राजनीति

साय कैबिनेट की मीटिंग...2025 तबादला नीति को मंजूरी:

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में 9 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें प्रशासनिक सुधार, संस्कृति, खेल, आवास और पर्यटन से जुड़े फैसले शामिल हैं। बैठक में 2025 नई तबादला नीति को भी मंजूरी दी गई है।

इसके साथ ही मीटिंग में कई नामों को बदलने के प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इसमें ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम बदलकर 'कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा' कर दिया गया है। वहीं आदिवासी क्षेत्रों में नई होम-स्टे नीति को भी मंजूरी दी गई है

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी नई ट्रांसफर नीति के तहत 6 जून से 13 जून तक आवेदन कर सकते हैं। जिला स्तर पर 14 से 25 जून तक प्रभारी मंत्री की अनुमति मंजूरी मिलेगी। वहीं राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से ट्रांसफर होंगे।

इस नीति में दो साल की न्यूनतम सेवा जरूरी होगी। गंभीर बीमारी, दिव्यांग या रिटायरमेंट से पहले एक साल बाकी रहने पर विशेष छूट मिलेगी। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में खाली पदों को भरने के लिए स्पेशल फोकस रहेगा। सरकार ने शहरों में निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ते भूखंड उपलब्ध कराने के लिए "किफायती जन आवास नियम 2025" को भी मंजूरी दी। इससे लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों में जमीन मिलेगी और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी। राज्य सरकार ने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 'छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान' योजना शुरू करने का निर्णय भी लिया है। इस योजना के तहत हर साल राज्य के एक युवा और एक संस्था को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार दिया जाएगा।

खेल प्रशिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्था पटियाला से डिप्लोमा की अनिवार्यता को एक साल के लिए शिथिल किया गया है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30” को मंजूरी दी गई है।

Leave Your Comment

Click to reload image