गांव-गांव में ‘अवैध पेट्रोल का काला कारोबार’, मजबूरी में जनता से खुली लूट
किराना दुकानों और गुमटियों में खुलेआम बिक रहा पेट्रोल, सुरक्षा इंतजाम नदारद;सुध लेने वाला कोई नहीं
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों अवैध पेट्रोल बिक्री का काला खेल तेजी से फैलता नजर आ रहा है। गांव-गांव की किराना दुकानों, गुमटियों और ढाबों में खुलेआम प्लास्टिक की बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल बेचा जा रहा है। पेट्रोल पंप दूर होने और अचानक जरूरत पड़ने की मजबूरी का फायदा उठाकर दुकानदार लोगों से तय कीमत से कहीं ज्यादा रकम वसूल रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किराना दुकान, गुमटियों ऐसे कई जगहों पर पेट्रोल 180 से 200 सौ रुपए मनमाने दामों में बेचा जा रहा है। मजबूरी में लोग ज्यादा कीमत चुकाने को विवश हैं, जबकि यह पूरा कारोबार बिना किसी लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ज्वलनशील पेट्रोल भीड़भाड़ वाले दुकानों में खुलेआम रखा जा रहा है,
जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई से बच रहा है। बिना अनुमति पेट्रोल का भंडारण और बिक्री पूरी तरह अवैध होने के बावजूद यह कारोबार धड़ल्ले से जारी है। प्रशासनिक चुप्पी अब लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है।
“मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़”
विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल रखना बेहद खतरनाक माना जाता है। भीषण गर्मी और लापरवाही के बीच एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आगजनी और जनहानि में बदल सकती है। इसके बावजूद गांवों में खुलेआम चल रहा यह अवैध कारोबार प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ तत्काल छापेमार कार्रवाई कर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले इस खतरनाक कारोबार पर रोक लगाई जा सके।