और शनिवार की दो राउंड की बातचीत बेनतीजा रही थी।
इसी बीच JPSC में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों-अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया है।
2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत रविवार सुबह 3 बजे बिगड़ गई। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है। बैठक के दौरान अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल के जरिए बात की।
मंत्रियों ने देवेंद्र से कहा कि उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी और वे भूख हड़ताल खत्म कर दें। वहीं, देवेंद्र ने सभी मंत्रियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जब तक मांगें लिखित रूप में पूरी नहीं होतीं, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इधर, आदिवासी दिवस कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर हमारे नौजवान अपने अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैं, वे हमारी सरकार की गतिविधियों की वजह से ही हिम्मत जुटा पाए हैं। उन्होंने कहा, “छात्र आंदोलन करें और अपने हक-अधिकार मांगें, क्योंकि हमने चोरी पकड़ ली है। नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर दंड भी दिया जाएगा।”