राजनीति

मुंगेली: कांग्रेस का “वोट चोर-गद्दी छोड़” कार्यक्रम सवालों के घेरे में, भीड़ जुटाने पर मचा बवाल

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ मुंगेली (बिहान छत्तीसगढ़ ) 

प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने के लिए मंगलवार को मुंगेली में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम “वोट चोर-गद्दी छोड़” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। लेकिन कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा उसके आयोजन को लेकर उठे सवालों की रही। आरोप है कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए पैसे बांटे और महिलाओं व मजदूरों को लालच देकर बुलाया। इस वजह से कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े हो गए हैं और पूरा आयोजन विवादों में घिर गया है।
कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश अपमानित कर सत्ता में बने रहना लोकतंत्र की हत्या है। अब समय आ गया है कि जनता अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए। पायलट ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस ही जनता की सच्ची आवाज बनेगी और भविष्य में बेहतर विकल्प साबित होगी। उनके भाषण के दौरान मंच पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस के कई नेता और स्थानीय पदाधिकारी भी लगातार भाजपा पर हमलावर रहे।
लेकिन इसी बीच कार्यक्रम की चमक उस वक्त फीकी पड़ गई जब भीड़ जुटाने के तरीके पर सवाल खड़े होने लगे। सूत्रों के मुताबिक एक वायरल वीडियो जिसकी पुष्टि बिहान छत्तीसगढ़ नई करता है । कांग्रेस नेताओं ने भीड़ बढ़ाने के लिए मजदूरों और महिलाओं को पैसे देकर बुलाया। कि कांग्रेस नेता हेमेंद्र गोस्वामी और दिलीप सोनी ने अलग-अलग इलाकों से लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए 100-200 रुपये दिए थे।

यही नहीं, कुछ महिलाओं ने 300 रुपये तक की मांग की, जबकि बच्चों को भी भीड़ का हिस्सा बनाने के लिए जबरन लाया गया। मौके पर मौजूद कई महिलाओं और मजदूरों ने मीडिया से बातचीत में खुद यह बात स्वीकार की कि उन्हें पैसे का लालच देकर बुलाया गया। उनका कहना था कि बुलाने वालों ने उन्हें रोजी-रोटी और मेहनताना देने का वादा किया था। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि लोग भाजपा सरकार की नीतियों से तंग आकर स्वेच्छा से कार्यक्रम में शामिल हुए।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम को लेकर एक और विवाद सामने आया।  कांग्रेस ने जहां बड़े मंच से शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश की, वहीं स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई कि कृषि उपज मंडी परिसर में स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को माला अर्पण तक नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि कांग्रेस नेताओं ने जिस धरती पर कार्यक्रम किया, वहां की महतारी को सम्मान नहीं दिया, यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता का अपमान है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस को ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता दोनों दिखानी चाहिए। सचिन पायलट की मौजूदगी ने जरूर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया, लेकिन भीड़ जुटाने के लिए रुपये बांटने और छत्तीसगढ़ महतारी की उपेक्षा जैसे मुद्दों ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है।


कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को अपनी ताकत का प्रदर्शन बताया, लेकिन हकीकत यह है कि भीड़ जुटाने की रणनीति ने पार्टी की गंभीरता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। विपक्ष को घेरने की बजाय कांग्रेस खुद कटघरे में खड़ी हो गई है। कुल मिलाकर, मुंगेली का यह कार्यक्रम कांग्रेस के लिए उतना फायदेमंद साबित नहीं हुआ जितनी उम्मीद की गई थी। सचिन पायलट का जोश और भाषण जहां कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर गया, वहीं रुपये बांटकर भीड़ जुटाने और छत्तीसगढ़ महतारी को नजरअंदाज करने जैसी चूक ने कांग्रेस की किरकिरी करा दी।

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