राजनीति

मस्जिदों में ध्वजारोहण का आदेश भाजपा का प्रोपेगेंडा-PCC चीफ

मस्जिदों में तिरंगा फहराने के वक्फ बोर्ड के आदेश को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे बीजेपी का नया राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया है। उन्होंने कहा, अब तक किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या गिरजाघर पर झंडा नहीं फहराया गया है, तो फिर इस तरह का फरमान क्यों।

बैज ने कहा कि झंडा फहराने के लिए हर नागरिक स्वतंत्र है। झंडा फहराने के बाद हर व्यक्ति गौरवान्वित महसूस करता है। लेकिन मस्जिदों में झंडा फहराने जैसा आदेश देना एक तरह का राजनीतिक प्रोपेगेंडा है। उन्होंने भाजपा के 'हर घर तिरंगा' अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी इस अभियान को बढ़ावा देने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है।

उन्होंने सवाल उठाया, क्या हमारे देश और प्रदेश की जनता को खुद से तिरंगा लगाने का अधिकार नहीं है? फिर भाजपा क्यों तिरंगा बांट रही है? बैज ने कहा कि देशभक्ति कोई पार्टी बांट नहीं सकती, तिरंगा हर भारतीय का गौरव है, और जनता उसे खुद ही फहरा सकती है।

बैज ने कहा कि यह साफ दिखता है कि भाजपा एक नया राजनीतिक प्रोपेगेंडा चला रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी आरएसएस मुख्यालय में 52 साल तक तिरंगा नहीं फहराती रही, आज वही देशभक्ति का पाठ पढ़ा रही है।

पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी की सरकार में वोट चोरी का मामला साफ हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का चार-चार बूथों में नाम, फर्जी वोटर कार्ड, एक घर में 80 वोटर ये सब क्या है?

बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को भी भरोसा नहीं था कि उनकी सरकार बन जाएगी, रिजल्ट भी अनएक्सपेक्टेड था। इसका भी परीक्षण होना चाहिए।

बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में वोट चोरी की घटनाओं की जांच कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एक साथ चार-पांच राज्यों में चुनाव होते हैं, तो भाजपा चुनाव आयोग से सांठगांठ कर अपने पक्ष में नतीजे प्रभावित करती है। बैज ने कहा, भाजपा एक राज्य को छोड़ बाकी सभी राज्यों में सत्ता पाने की चाल चलती है, ताकि विपक्ष सवाल न उठा सके।

बैज ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए, लेकिन बीजेपी जवाब दे रही है। क्या बीजेपी चुनाव आयोग की प्रवक्ता है? उन्होंने कहा कि बीजेपी मुद्दों से भटकाने और ध्यान बांटने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है, जबकि चुनावी गड़बड़ियों पर कोई ठोस जवाब नहीं दे रही।

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