राजनीति

छत्तीसगढ़ में नई तबादला नीति...कांग्रेस ने खड़े किए सवाल

रायपुर

छत्तीसगढ़ में 2025 नई तबादला नीति को भी मंजूरी मिल गई है। इस ट्रांसफर नीति को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, नई ट्रांसफर पॉलिसी छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को लूटने का काम करेगी। अब सभी मंत्रियों के घरों में भ्रष्टाचार की दुकान खुल गई है। 

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, युक्तियुक्तकरण कर यह स्कूलों को बंद कर रहे हैं। स्कूल का सैटअप भी ठीक से नहीं कर रहे, तो नई ट्रांसफर नीति से आप ट्रांसफर कैसे करेंगे ? प्रदेश में सबसे बड़ा अमला शिक्षा विभाग का है।

शिक्षा विभाग को ही तहस-नहस किया जा रहा है। अभी तक काउंसलिंग भी पूरी नहीं की है। काउंसलिंग और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार चरम पर है। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग में भर्रा-शाही चल रही है। वही जो ट्रांसफर नीति लागू की गई मैं समझता हूं कि सरकार प्रदेश के कर्मचारियों को लूटने के लिए एक नई दुकान फिर से शुरू कर दी है।

दीपक बैज ने कहा कि, जातिगत जनगणना करने की मांग और दबाव सबसे पहले हमारे नेता राहुल गांधी और खड़गे ने बनाया। वे लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता पहले जी भर के उन्हें कोसते रहे। लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस की बातों पर सहमति जातते हुए जातिगत जनगणना करने का निर्णय लिया।

बैज ने कहा कि केन्द्र सरकार 2027 से जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की है। आखिर क्या कारण है कि इतना लंबा पीरियड क्यों लिया जा रहा है। वैसी भी जो जनगणना 2021 में होनी चाहिए थी आप 4 साल पीछे चल रहे। अब 2027 से जनगणना करने की बात कर रहे है । सरकार को इसे एक साल में पूरा करना चाहिए। लेकिन केन्द्र सरकार नहीं चाहती की जातिगत जनगणना हो इसी का नतीजा है कहीं ना कहीं इसको लंबा खींचकर टाला जा रहा है।

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