राजनीति

बीजेपी बोली- भूपेश कुशासन में बांग्लादेशियों को मिली पनाह

रायपुर

दुर्ग में पहचान छिपाकर रहने वाले बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की एक टीम को बांग्लादेशी-पाकिस्तानी नागरिकों को ढूंढने का काम दिया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कामों की जानकारी प्रदेश के गृहमंत्री ले रहे हैं। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पुलिस टीम ढूंढ रही है। केंद्र सरकार से भी इस मामले में मदद ली जा रही है।

फरवरी में रायपुर पुलिस ने तीन बांग्लादेशी भाइयों को पकड़ा है। ये जेल में हैं। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोहम्मद इस्माइल (27), शेख अकबर (23) और शेख साजन (22) ने अलग-अलग देशों में संपर्क साधा था। 10 फरवरी को रायपुर में अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। तीनों भाई फर्जी पासपोर्ट के जरिए इराक के बगदाद भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ATS की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर उन्हें दबोच लिया।

दुर्ग पुलिस की STF ने हाल ही में बांग्लादेशी कपल को गिरफ्तार किया है। भिलाई में पत्नी घरेलू काम करती थी और पति इंडस्ट्रीज में काम करता था। STF प्रभारी सत्य प्रकाश तिवारी के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली कि सुपेला के कांट्रैक्टर कॉलोनी में एक महिला और पुरुष अवैध तरीके से पहचान छिपाकर रह रहे हैं। दोनों बांग्लादेश के निवासी हैं और भारत जिस वीजा पासपोर्ट से आए थे, वो एक्सपायर हो गया है। जब उनके दस्तावेजों की जांच कर उनसे पूछताछ की गई तो महिला ने अपना नाम ज्योति बताया और उसके पति ने अपना नाम रासेल शेख बताया। जब पुलिस ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि महिला का असली नाम शाहिदा खातून (35 साल) है। वो यहां अपना नाम (ज्योति) बदलकर भिलाई में किराए के मकान में रह रही है।

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