जर्जर सड़क पर मौत बनकर दौड़ रहे भारी वाहन, बच्चों की सुरक्षा के लिए 'नो-एंट्री' की मांग
बलौदाबाजार
रिसदा बायपास से श्री सीमेंट खपराडीह मार्ग पर लगातार दौड़ रहे भारी वाहनों और जर्जर सड़क की स्थिति से परेशान होकर अब ग्रामीण और जनप्रतिनिधि खुलकर सामने आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य (अ.जा.) और रिसदा के पूर्व सरपंच जितेन्द्र खुटे ने बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर को एक लिखित आवेदन सौंपकर इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित (नो-एंट्री) करने की पुरजोर मांग की है।स्कूल बसें और आम गाड़ियां ठप, बच्चों की शिक्षा प्रभावितकलेक्टर को सौंपे गए पत्र में जितेन्द्र खुटे ने बताया कि रिसदा बायपास से लेकर श्री सीमेंट खपराडीह तक सड़क की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। चौबीसों घंटे चलने वाले भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर धूल का गुबार और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि लगातार हो रहे हादसों के डर से स्कूली बच्चों का स्कूल आना-जाना पूरी तरह बाधित हो गया है।
खस्ताहाल सड़क होने की वजह से न तो स्कूल बसें सही समय पर चल पा रही हैं और न ही अन्य परिवहन वाहन इस मार्ग का उपयोग करने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं।सुबह 8 से शाम 5 बजे तक नो-एंट्री लगाने की मांगआवेदन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में शिक्षा सत्र चालू है, जिसके कारण बच्चों को प्रतिदिन स्कूल और आम जनता को बाजार तथा कृषि संबंधी कार्यों के लिए आवागमन करना पड़ता है। जनहित और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जितेन्द्र खुटे ने कलेक्टर से मांग की है कि उक्त मार्ग पर सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक (नो-एंट्री) लगाई जाए।पूर्व में भी लागू किया गया था नियमपत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि इससे पूर्व भी तत्कालीन कलेक्टर द्वारा जनहित और तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए इस मार्ग पर दो महीने के लिए नो-एंट्री लगाई गई थी, जिससे आम जनता और स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिली थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस विषय पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी तत्परता से संज्ञान लेता है।