26 करोड़ का धान बर्बाद, बैज ने दिखाया मरा चूहा
रायपुर
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अब तक 26 करोड़ का धान खराब हो चुका है। कवर्धा जिले में चूहे-दीमक और बारिश से 7 करोड़ का धान खराब हुआ था। जशपुर में 7 करोड़ का धान गायब होने का मामला सामने आया था।
अब PCC चीफ बैज ने आरोप लगाया है कि बस्तर में 1.46 लाख क्विंटल धान खराब हुआ है। बस्तर के धान खरीदी केंद्र में दीपक बैज ने 2 मरे हुए चूहे को दिखाते हुए कहा कि ये चूहे बस्तर पहुंचते-पहुंचते मर गए। वहीं, राजधानी रायपुर में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने खाद्य मंत्री को चूहा पकड़ने वाला पिंजरा भी सौंपा है।
इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि देश को चूहा बनकर 50 साल तक कुतरने वाले और प्रदेश को दीमक की तरह चाटने वाले कौन हैं, ये जनता जानती है। इसलिए कांग्रेसी ये सब प्रोपेगेंडा फैलाना बंद करे।
छत्तीसगढ़ में धान खराब होने के मामले में कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। बस्तर में धान संग्रहण केंद्र में निरीक्षण पर पहुंचे PCC चीफ दीपक बैज ने हाथ में मरा हुआ चूहा दिखाते हुए कहा कि ये चूहा कवर्धा, जशपुर और महासमुंद से धान खाकर यहां पहुंचा है इसलिए मर गया।
बैज ने तंज कसा कि यहां जो चूहे मिले हैं वह बीजेपी के हैं, कहीं आने वाले समय में 100 करोड़ का धान ना खा ले। वहीं, उन्होंने 1.46 लाख क्विंटल धान खराब होने का आरोप भी लगाया।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में धान खराब होने के मामलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। 14 जनवरी को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राज्य के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को ‘चूहा पिंजरा जाली’ भेंट करने पहुंचे थे।
उनका कहना है कि अगर सरकार के अनुसार धान चूहों और दीमक से खराब हुआ है, तो फिर भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।
जिला विपणन अधिकारी हरीश शर्मा ने इस संबंध में सफाई देते हुए कहा है कि कुल 20 हजार क्विंटल में से लगभग 16 हजार क्विंटल धान का डिलीवरी ऑर्डर (DO) कट चुका है और राइस मिलर्स इसे उठाने को तैयार हैं।
कवर्धा में चारभांठा और बघर्रा धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान MSP में खरीदे गए 26 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज मिला। जांच में इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का दावा है कि 26 हजार क्विंटल धान चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की मार से नष्ट हुआ है।
जांच के दौरान दोनों धान खरीदी केंद्रों में फर्जी एंट्री, फर्जी बिल, मजदूरों की फर्जी हाजिरी और CCTV कैमरे से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। शिकायत सही पाए जाने के बाद बाजार चारभांठा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रीतेश पांडे को हटा दिया गया है।
महासमुंद में करोड़ों रुपए का धान सही समय पर उठाव नहीं होने से सूख चुका है। जिले के पांच धान संग्रहण केंद्रों में धान सूखने की जानकारी सामने आई है, जिससे शासन को करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।
जिले में विपणन वर्ष 2024-25 में 182 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 11 लाख 4 हजार 273 टन से ज्यादा धान खरीदा गया था। धान उपार्जन केन्द्रों से 2 लाख 28 हजार 887.52 टन धान जिले के पांच संग्रहण केन्द्रों महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली में रखा गया था।
धान खरीदी बंद होने के 10 महीने तक धान संग्रहण केंद्रों से जिले के राइस मिलर्स समेत दूसरे जिलों के राइस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग की। कस्टम मिलिंग में 8211.64 टन धान का शॉर्टेज आया। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।