बेसहारा शिशु को मिला नया परिवार, दुबई के सतवानी दंपत्ति ने अपनाया नन्हा जीवन
प्रद्युम्न शुक्ल ब्यूरो चीफ कांकेर बिहान छत्तीसगढ़
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले की विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में रह रहे 07 माह के एक बेसहारा शिशु को आखिरकार ममता की नई छांव मिल गई। दुबई में निवासरत अप्रवासी भारतीय दंपत्ति श्री निखिल सतवानी एवं श्रीमती स्नेहा सतवानी ने विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को गोद लिया। मंगलवार को आयोजित दत्तक ग्रहण समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेष मंडावी ने दंपत्ति को बालक सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं।
जानकारी के अनुसार सतवानी दंपत्ति ने केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) में 25 मार्च 2022 को पंजीयन कराया था। प्रक्रिया के तहत बच्चे का रेफरल मिलने के बाद दंपत्ति ने एजेंसी पहुंचकर बालक से मुलाकात की और उसे तुरंत अपनाने का निर्णय लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चे की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों—मुस्कुराना, करवट बदलना, पलटना जैसी मासूम हरकतों—को बड़े स्नेह और उत्साह से जाना।
समारोह में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अनुकूल पाण्डे तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल की जाती है। अब तक एजेंसी के माध्यम से 60 बच्चों को कानूनी प्रक्रियातहत नया परिवार मिल चुका है। इनमें 21 बच्चों को छत्तीसगढ़, 31 बच्चों को देश के अन्य राज्यों तथा 08 बच्चों को विदेशों में दत्तक दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भारत में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संचालित होती है। इसके लिए इच्छुक दंपत्तियों को स्वास्थ्य, आयु, वैवाहिक स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित निर्धारित मानकों को पूरा करना होता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं कोई बेसहारा या अनाथ बच्चा मिले तो इसकी सूचना तत्काल जिला बाल संरक्षण इकाई या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि बच्चे को सुरक्षित भविष्य मिल सके।