भूपेश बघेल की दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठक
झीरम कांड पर बोले- सरकार SIT से जांच क्यों नहीं करा रही
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल आज दिल्ली दौरे पर हैं। वे राहुल गांधी से आज बैठक करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने झीरम कांड और पहलगाम की घटना को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने झीरम कांड पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद भी साय सरकार SIT से जांच क्यों नहीं करा रही है। वहीं पहलगाम घटना पर कहा- हमारे 26 लोगों की जाने गई हैं। आज भी उनका परिवार सदमें से उबर नहीं पाया है। जिन पांच आतंकियों ने निर्दोष लोगों की हत्या की आज भी वे नहीं पकड़ाए है। ऑपरेशन सिंदूर होने के बाद भी वह आतंकी पकड़े नहीं गए हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि जब हमारी सेना के सामने पाकिस्तान की सेना को घुटने टेकने वाली थी ऐसे समय में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कैसे सीजफायर की घोषणा कर दी है। हमारी सरकार और प्रधानमंत्री ने एक भी शब्द नहीं कहा। यह सारे सवाल तो पूछे जाएंगे। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के मंत्री और नेता सेना और सेना के अधिकारियों को खिलाफ कुछ भी कह रहे हैं। भाजपा के नेताओं पर कंट्रोल नहीं है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पूरे देश और सेना को मोदी जी के सामने नतमस्तक कर दिए हैं। सेना के अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे जा रहे हैं। लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
झीरम कांड को लेकर पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि हमने SIT गठन किया, लेकिन NIA कोर्ट गई। हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट से अनुमित मिलने के बाद भी बाद राज्य सरकार SIT से सरकार जांच क्यों नहीं करा रही?
पूर्व सीएम बघेल के बयान पर पूर्व मंत्री व विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि 5 साल तक लगातार वे इस मामले पर राजनीति करते रहे। आज भी झीरम राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। जब वे सीएम थे, मैं विधानसभा में यही बात बोला करता था। जब सरकार में मैं मंत्री था, उस दौरान भी मैंने इस मामले में सीबीआई जांच की घोषणा की थी। जिस तरह से जैसी जांच होनी है, उसे होने दीजिए।
पिछले 5 सालों में भूपेश बघेल ने क्या किया, कितनी बार SIT बैठक हुई, क्या किया गया। पिछले 5 साल में भूपेश बघेल ने क्या किया उन्हें यह बताना चाहिए।
जब वे विपक्ष में थे तब कहते थे कि झीराम के सबूत जेब में है, लेकिन हमने उनसे कहा है था कि आपके पास सबूत हैं तो उसे विधानसभा में से रखें। अगर उनके पास झीरम के सबूत हैं, तो वे रात को उसे पढ़ते हैं और फिर उसे वापस रख लेते हैं।
भूपेश बघेल के घर कई बार एजेंसी गई थी, लेकिन उनके घर और उनकी जेब से सबूत बरामद नहीं हुआ। बहुत सारी दूसरी चीज बरामद हुई, लेकिन झीराम के सबूत बरामद नहीं हुए। शायद उनकी जेब में यह सिर्फ बयान देने के लिए 24 घंटे रहता है।