राजनीति

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री साय

जांजगीर-चांपा/

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 7 अगस्त को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी

और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है

, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।
   उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


नन्ही सृष्टि को गोद में उठाकर मुख्यमंत्री साय ने रच दिया अपनत्व और स्नेह का अविस्मरणीय पल

 

      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। अपने जिला आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।
      किसान योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। सृष्टि के पिता ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री के आने की खबर सुनकर उन्होंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलाए। जब मुख्यमंत्री ने उसे गोद में उठाया, तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों के लिए यह पल जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता संदेश के साथ शपथ पोस्टर पर किए हस्ताक्षर

    बैठक में मुख्यमंत्री आगमन के दौरान पारंपरिक पंथी नृत्य की प्रस्तुति के साथ मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया।
      मुख्यमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। इस दौरान स्व-सहायता समूह की स्वच्छता दीदियों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं अतिथियों को तिरंगा राखी बांधी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्वच्छता शपथ पोस्टर पर हस्ताक्षर भी किए। इस वर्ष स्वच्छ भारत अभियान के तहत‘‘स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग’’ के तहत मनाया जा रहा है, इसमें  हर नागरिक को स्वच्छता को अपने जीवन में अपनाने की अपील की जा रही है। स्वागत कार्यक्रम के दौरान जिले के पामगढ़ विकासखंड के मलखंभ खिलाड़ियों ने अद्भुत शारीरिक संतुलन व परंपरागत कला का शानदार प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के उत्साह व समर्पण की सराहना की।

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