बागमती प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: पर्यटन को नई उड़ान, 11 जिलों में खुलेंगे पर्यटन कार्यालय
काठमांडू। नेपाल में पर्यटन विकास को नई गति देने के उद्देश्य से बागमती प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालित यात्री सहायता कक्ष को प्रदेश सरकार द्वारा बजट के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। साथ ही, प्रदेश के शेष 11 जिलों में नए पर्यटन कार्यालय स्थापित करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है।
बत्तीसपुतली स्थित होटल तपस में जिला होटल व्यवसायी संघ, काठमांडू के पदाधिकारियों और संस्कृति तथा पर्यटन मंत्रालय के सचिव दीपेन्द्र सुवेदी के बीच आयोजित बैठक में पर्यटन विकास, यात्री सुविधा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सचिव सुवेदी ने आश्वस्त किया कि सरकार पर्यटन क्षेत्र के विकास और यात्री सहायता सेवाओं को निरंतर सहयोग देती रहेगी।
बैठक में बताया गया कि त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालित यात्री सहायता कक्ष नेपाल आने वाले विदेशी एवं स्वदेशी पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, होटल, परिवहन, मौसम, आपातकालीन सेवाओं तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करा रहा है, जिससे पर्यटकों को यात्रा के शुरुआती चरण में ही बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है।
चर्चा के दौरान भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या, काठमांडू में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता तथा पर्यटन सेवाओं को और अधिक व्यवस्थित बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। सचिव सुवेदी ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पशुपतिनाथ क्षेत्र के आसपास स्वच्छ, व्यवस्थित और शुद्ध शाकाहारी होटलों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
जिला होटल व्यवसायी संघ, काठमांडू के अध्यक्ष सुरेश बराल ने प्रदेश सरकार द्वारा यात्री सहायता कक्ष को बजटीय सहयोग दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पर्यटकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और नेपाल की पर्यटन छवि और मजबूत होगी। वहीं, एकता होटल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सरोज आले मगर ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में सचिव सुवेदी ने यह भी जानकारी दी कि होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसमें होटल व्यवसायियों के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में काठमांडू और चितवन में पर्यटन कार्यालय संचालित हैं, जबकि जल्द ही बागमती प्रदेश के शेष 11 जिलों में भी पर्यटन कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। ये कार्यालय छोटे और मध्यम श्रेणी के होटलों की निगरानी एवं प्रबंधन करेंगे, जबकि बड़े स्टार होटलों का नियमन प्रदेश सरकार करेगी।
इसके साथ ही, त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक संचालित यात्री सहायता कक्ष की तर्ज पर नेपाल के सभी सातों प्रदेशों में भी ऐसे सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे देशभर में पर्यटकों को बेहतर सूचना, मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बैठक के अंत में पर्यटन अवसंरचना के विकास, पर्यटक-अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।