अमीरों के लिए आवास गरीबों के लिए दूतावास
ज़िला जांजगीर चांपा जांजगीर जिला मुख्यालय से एक किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत मुन्नूद में प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठ रहे सवाल, गरीबों को नहीं मिल रहा लाभ। आरोप है कि पैसों के खेल में अमीरों को आवास मिल रहा है, जबकि असली जरूरतमंद आज भी टूटी-फूटी झोपड़ी में जिंदगी काटने को मजबूर हैं।
अति गरीब तीज राम यादव वर्षों से आवास की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिला। हालत इतनी खराब है कि उनका मकान कभी भी क्षतिग्रस्त होकर बड़ा हादसा कर सकता है। आखिर अगर किसी गरीब के साथ अनहोनी होती है तो इसकी जवाबदारी कौन लेगा?
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच रहा, बल्कि पैसे और पहुंच वालों को प्राथमिकता दी जा रही है। गरीबों को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि सरकारी योजनाओं का असली हकदार दर-दर भटकने को मजबूर है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ अमीरों के लिए रह गई है? क्या गरीबों को सुरक्षित छत मिलना सिर्फ कागजों तक सीमित है? प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल जरूरतमंद परिवार को आवास उपलब्ध कराए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था जाग सके।